कानपुर: कानपुर के कल्याणपुर में कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या की जांच में पुलिस पूछताछ के दौरान परिवार के आर्थिक विवाद, कर्ज और संपत्ति को लेकर आशंकाओं की बातें सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बेटे सुब्रत पर भारी कर्ज था और वह हर महीने की किस्तों को लेकर आर्थिक दबाव में था। इसी बीच पिता के कथित संबंधों और संपत्ति को लेकर उसके मन में आशंका पैदा होने की बात जांच में सामने आई है।
हालांकि, पुलिस जांच में सामने आए बयानों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
बेटे पर लाखों का कर्ज होने का दावा
पुलिस पूछताछ में सुब्रत ने कथित तौर पर बताया कि उस पर करीब 40 लाख रुपये का कर्ज था। रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी मासिक किस्त लगभग 55 से 56 हजार रुपये तक पहुंच गई थी, जबकि पिता की ओर से उसे हर महीने करीब 40 हजार रुपये खर्च के लिए मिलते थे।
सुब्रत के अनुसार, दोनों रकम के बीच अंतर को पूरा करने के लिए वह नया लोन लेता और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करता था। जांच में उसकी आर्थिक स्थिति और कर्ज से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है।
पिता के कथित संबंधों को लेकर भी उठे सवाल
पुलिस पूछताछ में सुब्रत और उसके साथी की ओर से विनीत मिनोचा के कुछ महिलाओं के साथ कथित संबंधों का दावा किया गया है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि इन निजी विवादों का संपत्ति से जुड़े डर के साथ कोई संबंध था या नहीं।
आरोप है कि सुब्रत को आशंका थी कि उसके पिता भविष्य में अपनी संपत्ति किसी दूसरी महिला के नाम कर सकते हैं। हालांकि, यह पुलिस जांच का एक एंगल है और इसे अदालत में सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।
बहू शालू को फंसाने की बात भी सामने आई
इस मामले में मृतक की बहू शालू की भूमिका को लेकर भी शुरुआत में सवाल उठे थे। पुलिस पूछताछ में आरोपी नौकर विशाल के बयान और बाद में सुब्रत के कथित कबूलनामे के बीच महत्वपूर्ण अंतर सामने आया।
पुलिस के अनुसार, सुब्रत ने बाद की पूछताछ में हत्या की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने की बात कही और शालू की भूमिका से इनकार किया। हालांकि, पुलिस ने शालू को पूरी तरह क्लीन चिट नहीं दी है और उसके खिलाफ तथा उसके पक्ष में सामने आए सभी बयानों और सबूतों की जांच की जा रही है।
आमने-सामने हुई पूछताछ में भावुक हुई शालू
पुलिस ने सुब्रत और शालू को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की। रिपोर्ट के अनुसार, शालू सुब्रत को सामने देखकर भावुक हो गई और करीब 20 मिनट तक रोती रही।
शालू लगातार खुद को हत्या से अलग बताती रही। दूसरी ओर, सुब्रत ने कथित तौर पर बाद की पूछताछ में जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने की बात कही। पुलिस अब दोनों के बयानों को अन्य साक्ष्यों से मिलाने में जुटी है।
डुप्लीकेट चाबी और पहले से बनाई गई योजना का दावा
जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात से पहले घर की डुप्लीकेट चाबी तैयार किए जाने की बात कही गई है। सुब्रत ने पुलिस के सामने कथित तौर पर बताया कि हत्या की योजना घटना से कुछ महीने पहले बनाई गई थी।
जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, CCTV फुटेज और घटनाक्रम से जुड़े अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही हैं। पुलिस ने सुब्रत और विशाल के बीच बड़ी संख्या में हुई कॉल्स की भी जांच की है।
5 सितंबर की रात क्या हुआ था?
पुलिस के मुताबिक, 5 सितंबर की रात कल्याणपुर इलाके में विनीत मिनोचा की उनके घर में हत्या हुई थी। जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार, सुब्रत और उसके साथी विशाल पर वारदात में शामिल होने का आरोप है।
पुलिस का कहना है कि घटनाक्रम को समझने के लिए आरोपियों के बयानों के साथ इलेक्ट्रॉनिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है।
संपत्ति का एंगल भी जांच के दायरे में
मामले में संपत्ति को लेकर आशंका को भी एक संभावित कारण के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या विनीत की संपत्ति को लेकर परिवार में कोई वास्तविक विवाद था और क्या इसका हत्या की कथित साजिश से संबंध था।
वहीं, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार विनीत की वर्ष 2022 की वसीयत में उनकी संपत्ति का बंटवारा पत्नी पुनिता, बेटे सुब्रत और बेटी शुभानी के बीच किया गया था। इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के सामने कई सवाल, जांच जारी
इस केस में अब पुलिस के सामने आरोपियों के अलग-अलग बयान, आर्थिक लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड, CCTV और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जैसे कई पहलू हैं। पुलिस इन सभी को आपस में मिलाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है।
फिलहाल आरोपियों के पूछताछ में दिए गए बयानों को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्य पेश होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।