लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी और सहायता प्राप्त संस्थानों में नियुक्तियों का सिलसिला जारी है। मंगलवार, 22 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में 3,567 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इन नियुक्तियों में सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता और सहायक अध्यापक शामिल हैं।
नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थियों का चयन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की चयन प्रक्रिया के जरिए हुआ है। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद चयनित अभ्यर्थियों के संबंधित पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
3,567 नियुक्तियों में कौन-कौन से पद शामिल?
इस भर्ती अभियान में अलग-अलग पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इनमें 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता यानी PGT और 2,372 सहायक अध्यापक यानी TGT शामिल हैं।
| पद | चयनित अभ्यर्थी |
|---|---|
| प्रधानाचार्य | 319 |
| प्रधानाध्यापक | 258 |
| प्रवक्ता (PGT) | 618 |
| सहायक अध्यापक (TGT) | 2,372 |
| कुल | 3,567 |
इन आंकड़ों में सबसे बड़ी संख्या सहायक अध्यापकों की है। नियुक्तियां प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में की जानी हैं।
शिक्षा विभाग से जुड़ी भर्ती में महिलाओं की भी भागीदारी
जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, नियुक्ति पाने वाले 3,567 अभ्यर्थियों में 1,090 महिलाएं और 2,477 पुरुष हैं। चयन प्रक्रिया पहले से विज्ञापित रिक्त पदों के आधार पर पूरी की गई थी।
इस तरह नियुक्ति पत्र वितरण के बाद सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों और संस्था प्रमुखों के खाली पदों को भरने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
मिशन रोजगार के तहत नियुक्तियों पर जोर
यह नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम राज्य सरकार के मिशन रोजगार अभियान से भी जोड़ा गया है। Aaj Tak की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार का कहना है कि अब तक 9.30 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी से जोड़ा जा चुका है। सरकार ने आगे भी रोजगार और नियुक्तियों को बढ़ाने का लक्ष्य बताया है।
Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मेरठ में कहा था कि सरकार की ओर से अब तक करीब 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। उन्होंने अगले छह महीनों में एक लाख और युवाओं को नौकरी देने की बात भी कही थी। यह आंकड़े और लक्ष्य मुख्यमंत्री/सरकार के दावे के रूप में देखे जाने चाहिए।
2017 से अब तक माध्यमिक शिक्षा में 48 हजार से ज्यादा चयन
जागरण की रिपोर्ट में माध्यमिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि 2017 से 22 सितंबर 2026 तक अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में संस्था प्रधान और शिक्षकों के विभिन्न पदों पर 48,018 अभ्यर्थियों का चयन/नियुक्ति की गई है।
इनमें 1,456 संस्था प्रधान, 40,955 सहायक अध्यापक (TGT) और 5,607 प्रवक्ता (PGT) शामिल बताए गए हैं।
शिक्षा सेवा चयन आयोग के जरिए हुई चयन प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश में बेसिक, माध्यमिक, उच्च और तकनीकी शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों और संस्था प्रमुखों की भर्ती प्रक्रिया को एकीकृत करने के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का गठन 21 अगस्त 2023 को किया गया था। इसी आयोग की चयन प्रक्रिया के जरिए इन पदों के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया गया।
इससे चयनित अभ्यर्थियों को परीक्षा और चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति पत्र मिलने का रास्ता साफ हुआ।
चयन के बाद नियुक्ति पत्र का इंतजार हुआ खत्म
कई अभ्यर्थियों के लिए नियुक्ति पत्र मिलने का दिन चयन प्रक्रिया के बाद नौकरी की दिशा में अगला महत्वपूर्ण चरण है। नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद संबंधित विद्यालयों में पदभार ग्रहण करने और शैक्षणिक कार्य शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों और संस्था प्रमुखों की नियुक्ति से संबंधित विद्यालयों में मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव संबंधित विद्यालयों में पदभार ग्रहण और कार्य शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
सरकार ने पहले भी बांटे हैं नियुक्ति पत्र
मिशन रोजगार के तहत सितंबर में अलग-अलग विभागों के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने के कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इससे पहले 19 सितंबर को विभिन्न विभागों से जुड़े 818 चयनित अभ्यर्थियों के लिए नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम हुआ था, जिसमें स्वास्थ्य, आयुष, कौशल विकास और उद्योग विभाग से जुड़े पद शामिल थे।
इसके बाद 22 सितंबर का कार्यक्रम मुख्य रूप से सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और संस्था प्रमुखों की नियुक्तियों से जुड़ा है।