गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा में बर्तन व्यापारी विनोद कुमार सहनी की हत्या के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। निषाद समाज से जुड़े व्यापारी की मौत के बाद परिजनों और समर्थकों में आक्रोश है। इसी मामले में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद अपनी ही सरकार के खिलाफ कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए।
संजय निषाद ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, परिवार को मुआवजा और पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने समेत कई मांगें उठाईं। प्रशासन की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद उनका धरना समाप्त हुआ।
व्यापारी की मौत के बाद बढ़ा आक्रोश
विनोद कुमार सहनी गोंडा के परसपुर क्षेत्र के रेक्सड़िया गांव के रहने वाले थे और बर्तन का कारोबार करते थे। पुलिस के अनुसार, बुधवार रात दुकान बंद करके घर लौटते समय उन पर कुछ लोगों ने हमला किया।
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर विवाद हुआ था और इसी के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने उनके साथ मारपीट की। गंभीर रूप से घायल विनोद को इलाज के लिए लखनऊ के KGMU ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है।
अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे संजय निषाद
घटना के बाद निषाद समाज में नाराजगी को देखते हुए मंत्री संजय निषाद गोंडा पहुंचे। उन्होंने पहले अधिकारियों से मुलाकात की और इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए।
संजय निषाद ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के मामले में सरकार को जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सहायता देने की मांग रखी।
करीब एक किलोमीटर पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचे मंत्री
रिपोर्टों के मुताबिक, संजय निषाद और उनके समर्थक सर्किट हाउस से कलेक्ट्रेट की ओर पैदल रवाना हुए। रास्ते में समर्थकों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद मंत्री धरने पर बैठ गए। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने उनसे बातचीत की और उनकी मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद धरना समाप्त किया गया।
डीएम ने जमीन पर बैठकर की बातचीत
धरने के दौरान जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने संजय निषाद से बातचीत की। एक रिपोर्ट के मुताबिक, डीएम ने जमीन पर बैठकर मंत्री से वार्ता की और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रशासन के आश्वासन के बाद संजय निषाद ने धरना समाप्त किया और मृतक के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
अंतिम संस्कार को लेकर भी बना रहा तनाव
विनोद सहनी का शव उनके गांव पहुंचने के बाद परिजनों और समर्थकों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। परिवार की मांग थी कि जब तक मंत्री संजय निषाद मौके पर नहीं पहुंचते, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन भी किया। प्रशासन के अधिकारी उन्हें समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन परिवार अपनी मांग पर अड़ा रहा। बाद में संजय निषाद के पहुंचने और प्रशासन की ओर से कार्रवाई का लिखित भरोसा दिए जाने के बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुआ।
पुलिस पर लापरवाही के आरोप, तीन पुलिसकर्मी निलंबित
मामले में पुलिस प्रशासन पर भी लापरवाही के आरोप लगे। इसके बाद परसपुर थाने के थाना प्रभारी कमल शंकर चतुर्वेदी, शाहपुर चौकी प्रभारी अंकित सिंह और बीट कांस्टेबल अभिमन्यु भारती को निलंबित कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है। इस कार्रवाई को मामले में पुलिस की कथित लापरवाही को लेकर उठे सवालों से जोड़कर देखा जा रहा है।
संजय निषाद ने उठाई NSA और गैंगस्टर एक्ट की मांग
मंत्री संजय निषाद ने आरोपियों के खिलाफ सामान्य कार्रवाई के बजाय सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग भी रखी।
इसके अलावा उन्होंने पीड़ित परिवार को मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
अखिलेश यादव ने भी परिवार से की बात
इस मामले पर विपक्ष की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मृतक के बेटे राजा सहनी से फोन पर बात कर परिवार को समर्थन का भरोसा दिया।
सपा नेता काजल निषाद भी गोंडा पहुंचीं और मृतक के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
पुलिस ने क्या कहा?
गोंडा पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक सामग्री को लेकर विवाद सामने आया है। पुलिस का कहना है कि इसी विवाद के बाद कुछ लोगों ने विनोद पर हमला किया।
पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की है और बाकी आरोपियों की तलाश के लिए टीमें लगाई गई हैं। पुलिस ने सोशल मीडिया पर अफवाह या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री के प्रसार को लेकर भी सख्ती बरतने की बात कही है।
मामले में आगे क्या?
विनोद सहनी हत्याकांड के बाद राजनीतिक और सामाजिक दबाव बढ़ गया है। एक तरफ पुलिस ने गिरफ्तारियां और पुलिसकर्मियों के निलंबन की कार्रवाई की है, वहीं मंत्री संजय निषाद ने मामले में और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि हमले की पूरी वजह क्या थी, घटना में कितने लोग शामिल थे और बाकी आरोपियों की भूमिका क्या रही। पुलिस की जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई से मामले की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
नोट: इस खबर में पुलिस, प्रशासन, राजनीतिक नेताओं और अन्य पक्षों के दावों को उनके बयानों के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।