कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक दलित परिवार की शिकायत के बाद धर्म परिवर्तन के कथित दबाव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गुजैनी इलाके के वरुण बिहार में एक परिवार ने आरोप लगाया है कि उसके घर के अंदर बने छोटे मंदिर के पास मजार जैसी संरचना बनाई गई और बाद में परिवार पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी पत्नी को जबरन बुर्का पहनाने की कोशिश की गई और विरोध करने पर परिवार के साथ मारपीट की गई। शिकायत सामने आने के बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता थाने पहुंचे और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि कई अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। मामले में कथित पुलिस लापरवाही को लेकर एक दरोगा को निलंबित भी किया गया है।
करीब दो साल पहले खरीदी थी जमीन
शिकायतकर्ता सोनू जाटव मूल रूप से जालौन का रहने वाला बताया गया है। उसके मुताबिक, करीब दो साल पहले उसने गुजैनी इलाके में शिबू खान नाम के व्यक्ति से 40 हजार रुपये में जमीन खरीदी थी। इसके बाद उसने वहां कमरा बनाकर अपने परिवार के साथ रहना शुरू किया।
सोनू का दावा है कि घर बनाने के कुछ समय बाद उसके बच्चों की तबीयत खराब रहने लगी। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने उससे कथित तौर पर धार्मिक बातों को लेकर बातचीत शुरू की।
परिवार के आरोप के मुताबिक, इसी दौरान घर के कमरे में मौजूद छोटे मंदिर के पास मजार जैसी संरचना बना दी गई।
मजार हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद
सोनू का कहना है कि शुरुआत में उसने इस संरचना को लेकर ज्यादा विरोध नहीं किया, लेकिन बाद में जब उसने इसे हटाने की बात कही तो विवाद बढ़ गया।
उसका आरोप है कि उसे मजार हटाने पर गंभीर विवाद होने की चेतावनी दी गई और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
परिवार का कहना है कि जब उसने अपनी धार्मिक पहचान और पूजा-पद्धति को लेकर आपत्ति जताई तो दूसरे पक्ष के साथ उसका विवाद और बढ़ गया।
पत्नी को बुर्का पहनाने का भी आरोप
इस मामले में शिकायतकर्ता ने अपनी पत्नी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। सोनू का दावा है कि उसकी पत्नी रीता पर बुर्का पहनने का दबाव बनाया गया।
परिवार के मुताबिक, यह दबाव केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं था बल्कि उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए भी कथित तौर पर मजबूर किया जा रहा था।
इन आरोपों को लेकर पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि परिवार पर वास्तव में किस तरह का दबाव बनाया गया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
परिवार ने लगाया मारपीट का आरोप
सोनू के मुताबिक, सोमवार रात विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। उसका आरोप है कि शिबू खान और उसके साथियों ने उसके घर पर पहुंचकर उसके, उसकी पत्नी और तीन बच्चों के साथ मारपीट की।
इसके बाद सोनू शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचा। परिवार का आरोप है कि शुरुआत में उसकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
‘मजार मत तोड़ना, बवाल हो जाएगा’—दरोगा पर आरोप
शिकायतकर्ता ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका दावा है कि जब वह चौकी और थाने पहुंचा तो एक दरोगा ने उसे मामला शांत करने की सलाह दी और कथित तौर पर मजार नहीं तोड़ने को कहा।
सोनू के अनुसार, उसे यह भी कहा गया कि ऐसा करने पर बड़ा विवाद हो सकता है।
मामले की जानकारी हिंदू संगठनों और बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ताओं को मिलने के बाद वे मौके पर पहुंचे। इसके बाद थाने में हंगामा हुआ और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, एक आरोपी गिरफ्तार
विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। रिपोर्ट के मुताबिक, नामजद आरोपियों में समीम खान, वसीम, रीबू, शिबू, फुरखान, सोहेल खान और सुमित समेत कई नाम शामिल हैं।
पुलिस ने शिबू को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा चार अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
DCP दीपेंद्र नाथ चौधरी के अनुसार, मामले में एफआईआर दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और अन्य लोगों से पूछताछ जारी है। पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आने के बाद एक दरोगा को निलंबित किया गया है, जबकि चौकी प्रभारी की भूमिका की जांच की जा रही है।
जन्माष्टमी के दिन चादर चढ़ाने का भी दावा
परिवार ने एक और आरोप लगाया है। सोनू का दावा है कि जन्माष्टमी के दिन जब उसके घर में भगवान कृष्ण की पूजा चल रही थी, उसी दौरान शिबू अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा और कथित तौर पर मजार पर चादर चढ़ाई गई।
सोनू का कहना है कि इसी वजह से मंदिर और मजार को लेकर विवाद और बढ़ गया।
हालांकि, पुलिस अभी इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह भी है कि कथित मजार कब बनाई गई और इसे बनाने में किन लोगों की भूमिका थी।
इलाके में बढ़ाई गई पुलिस सुरक्षा
घटना के बाद गुजैनी के वरुण बिहार इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। स्थानीय स्तर पर किसी तरह का तनाव न बढ़े, इसके लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।
अधिकारियों ने दोनों पक्षों से जानकारी जुटाने के साथ स्थानीय लोगों से भी पूछताछ शुरू की है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।