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अखिलेश यादव सहित विधायक-सांसदों की चुप्पी जालिम की हिमायत:संभल में AIMIM अध्यक्ष बोले- बुलडोजर आसाराम-रामरहीम के आश्रमों पर चलना चाहिए

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
27 July 2026 10:43 PM 1 मिनट पठन 59189 Views
अखिलेश यादव सहित विधायक-सांसदों की चुप्पी जालिम की हिमायत:संभल में AIMIM अध्यक्ष बोले- बुलडोजर आसाराम-रामरहीम के आश्रमों पर चलना चाहिए

संभल कोतवाली के चौधरी सराय में संभल नगर पालिका के चेयरमैन पति चौधरी मुशीर खां के घर रविवार की रात 10 बजे पहुंचे AIMIM प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने समाजवादी पार्टी पर बुलडोजर कार्रवाई और मुसलमानों से जुड़े मुद्दों पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सपा के 111 विधायक और 37 सांसद हैं, जिन्होंने 90 प्रतिशत मुस्लिम वोट हासिल किए, लेकिन उनकी खामोशी ‘जालिम की हिमायत’ करती है। शौकत ने कहा कि सपा नेताओं को किसने रोका है, जबकि मुसलमानों ने उन्हें अपना सियासी रहनुमा बनाया है। अफसोस है कि सपा के नेता इन गंभीर मुद्दों पर कुछ नहीं बोलते है। सरकार को शिक्षा विरोधी बताते हुए कहा कि एक-दो नहीं, हजारों की संख्या में प्राइमरी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। अली ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर हुए बड़े विरोध- प्रदर्शन का भी जिक्र किया। शौकत अली ने शैक्षणिक संस्थानों पर बुलडोजर चलाने की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि बुलडोजर शराब की दुकानों और उन आश्रमों पर चलना चाहिए जहां बाबा पकड़े जाते हैं, जैसे आसाराम, राम रहीम और रामपाल। सरकार गंदे काम वाली जगहों पर बुलडोजर नहीं चलाती, बल्कि उन शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाती है जहां से लोग शिक्षा प्राप्त करते हैं। उन्होंने घोषणा की कि एआईएमआईएम जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए बहुत बड़े आंदोलन में मजबूती के साथ हिस्सा लेगी। योगी आदित्यनाथ के तुर्क की तुर्कीय नहीं चलेगी संभल में हरिहर मंदिर का आदेश चलेगा के बयान पर शौकत अली ने कहा कि मुख्यमंत्री ने शायद तुर्कों का इतिहास नहीं पढ़ा है, जिन्होंने तीन महाद्वीपों पर शासन किया था। मुख्यमंत्री इतिहास पढ़ लेते तो शायद इस तरह की बात नहीं करते और उन्हें अभी बहुत कुछ पढ़ने की जरूरत है। उन्होंने मुख्यमंत्री के सलाहकारों को भी ठीक नहीं बताया। अफसोस जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री संविधान की शपथ लेता है और उत्तर प्रदेश के 24 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करता है, वह किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाकर ऐसी भाषा का इस्तेमाल करता है। उन्हें नहीं पता कि मुख्यमंत्री का भाषण आरएसएस कार्यालय से आता है या कहीं ओर से आता है।

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