कानपुर: दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में एक बार फिर बड़ा मोड़ सामने आया है। करीब 18 दिन बाद पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी बहू शालू और उसके पति सुब्रत का आमना-सामना कराया गया। पति को सामने देखते ही शालू भावुक हो गई और रोते हुए कथित तौर पर सुब्रत से सवाल किया कि उसे क्यों फंसाया जा रहा है। वहीं, सुब्रत ने इस सवाल का कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और चुप्पी साधे रहा।
पुलिस की जांच अब सुब्रत की भूमिका पर भी केंद्रित है। पूछताछ के दौरान उससे कई सवाल किए गए, जिनमें कुछ सवालों के जवाब देने में उसके लड़खड़ाने की बात सामने आई है। हालांकि, किसी आरोपी के खिलाफ आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।
18 दिन बाद हुआ शालू और सुब्रत का आमना-सामना
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान शालू और सुब्रत का करीब तीन बार आमना-सामना कराया गया। लंबे समय बाद पति को सामने देखकर शालू रो पड़ी और कथित तौर पर बोली, “तुम मुझे क्यों फंसाना चाहते हो?”
रिपोर्ट के अनुसार, सुब्रत ने शालू के सवाल का जवाब देने के बजाय अपना मुंह फेर लिया। इसके बाद पुलिस ने सुब्रत से अलग-अलग पूछताछ की और हत्या से जुड़ी उसकी भूमिका को लेकर सवाल किए।
20 से ज्यादा सवालों पर पुलिस ने की पूछताछ
पूछताछ के दौरान पुलिस ने सुब्रत से हत्या की साजिश, आरोपियों से संपर्क और वारदात से पहले की गतिविधियों से जुड़े कई सवाल किए। अमर उजाला के अनुसार, करीब 20 से अधिक सवालों के दौरान कुछ जवाबों में सुब्रत की स्थिति असहज दिखाई दी।
सुब्रत लगातार हत्या में अपनी भूमिका से इनकार करता रहा। उसका कहना बताया गया कि पुलिस उससे ऐसे सवाल कर रही है जिनका इस हत्याकांड से कोई संबंध नहीं है।
5 सितंबर को फ्लैट में हुई थी विनीत मिनोचा की हत्या
विनीत मिनोचा की 5 सितंबर की देर रात कानपुर के इंद्रानगर स्थित उनके फ्लैट में हत्या कर दी गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, कारोबारी पर चाकू से कई वार किए गए थे।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने उनकी बहू शालू, पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया था। बाद में जांच का दायरा विनीत के बेटे सुब्रत तक पहुंचा।
विशाल के बयान से बदली जांच की दिशा
जांच में अहम मोड़ तब आया जब पुलिस पूछताछ के दौरान पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम ने अपने बयान में बदलाव करते हुए सुब्रत का नाम लिया। पुलिस के मुताबिक, विशाल ने आरोप लगाया कि हत्या के लिए उसे सुब्रत ने कहा था और पकड़े जाने की स्थिति में शालू का नाम लेने को कहा गया था।
इसके बाद पुलिस ने विशाल के बयान का डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से मिलान किया। इसी जांच के आधार पर सुब्रत को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
डुप्लीकेट चाबी भी जांच का अहम हिस्सा
पुलिस की जांच में फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी भी महत्वपूर्ण कड़ी बनी हुई थी। पुलिस ने चाबी से जुड़े घटनाक्रम को समझने के लिए आरोपियों से पूछताछ की और वारदात से पहले की गतिविधियों को दोबारा समझने की कोशिश की।
अमर उजाला की पिछली रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस शालू से चाबी बनवाने और उसके बाद की गतिविधियों के बारे में भी पूछताछ कर रही थी।
पूछताछ के दौरान शालू की तबीयत भी बिगड़ी
पुलिस कस्टडी के दौरान शालू की तबीयत दो बार बिगड़ने की बात भी सामने आई। इसके बाद थाने में महिला डॉक्टर को बुलाया गया। उसकी निगरानी के लिए महिला पुलिसकर्मियों और होमगार्ड की तैनाती की गई थी।
पुलिस के सामने अब कई सवाल
विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में पुलिस के सामने अब कई अहम सवाल हैं—हत्या की साजिश कब और कैसे तैयार हुई, वारदात में किसकी क्या भूमिका थी, डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल किसने किया और आरोपियों के बीच किस तरह संपर्क हुआ।
पुलिस इन सवालों के जवाब आरोपियों के बयानों, डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर तलाश रही है।