अम्बेडकरनगर में राजस्व वादों के निस्तारण में प्रदेश स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। जिले के चार राजस्व न्यायालयों ने लंबित मामलों के निस्तारण में बेहतर प्रदर्शन करते हुए प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ न्यायालयों की सूची में जगह बनाई है। राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) पोर्टल पर जारी समीक्षा में यह उपलब्धि सामने आई है। एक जनवरी से एक सितंबर 2026 के बीच के आंकड़ों के आधार पर न्यायालयों के प्रदर्शन का आकलन किया गया। इस समीक्षा में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रंजीत सिंह के न्यायालय ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। न्यायालय ने इस अवधि में 65.67 प्रतिशत राजस्व वादों का निस्तारण कर जिले में पहला स्थान हासिल किया। लंबित मामलों के निस्तारण में जलालपुर और आलापुर के न्यायालयों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। आंकड़ों के मुताबिक, जलालपुर के उप जिलाधिकारी (न्यायिक) न्यायालय ने 63.13 प्रतिशत वादों का निस्तारण किया। 55.27 प्रतिशत मामलों का निस्तारण वहीं, आलापुर के उप जिलाधिकारी (न्यायिक) न्यायालय में 55.27 प्रतिशत मामलों का निस्तारण हुआ। टांडा के तहसील स्तरीय न्यायिक न्यायालय ने भी 48.67 प्रतिशत राजस्व वादों का निस्तारण कर बेहतर प्रदर्शन करने वाले न्यायालयों में स्थान बनाया। न्यायालयों का प्रदर्शन प्रशासनिक कार्यप्रणाली राजस्व वादों के निस्तारण में इन न्यायालयों का प्रदर्शन प्रशासनिक कार्यप्रणाली के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समीक्षा में लंबित मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने और गुणवत्तापूर्ण न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित करने के प्रयासों की सराहना की गई। इससे राजस्व विवादों के निस्तारण में तेजी लाने और वादकारियों को राहत पहुंचाने की दिशा में जिले के प्रयासों को मजबूती मिली है।
Source: Read Full Article