अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT की फाइनल रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा को राहत, 8 लोगों पर आरोप
अयोध्या: राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दिए जाने वाले चढ़ावे में कथित चोरी और गड़बड़ी के मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी अंतिम रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट की जांच के बाद गृह विभाग ने इसे आगे की कार्रवाई के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को उपलब्ध कराया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा को मामले में आरोपी नहीं बनाया गया है।
यह मामला सामने आने के बाद राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती, रखरखाव और जमा करने की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठे थे। अब SIT की अंतिम रिपोर्ट सामने आने से मामले में एक बड़ा घटनाक्रम हुआ है।
🔎 कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
राम मंदिर के चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी की शिकायत सामने आने के बाद मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून 2026 को तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था।
इस टीम की अध्यक्षता लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे थे। टीम में आईजी रेंज किरण एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन कुमार को सदस्य बनाया गया था। टीम ने चढ़ावे से जुड़े दस्तावेजों, उपलब्ध तथ्यों और संबंधित लोगों के बयान की जांच की।
📋 23 जून को आई थी SIT की शुरुआती रिपोर्ट
SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। रिपोर्ट में मामले में कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।
इसके बाद 25 जून को राम जन्मभूमि थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। शिकायत ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की ओर से दर्ज कराई गई थी।
👥 आठ लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
मामले में आठ लोगों को नामजद किया गया था। इनमें:
- अविनाश शुक्ला
- अनुकल्प मिश्रा
- लवकुश मिश्रा
- मनीष कुमार यादव
- करुणेश पांडेय
- रमाशंकर मिश्रा
- सुभाष श्रीवास्तव
- राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू
शामिल हैं।
इनके अलावा कुछ अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, इन लोगों पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया था।
India Today के अनुसार, ये लोग मंदिर में मिलने वाले चढ़ावे की गिनती और उसे ले जाने की प्रक्रिया से जुड़े दल का हिस्सा थे। प्रारंभिक जांच के बाद आठों के खिलाफ FIR दर्ज हुई और उनकी गिरफ्तारी भी की गई।
🧾 चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्यों मिली राहत?
चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका पर भी सवाल उठे थे।
SIT ने दोनों से पूछताछ की और मंदिर में चढ़ावे को इकट्ठा करने, उसकी गिनती, सुरक्षित रखने और बैंक में जमा कराने की व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को जांचा।
लेकिन अंतिम रिपोर्ट में दोनों को आरोपी नहीं बनाया गया है। इसका मतलब है कि SIT की जांच के आधार पर उनके खिलाफ इस कथित चोरी में आपराधिक भूमिका स्थापित नहीं हुई।
🚨 विवाद के बीच दोनों ने दिया था इस्तीफा
मामला सामने आने के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा की भूमिका को लेकर सार्वजनिक चर्चा तेज हो गई थी।
विवाद बढ़ने के बीच दोनों ने ट्रस्ट में अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। बाद में ट्रस्ट ने उनके इस्तीफे स्वीकार कर लिए।
अब SIT की अंतिम रिपोर्ट में दोनों के खिलाफ आरोप नहीं होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है।
💰 चढ़ावे की गिनती और व्यवस्था पर उठे थे सवाल
इस पूरे मामले ने मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती, रखरखाव और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया को भी सवालों के घेरे में ला दिया था।
SIT ने जांच के दौरान सिर्फ व्यक्तियों की भूमिका ही नहीं बल्कि उस पूरी व्यवस्था की भी पड़ताल की, जिसके तहत श्रद्धालुओं से प्राप्त चढ़ावे को संभाला जाता था।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट की भी थी मामले पर नजर
यह मामला सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में भी आया था। अदालत ने SIT से जांच की स्थिति की रिपोर्ट मांगी थी और जांच को निष्पक्ष तरीके से उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने पर जोर दिया था।
यानी मामला सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मंदिर के चढ़ावे से जुड़े आरोपों की जांच को लेकर न्यायिक स्तर पर भी ध्यान दिया गया।
🏛️ अब आगे क्या होगा?
SIT की अंतिम रिपोर्ट अब सरकार की ओर से ट्रस्ट को उपलब्ध करा दी गई है। रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा को आरोपी नहीं बनाए जाने के बाद दोनों के खिलाफ इस मामले में आपराधिक आरोप की स्थिति नहीं बनती, जबकि आठ नामजद लोगों के खिलाफ दर्ज मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
अब आगे की कार्रवाई रिपोर्ट और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।
📌 पूरी खबर एक नजर में
| मुद्दा | जानकारी |
|---|---|
| स्थान | अयोध्या, उत्तर प्रदेश |
| मामला | राम मंदिर चढ़ावे में कथित चोरी/गड़बड़ी |
| जांच एजेंसी | तीन सदस्यीय SIT |
| SIT गठन | 13 जून 2026 |
| अंतिम रिपोर्ट | 18 अगस्त 2026 को खबर सामने आई |
| चंपत राय | अंतिम रिपोर्ट में आरोपी नहीं |
| डॉ. अनिल मिश्रा | अंतिम रिपोर्ट में आरोपी नहीं |
| नामजद आरोपी | 8 |
| FIR | 25 जून 2026 |
| मुख्य जांच | चढ़ावे की गिनती, रखरखाव और जमा करने की व्यवस्था |
| आगे की कार्रवाई | संबंधित आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया |
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