बरेली में किच्छा नदी का रौद्र रूप: बहेड़ी में अचानक आया सैलाब, मेगा फूड पार्क में घुसा पानी
रेली/बहेड़ी: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में लगातार बारिश के बीच किच्छा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। बहेड़ी क्षेत्र में मंगलवार रात अचानक नदी का पानी बढ़ने के बाद मेगा फूड पार्क के अंदर बाढ़ का पानी पहुंच गया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है।
गौला बैराज से छोड़ा गया 27 हजार क्यूसेक पानी
जानकारी के अनुसार उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण गौला बैराज का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया था। सुरक्षा के मद्देनजर बैराज के फाटक खोले गए और करीब 27 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
इस पानी का असर किच्छा नदी पर पड़ा और नदी में अचानक तेज बहाव आ गया। इसके बाद बहेड़ी क्षेत्र में नदी का जलस्तर बढ़ने लगा।
मेगा फूड पार्क में घुसा नदी का पानी
तेज बहाव के कारण मेगा फूड पार्क की तरफ नदी का कटान बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने के साथ पानी नदी की सीमा से बाहर निकलकर पार्क परिसर में पहुंच गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, पार्क की सुरक्षा के लिए नदी किनारे पहले ही करोड़ों रुपये खर्च कर पिचिंग कराई गई थी, लेकिन तेज बहाव और बढ़ते कटान के सामने यह व्यवस्था कमजोर पड़ गई।
नदी का रुख नहीं बदला, लेकिन बढ़ गया कटान
प्रशासन के अनुसार नदी ने अपना मुख्य रुख नहीं बदला है, लेकिन मेगा फूड पार्क की ओर कटान और जलस्तर बढ़ने से ओवरफ्लो की स्थिति बनी।
तेज बहाव के कारण नदी का पानी पार्क की सीमा तक पहुंच गया, जिसके बाद प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।
अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों ने लगाए आरोप
ग्रामीणों ने नदी में कथित अवैध बालू खनन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन और कथित विभागीय मिलीभगत के कारण नदी का तल अधिक गहरा हो गया, जिससे कटान बढ़ा और बाढ़ की स्थिति गंभीर हुई।
हालांकि, ये ग्रामीणों के आरोप हैं और इनके संबंध में स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
एसडीएम रात से मौके पर मौजूद
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बहेड़ी के एसडीएम गोपाल शर्मा राजस्व विभाग की टीम के साथ मंगलवार रात से मेगा फूड पार्क क्षेत्र में मौजूद रहे।
प्रशासन की टीम नदी के जलस्तर और पानी के बहाव पर लगातार नजर रख रही है। प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव की तैयारी भी रखी गई है।
नदी किनारे गांवों में मुनादी कराकर अलर्ट
प्रशासन ने किच्छा नदी के किनारे बसे गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और नदी के आसपास अनावश्यक रूप से न जाने की अपील की गई है। प्रशासन की टीमें स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं।
भविष्य में बाढ़ से बचाने के लिए बनेगा तटबंध
अधिकारियों के मुताबिक किच्छा नदी पहले भी बाढ़ और कटान की स्थिति पैदा कर चुकी है। भविष्य में मेगा फूड पार्क को नदी के बढ़ते जलस्तर और कटान से बचाने के लिए स्थायी तटबंध बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है।
इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी भी सामने आई है। प्रस्तावित तटबंध का उद्देश्य पार्क को भविष्य में बाढ़ के पानी और कटान से सुरक्षित रखना है।
रामगंगा नदी भी खतरे के निशान से ऊपर
बरेली जिले में सिर्फ किच्छा नदी ही नहीं, बल्कि रामगंगा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। रिपोर्ट के अनुसार रामगंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई है।
मीरगंज तहसील प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया है। ग्रामीणों को नदी किनारे न जाने और अपने पशुओं को भी नदी में न ले जाने की सलाह दी गई है।
14 बाढ़ चौकियां सक्रिय, 24 घंटे कंट्रोल रूम
बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए मीरगंज तहसील में 14 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। तहसील भवन में 24 घंटे संचालित होने वाला कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।
प्रशासन का कहना है कि नदियों के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर राहत-बचाव की कार्रवाई की जाएगी।
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