कानपुर देहात के मूसानगर थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के करीब छह साल पुराने मामले में अदालत ने दोषी महेश को उम्रकैद की सजा सुनाई है। ADJ-13 न्यायालय ने गुरुवार को महेश को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास के साथ एक लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड नहीं देने पर उसे तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुलिस के मुताबिक, मुसरिया गांव निवासी महेश पुत्र सियाराम पर वादिनी की नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। घटना के बाद मूसानगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में धारा 376एबी, 307, 342 आईपीसी और पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत कार्रवाई की गई थी। 2 महीने में दाखिल कर दिया था आरोप पत्र पुलिस के अनुसार, मुकदमा दर्ज होने के बाद विवेचक ने पीड़िता पक्ष और गवाहों के बयान दर्ज किए। इसके साथ ही घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए गए। विवेचना पूरी करने के बाद 31 मार्च 2020 को आरोपी महेश के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया। गवाह और साक्ष्य कोर्ट में पेश किए मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों और साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। पुलिस के मुताबिक, ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत थाना मूसानगर पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन पक्ष और मॉनिटरिंग सेल ने मामले में लगातार पैरवी की। 1 अक्टूबर को सुनाई उम्रकैद की सजा करीब छह साल चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद 1 अक्टूबर 2026 को ADJ-13 न्यायालय ने महेश को दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास और एक लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुलिस ने इसे महिला और बाल अपराधों से जुड़े मामलों में प्रभावी पैरवी के जरिए दोषी को सजा दिलाने की कार्रवाई बताया है।
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