Friday, 09 October 2026
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बिहार में SC/ST के झूठे केस कराने वाली गैंग:पत्नियां मुकदमा करातीं; पति बनते गवाह, एजेंट बोला– 2.5 लाख का पैकेज, हिस्सेदारी सभी की

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
7 October 2026 5:26 PM 1 मिनट पठन 2530 Views
बिहार में SC/ST के झूठे केस कराने वाली गैंग:पत्नियां मुकदमा करातीं; पति बनते गवाह, एजेंट बोला– 2.5 लाख का पैकेज, हिस्सेदारी सभी की

“पैसे खर्च कीजिए, दलित पीड़िता और गवाह सब मिल जाएंगे। महिला रहेगी तो केस और मजबूत होगा। हमारे पास 10 लोगों की टीम है। एक से केस कराएंगे और चार से गवाही। इंसान कितना भी पावरफुल हो, अंदर चला जाएगा।” यह दावा बिहार में SC/ST एक्ट का गलत इस्तेमाल पर फर्जी केस का ठेका लेने वाली गैंग का है। पैसे लेकर गैंग शिकायतकर्ता, पीड़िता और गवाह तक की व्यवस्था कराती है। इसके बाद केस के आधार पर सरकारी मुआवजे की राशि भी लेती है। गैंग के सदस्य इसे बिना लाइसेंस वाला हथियार बताते हैं, जो इंसान को बर्बाद करने वाला है। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में सामने आई कहानी सिर्फ एक फर्जी मुकदमे करने की नहीं, बल्कि फर्जी शिकायत, गवाही और सरकारी सहायता राशि को पैसे के खेल में बदलने वाले नेटवर्क की है। पढ़िए और देखिए कैसे SC/ST जाति की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानून का गलत इस्तेमाल कर फर्जी केस कराने वाली गैंग की पूरी कहानी…। देश में SC/ST एक्ट के फर्जी केस और मुआवजा राशि को लेकर बड़ी बहस चल रही है। इसके बीच भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम को इनपुट मिला कि बिहार में ऐसी कई गैंग काम कर रही हैं, जो ठेके पर केस कराकर सरकारी मुआवजा ले रही हैं। पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, किशनगंज, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण से लेकर राज्य के लगभग सभी जिलों में ऐसे नेटवर्क के एक्टिव होने का इनपुट मिला। इन्वेस्टिगेशन के दौरान बाढ़ के रहने वाले रवि का इनपुट मिला जो खुद यादव है, लेकिन फर्जी केस की इंडस्ट्री चलाने के लिए दलित महिला से शादी की है। रिपोर्टर ने एक डमी केस के बहाने रवि से फर्जी केस की डील की। 4 दिनों की अलग-अलग मुलाकात में रवि ने पूरी मोडस ऑपरेंडी का खुलासा कर दिया। रिपोर्टर- आपके बारे में पता चला है कि किसी से दुश्मनी है तो आप उसकी जिंदगी बर्बाद करा सकते हैं? रवि- किससे दुश्मनी है आपकी? आपको मेरे पास किसने भेजा है? रिपोर्टर- बहुत परेशान हूं, गांव का आदमी ही आपके पास भेजा है। रवि- हो जाएगा, आपका दुश्मन हवा खाने चला जाएगा। रिपोर्टर- आप बताइए कैसे करना है, मुझे कोई जानकारी नहीं। कभी कोर्ट-कचहरी नहीं गया हूं। रवि- कोई बड़ा काम नहीं है, आप पैसा खर्च कीजिएगा ना? रिपोर्टर- हां, जो बोलिएगा हो जाएगा। रवि- हमारे लोग हैं, मेरी पत्नी की तरफ से छेड़खानी और SC/ST का केस दर्ज करावा देंगे। रिपोर्टर- केस में कौन-कौन लोग रहेंगे? रवि- मैं और मेरी पत्नी, पैसा दीजिएगा तो गवाह बढ़ा देंगे। रिपोर्टर- आप तो यादव हैं, आपसे कर सकते हैं? रवि- मैं केस नहीं करूंगा? मेरी पत्नी FIR करेगी, मेरी साली रहेगी, मेरी सास और उनकी बहन सब रहेगी। रिपोर्टर- कौन-सा केस खतरनाक होता है? रवि- ऐसे तो छेड़छाड़ ही खतरनाक है, चाहिएगा तो इससे बड़ा वाला भी बना देंगे। रिपोर्टर- इसमें SC/ST वाला कैसे लगेगा? रवि- उसी में सब लग जाएगा। रिपोर्टर- पहले कराए हैं ना? रवि- हां, कई केस कराए हैं। मैं जैसा बोलूंगा पत्नी वैसा केस कर देगी। हम लोग केस कराने के साथ बेलर का भी काम करते हैं। आधा पैसा पहले चाहिए, आधा केस के बाद दीजिएगा बातचीत के दौरान रवि ने पूरा रेट कार्ड बताया। पेमेंट का मोड क्या होगा और केस के बाद क्या सावधानी बरतनी होगी। कैसे कोर्ट तक मामला जाएगा और कैसे इंसान परेशान हो जाएगा। रिपोर्टर- पैसे कैसे देने होंगे? रवि- कैश में देना होगा, आधा पहले और आधा केस के बाद। रिपोर्टर- पैसा लेने के बाद बदलिएगा तो नहीं ना? रवि- कैसे बदल जाऊंगा मैं? आप केस करा दीजिए। केस हो जाने के बाद मैं उससे मिलूंगा ही नहीं। पेपर कंप्लीट कराने का काम आपका है। आप पूरा पेपर कंप्लीट कराएं, मैं अपनी पत्नी का आधार कार्ड दे दूंगा। एक केस करेगी, तीन गवाह हो जाएंगे। कोई जानेगा ही नहीं कि हम लोग कहां रहते हैं। आपको सिर्फ उस आदमी की फोटो देनी है और उसकी डिटेल्स देनी है। FIR हो जाएगी, फिर आप पैसा दीजिए। आप हम पर भरोसा रखिए, आपका सब काम हो जाएगा। सरकार सख्त है, हर थाने में महिला केस पहले लिया जाएगा। इसमें कोई सवाल नहीं उठा सकता है। पुलिस को भी पता है, महिला है, तो FIR लेनी है। रिपोर्टर- कौन-सा केस ठीक रहेगा? रवि- छेड़छाड़ वाला ठीक रहेगा, उसमें सब लग जाएगा। बोला जाएगा कि रेप करने की धमकी दी है। हम मना करते रहे, बोलते रहे, छोड़ दीजिए-छोड़ दीजिए, लेकिन तभी जबरदस्ती करने लगा। रिपोर्टर- अधिकारी पूछेंगे ना, किस तरह की छेड़खानी हुई? रवि- हाथ पकड़ता था, कभी शरीर टच करता था। इधर-उधर गलत नीयत से देखता और छूता था। जाति की गाली देता था। मेरे वकील सेट हैं, बोलूंगा तो लेटर तैयार हो जाएगा डील के दौरान रवि ने बताया कि बिहार में उसके कई जानने वाले हैं जो यही काम करते हैं। मुजफ्फरपुर के एक रिश्तेदार से उसने ये प्लान सीखा है। इसके बाद से मैंने इसे हथियार बना लिया। पत्नी SC/ST है, इसलिए उसको हथियार की तरह इस्तेमाल करता हूं। पत्नी के रिश्तेदारों को भी इसी काम में लगाया है, जिससे सरकारी अनुदान की मोटी रकम भी मिल जाती है। रवि ने सलाह दी कि दानापुर कोर्ट में केस कर दीजिए। वहां पर सब हमारे जानने वाले वकील हैं। अभी कहिए, अभी मैं इधर से बोलता जाऊंगा और उधर ड्राफ्ट होता जाएगा। अपने वकील सेट हैं, सिर्फ आप बोलिए, काम हो जाएगा। रिपोर्टर- फोन पर कैसे हो पाएगा? रवि- मैं यहां से बोलूंगा और वहां पर लिखते जाएंगे। बस हम लोग जाकर पेपर पर अंगूठा लगा देंगे। रिपोर्टर- आपको पूरा पैसा दे देना है? इसमें सब कुछ हो जाएगा या फिर और खर्चा देना है? रवि- आने-जाने, रहने और खाने, सबका पैसा देना होगा अलग से। रिपोर्टर- यह सारा तय पैसे के अलावा देने होंगे? रवि- हां, वकील का भी पैसा आपको ही देना होगा। रिपोर्टर- वकील का कितना पैसा लगेगा? रवि- अलग-अलग केस का अलग-अलग रेट है। वकील से पूछकर सब बता दूंगा। आप बोलिए तो मैं कॉल लगाऊं, बड़े धाकड़ वकील हैं। रिपोर्टर- आधा पैसा पहले और आधा पैसा केस होने के कितने दिन बाद देना होगा? रवि- देना तो उसी दिन होगा, लेकिन एक-दो दिन आपके लिए कोई बात नहीं। आप दो दिन बाद ही आधा पैसा दे दीजिएगा। आप लोग किस थाने में FIR करनी है? रिपोर्टर- श्री कृष्णापुरी में। रवि- अच्छा, श्रीकृष्णापुरी में, सब हो जाएगा। समझिए तो हम एक हथियार रखे हैं, बिना लाइसेंस का यह हथियार है। लाइसेंस वाला हथियार भी इतना काम नहीं करेगा, जितना यह हथियार काम करेगा। जिस दिन से मैंने शादी की है, मेरे से सब डरते हैं। पड़ोसी तो आंख उठा कर नहीं देखते। पड़ोसियों से जमीन का विवाद हुआ था। मैंने ले जाकर SC/ST एक्ट का केस करा दिया। जमीन देकर पड़ोसियों ने मामले को रफा-दफा किया। देखिए, इस केस में आप जो पैसा दे रहे हैं, वह मेरा है, लेकिन जो सरकार से पैसा मिलेगा, वह भी मेरा होगा। उसमें आपको कुछ नहीं मिलेगा। 4 दिनों की बातचीत के बाद रवि को लग गया कि पार्टी बड़ी है, भविष्य में और केस भी मिल सकते हैं। वह केस और गवाह को लेकर रिपोर्टर को विश्वास दिलाना चाहता था कि इस गैंग का वह सबसे मजबूत खिलाड़ी है। विश्वास दिलाने के लिए वो रिपोर्टर को अपने परिवार वालों से मिलवाने के लिए ले गया। रिपोर्टर की मुलाकात रवि की पत्नी रिंकी और उसकी साली से हुई। रिपोर्टर के सामने रवि ने अपने परिवार वालों को समझाया कि केस कैसे करना है, छेड़खानी के साथ SC/ST एक्ट का केस कैसे बनाना है। वहां चलकर जो मैं बोलूंगा, वही बोलना है। रवि ने बताया कि मोटा पैसा मिलेगा। गाड़ी से ले चलेंगे, फिर हमें घर पहुंचाएंगे। खाने-पीने के साथ रहने का भी पैसा मिलेगा। रिपोर्टर- कैसे करना है, क्या बोलना होगा? रिंकी- पैसा लगेगा, ठीक-ठाक पैसा लगेगा। रिपोर्टर- कितना पैसा लगेगा? रिंकी- हम चार लोग हैं, चारों लोग चलेंगे। एक आदमी केस करेगा और तीन आदमी गवाह बन जाएंगे। लेकिन सबका पैसा लगेगा। रिपोर्टर- कितना पैसा लगेगा? रिंकी- सबसे पूछकर बता दूंगी। रिपोर्टर- ठीक है। रिंकी- चार आदमी चलेंगे, 2.5 लाख लगेगा। रिपोर्टर- SC/ST एक्ट समझती हैं ना, क्या होता है? रिंकी- हां, समझ रही हूं। हमको छेड़े हैं, हमको इधर-उधर गंदा काम किए हैं। रिपोर्टर- आपकी कौन-सी जाति है? रिंकी- हम मांझी हैं, हरिजन हैं। रिपोर्टर- मान लीजिए, आप मेरे पास आईं और मैं पुलिस वाला हूं। मैं पूछता हूं कि क्या-क्या हुआ है, तो क्या बोलेंगी? रिंकी- बोलेंगे कि गलत काम किए हैं, गाली दिए हैं, मारपीट किए हैं। इसमें सभी केस हो जाएगा। हम अगली मुलाकात के लिए बात कर रवि के घर से वापस आ गए। तय समय के हिसाब से अगले दिन फिर रिपोर्टर रवि के पास पहुंचा। रवि ने रिपोर्टर की मुलाकात अपनी साली पिंकी से कराई। पिंकी ने बताया कि केस कराने हम चार लोग चलेंगे। लेकिन जो पैसे की बात हुई है, वो मिलने चाहिए। रवि ही पूरा काम देखते हैं, आप उनसे पूरी बात कर लीजिएगा। हम लोगों को बस साथ में चलना रहता है। हमारे हाथ में बस पैसा मिल जाए, उससे ज्यादा हम कुछ नहीं जानते। पिंकी ने बताया कि अब तक रवि ने जहां से पैसा लिया और जहां जिनके बारे में बोला वहां केस करा दिया गया है। बाद में लोग मिलने आते हैं, केस खत्म कराने के लिए लेकिन हम लोग मिलते नहीं है। आपको जुबान दे देंगे तो आपके साथ रहेंगे। आपका पैसा मिलेगा फिर सरकार से भी पैसा मिल जाएगा। इसी से अपना काम चलता है। बिहार में फर्जी केस जिम्मेदार मौन बिहार में हर साल फर्जी केस हो रहे हैं। ऐसे ही गैंग केस कराती है, बाद में सबूत नहीं होने से केस कोर्ट में दम तोड़ देता है। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने पड़ताल के दौरान संबंधित विभाग से लगातार इस मामले में डिटेल मांगने की कोशिश की लेकिन विभाग के जिम्मेदारों ने चुप्पी नहीं तोड़ी। रिपोर्टर ने सूचना का अधिकार के तहत भी जानकारी चाही लेकिन विभाग की ओर से मामले को टालने वाला जवाब मिला। तीन बार आरटीआई करने के बाद विभाग की तरफ से सवाल तय फॉर्मेट में नहीं होने का हवाला देकर मामले को टालने वाला जवाब दिया गया। रिपोर्टर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से मिला और इस मामले की सच्चाई जानने की कोशिश की, लेकिन विभाग की तरफ से कोई अधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। बिहार में 7 प्रतिशत मामले फर्जी, अनुदान की रिकवी नहीं देश में SC/ST एक्ट को लेकर चल रही बहस के पूर्व बिहार के RTI एक्टिविस्ट अजीत कुमार सिंह ने बिहार के सभी 38 जिलों से केस और अनुदान के साथ पूरी जानकारी मांगी थी। जिला अनुसूचित जाति और जनजाति कल्याण विभाग द्वारा जो जानकारी दी गई वह चौंकाने वाली थी। पटना जहां से बिहार की पूरी सरकार चलती है। यहां 7 प्रतिशत मामले फर्जी पाए गए। अब जानिए SC/ST एक्ट के कुछ फर्जी मामले केस 1: फर्जी पत्नी, सास-ससुर के सहारे केस दरभंगा के बिरौल थाना क्षेत्र के बूचौली गांव के मंजय राम ने मुंबई में एक मुस्लिम युवती से लव मैरिज की और गांव में उसका नाम बदलकर अंकिता देवी रख दिया। गांव आने के बाद उसने अपने रिश्तेदार देवेंद्र मोची और घूरनी देवी को फर्जी तरीके से युवती का सास-ससुर दिखाकर उसके नाम से SC/ST प्रमाण पत्र बनवा लिया।इसके बाद इसी प्रमाण पत्र के आधार पर गांव के अखिलेन्द्र कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह समेत कई लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट में केस दर्ज कराया गया। केस के आधार पर SC/ST कानून के तहत सरकारी मुआवजा राशि भी ली। मामले का खुलासा तब हुआ, जब घूरनी देवी ने कहा कि अंकिता देवी नाम की उनकी कोई बेटी नहीं है और न ही उसकी शादी बूचौली में हुई है। घूरनी देवी के मुताबिक, मंजय करीब एक साल पहले उनका आधार कार्ड ले गया था, जिसका इस्तेमाल इस फर्जीवाड़े में किया गया। एससी-एसटी थानाध्यक्ष अनिल कुमार रजक ने बताया कि प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और सरकारी मुआवजा लेने की पूरी प्रक्रिया की भी जांच की गई । जांच में मामला प्रथम दृष्टया गलत पाया गया। इसकी रिपोर्ट न्यायालय को भेज दी गई थी। न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामले का डिस्पोजल हो गया है। केस 2 : मृत युवक पर FIR जहानाबाद के SC/ST थाने में 2021 में एक FIR हुई, यहां जगदीश दास की शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई, जिसमें एक युवक नीरज कुमार को भी आरोपी बनाया गया। पुलिस जांच में पता चला कि नीरज कुमार की मौत 2019 में ही हो चुकी थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज, जातिसूचक टिप्पणी और मारपीट की। मृत व्यक्ति को आरोपी बनाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जिसमें युवक मृत पाया गया। केस 3 : दरोगा ने महिला के सहारे किया झूठा केस मुजफ्फरपुर के बोचहां थाना में एक दलित महिला के साथ रेप, मारपीट और जातिसूचक गाली-गलौज का केस दर्ज किया गया था। केस में दो लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया। मामला कोर्ट पहुंचा तो महिला खुद अदालत पहुंची फिर रेप और मारपीट से इनकार कर दिया। उसका आरोप था कि दरोगा ने कागज पर उसका अंगूठा लगवाया और अपनी तरफ से आवेदन तैयार कर झूठा केस दर्ज कर दिया। महिला के बयान को कोर्ट ने गंभीरता से लिया। कोर्ट ने बोचहां थानाध्यक्ष के खिलाफ बिहार डीजीपी और गृह सचिव को विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया। जिस मामले में पुलिस ने रेप और SC/ST एक्ट जैसी गंभीर धाराएं लगाईं, उसी मामले में पीड़िता ने अदालत में घटना से ही इनकार कर दिया। क्या है SC/ST Act एससी/एसटी एक्ट को हरिजन एक्ट के नाम से भी जाना जाता है, इसका आधिकारिक पूरा नाम अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 है। भारत में अनुसूचित जातियों और जनजातियों के खिलाफ होने वाले अत्याचारों को रोकने के लिए इस कानूनों को बनाया गया था। हरिजन एक्ट का उद्देश्य सिर्फ सज़ा देना नहीं, बल्कि पीड़ितों को न्याय, मुआवज़ा और पुनर्वास दिलाना भी है। एससी/एसटी अधिनियम कानून 11 सितंबर 1989 को पारित हुआ और 30 जनवरी 1990 से लागू हुआ।

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