Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पालतू गाय के कथित कटान का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला स्योहारा थाना क्षेत्र के सदाफल गांव का है। पुलिस के मुताबिक, एक व्यक्ति अपनी पालतू गाय को जंगल की ओर ले गया था और बाद में गांव में बताया कि उसने गाय को वहीं छोड़ दिया। जांच के दौरान पुलिस ने जंगल से गोवंशीय अवशेष बरामद किए और मामले में सात लोगों की कथित संलिप्तता सामने आई।
जंगल में मिले गोवंशीय अवशेष
पुलिस के अनुसार, 10 सितंबर को स्योहारा पुलिस को सदाफल गांव के जंगल में गोवंशीय अवशेष मिलने की शिकायत मिली। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से अवशेष बरामद किए और उन्हें वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) भेज दिया। पुलिस का कहना है कि FSL रिपोर्ट से बरामद अवशेषों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों की पुष्टि में मदद मिलेगी।
पालतू गाय को जंगल ले जाने का आरोप
पुलिस की जांच के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल फरियाद पर अपनी पालतू गाय को जंगल ले जाने का आरोप है। पुलिस का दावा है कि उसने छह अन्य लोगों के साथ मिलकर कथित तौर पर गाय का कटान किया।
इसके बाद गांव में यह बात कही गई कि गाय को जंगल में छोड़ दिया गया है और अब उसे नहीं पाला जाएगा। पुलिस जांच में इसी घटनाक्रम को मामले की अहम कड़ी माना जा रहा है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
मांस बेचने का भी आरोप
पुलिस के मुताबिक, कथित कटान के बाद मांस को छोटे-छोटे पैकेट में भरकर गांव और आसपास के इलाकों में बेचने की बात सामने आई है।
पुलिस इस दावे से जुड़े साक्ष्यों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में बरामद वस्तुओं और अन्य सबूतों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
कटान के औजार बरामद होने का दावा
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान कथित तौर पर पशु कटान में इस्तेमाल होने वाले कुछ औजार बरामद किए हैं। इनमें एक कुल्हाड़ी, एक चापड़, तीन छुरियां, लकड़ी का गट्टा और रस्सी के दो टुकड़े शामिल बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, इन वस्तुओं को मामले में साक्ष्य के तौर पर शामिल किया गया है। बरामद गोवंशीय अवशेषों को FSL भेजे जाने के बाद वैज्ञानिक रिपोर्ट भी जांच में महत्वपूर्ण होगी।
सात लोगों को किया गया गिरफ्तार
पुलिस ने 11 सितंबर को मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान फरियाद, शराफत, छोटू उर्फ सुहैल, बाबू, नन्हे उर्फ इस्लामुद्दीन, अशरफ उर्फ चुन्नू और एहसान के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी सदाफल गांव के रहने वाले हैं। मामले में गोवध निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
फरियाद का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मुख्य आरोपी बताए जा रहे फरियाद के खिलाफ पहले भी एक मामला दर्ज हो चुका है। वर्ष 2022 में स्योहारा थाने में उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
वर्तमान मामले में पुलिस ने गोवध निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
FSL रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने बरामद गोवंशीय अवशेषों को FSL भेज दिया है। अब वैज्ञानिक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बरामद अवशेषों से जुड़े तथ्य क्या हैं।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ घटनास्थल और बरामद सामान की भी जांच कर रही है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगी।