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धातु की शुद्धता अब मौके पर ही जांचेगा श्रीकृष्ण जन्मस्थान:दान में मिले आभूषणों को किया जा सकेगा चेक,दान रसीद के साथ दी जाएगी टेस्टिंग रिपोर्ट की प्रति

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
2 October 2026 5:26 PM 1 मिनट पठन 652 Views
धातु की शुद्धता अब मौके पर ही जांचेगा श्रीकृष्ण जन्मस्थान:दान में मिले आभूषणों को किया जा सकेगा चेक,दान रसीद के साथ दी जाएगी टेस्टिंग रिपोर्ट की प्रति

श्री कृष्ण-जन्मस्थान पर श्रद्धालुओं द्वारा दान में दी जाने वाली धातु सामग्री की शुद्धता सुनिश्चित करने और दान व्यवस्था में पारदर्शिता को और सुदृढ़ करने के लिए अब प्राप्त धातु सामग्री की मौके पर ही वैज्ञानिक पद्धति से जाँच की जाएगी। धातु की शुद्धता की जाँच के बाद ही दान स्वीकार कर उसकी रसीद जारी की जाएगी। दान में बनी रहेगी पारदर्शिता इस संबंध में जानकारी देते हुऐ श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि जन्मभूमि पर दान में प्राप्त होने वाली धातु सामग्री की शुद्धता जाँचने के लिए अत्याधुनिक कम्प्यूटराइज्ड टेस्टिंग मशीन का उपयोग किया जाएगा। इस मशीन के माध्यम से धातु की शुद्धता के साथ-साथ उसमें मौजूद विभिन्न धातुओं की मात्रा की भी सटीक जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि दान काउंटर पर प्राप्त धातु सामग्री की जाँच श्रद्धालु के सामने ही की जाएगी। जाँच पूरी होने के बाद तैयार रिपोर्ट की एक प्रति दान रसीद के साथ दानदाता को दी जाएगी। रिपोर्ट पर श्रद्धालु के हस्ताक्षर और मोबाइल नंबर भी दर्ज किए जाएंगे, जबकि इसकी दूसरी प्रति संस्थान के अभिलेख में सुरक्षित रखी जाएगी। इससे दानदाता के पास अपनी दी गई सामग्री की शुद्धता का प्रमाण रहेगा और संस्थान के रिकॉर्ड में भी प्रत्येक दान सामग्री से संबंधित प्रमाणिक जानकारी सुरक्षित रहेगी। बिना काटे और बिना स्वरूप बदले होगी जाँच कपिल शर्मा ने बताया कि इस अत्याधुनिक मशीन की विशेषता यह है कि धातु सामग्री को काटे या तोड़े बिना तथा उसके स्वरूप में किसी प्रकार का परिवर्तन किए बिना ही उसकी शुद्धता की जाँच की जा सकेगी। धार्मिक और भावनात्मक दृष्टि से दान में प्राप्त सामग्री को खंडित किए बिना उसके मूल स्वरूप में ही परीक्षण किया जाना महत्वपूर्ण है। इससे श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए धातु की वैज्ञानिक और पारदर्शी जाँच संभव होगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से श्रद्धालुओं को दान के लिए खरीदी गई धातु सामग्री की वास्तविक शुद्धता की जानकारी तत्काल मिल सकेगी। यदि सामग्री खरीदते समय अपेक्षित शुद्धता या धातु की गुणवत्ता में कोई अंतर पाया जाता है, तो टेस्टिंग रिपोर्ट के माध्यम से श्रद्धालु को इसकी जानकारी मिल जाएगी। इसके आधार पर वह आवश्यक निर्णय ले सकेगा। दान सामग्री के रखरखाव में भी मिलेगी सुविधा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि इस व्यवस्था से संस्थान को प्राप्त होने वाली प्रत्येक धातु सामग्री के संबंध में यह सटीक जानकारी उपलब्ध रहेगी कि उसमें कौन-कौन सी धातुएँ और कितनी मात्रा में मौजूद हैं। इससे सामग्री के सुरक्षित रखरखाव, वर्गीकरण और उपयोग में सुविधा होगी। साथ ही, दान सामग्री से संबंधित रिकॉर्ड भी अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से उपलब्ध रहेगा। उन्होंने बताया कि हुण्डी अथवा दान पेटिका के माध्यम से प्राप्त होने वाली धातु सामग्री का परीक्षण भी इसी प्रक्रिया के अनुसार दान गणना कक्ष में किया जाएगा। यह प्रक्रिया सीसीटीवी की निगरानी में और दान गणना के लिए निर्धारित नियमों के अनुरूप पूरी की जाएगी। प्राप्त दान सामग्री की प्रविष्टि संबंधित रजिस्टर में टेस्टिंग रिपोर्ट के साथ दर्ज की जाएगी। संस्थान में किया गया मशीन का डेमो कपिल शर्मा ने बताया कि इस कार्य के लिए प्रस्तावित अत्याधुनिक कम्प्यूटराइज्ड टेस्टिंग मशीन का डेमो ट्रस्टी श्यामसुंदर चौधरी एवं अन्य पदाधिकारी,अधिकारियों की उपस्थिति में संस्थान में किया गया, जो कि पूर्णतः संतोषप्रद रहा। कपिल शर्मा ने बताया कि संस्थान द्वारा प्राप्त दान की गणना और उसके सुरक्षित रखरखाव के लिए पहले से ही कई सुरक्षात्मक और पारदर्शिता संबंधी उपाय किए गए हैं। दान कक्ष में दान की गणना अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में की जाती है। इसके लिए पर्याप्त संख्या में कैमरे लगाए गए हैं, ताकि दान गणना कक्ष के प्रत्येक हिस्से की निरंतर निगरानी और गणना प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग हो सके। उन्होंने बताया कि दान की गणना संस्थान के कर्मचारियों, सुरक्षा प्रहरियों और स्वतंत्र पर्यवेक्षक की निगरानी में की जाती है। दान गणना कक्ष की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को लगभग छह माह तक सुरक्षित रखने के लिए अलग उपकरण और कंट्रोल रूम की व्यवस्था भी की गई है।

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