विरोध-प्रदर्शनों के लिए तयशुदा जगहों की सूची में से जंतर-मंतर को हटाना अब तक का सबसे साफ-सुथरा क्रैकडाउन है. शोर-शराबे से परे, एक बोरियत भरी मौत. पता चलता है कि किसी विरोध-प्रदर्शन में सिर्फ वही लोग मायने रखते हैं जिनके पास कोई पद या ओहदा होता है, और वे अब प्रदर्शनकारियों की आवाज की पहुंच से बाहर जा चुके हैं.
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