पटना में गंगा के बाद अब पुनपुन नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ने लगा है। शुक्रवार को पुनपुन नदी का पानी गौरीचक थाना क्षेत्र के फतेहपुर, अलावलपुर, दौलतपुर, पितरिया, कमरजी और कोहली समेत कई गांवों में घुस गया। गांवों में पानी पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोगों को आशंका है कि जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रही तो आसपास के कई और गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। पुनपुन नदी के जलस्तर की देखें तस्वीर… गौरीचक-फतेहपुर सड़क पर फैला पानी, ब्रांच रोड भी डूबी गौरीचक से माधोपुर होते हुए फतेहपुर जाने वाली सड़क पर भी बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। वहीं, गौरीचक से फतुहा जाने वाली ब्रांच रोड पर भी पानी चढ़ गया है। सड़कों पर पानी आने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब सात-आठ साल बाद पुनपुन नदी में इस तरह जलस्तर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों को डर है कि अगर पानी इसी गति से बढ़ता रहा तो हालात गंभीर हो सकते हैं। लोगों से तेज बहाव वाले पानी से दूर रहने की अपील पुनपुन के अंचलाधिकारी प्रभात रंजन ने बताया कि कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है। तेज बहाव वाले पानी में जाने और किसी तरह का जोखिम उठाने से लोगों को मना किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों में प्रशासन की टीम लगातार गश्त कर रही है। पथ निर्माण विभाग, बाढ़ नियंत्रण विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। 27 सितंबर से शुरू होना है पितृपक्ष मेला पुनपुन नदी के बढ़ते जलस्तर का असर आगामी पितृपक्ष मेले पर पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है। 27 सितंबर से शुरू होने वाले पितृपक्ष मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुनपुन घाट पहुंचते हैं। फिलहाल घाट पर भी पानी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। यदि जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रहती है तो मेला स्थल की तैयारियों के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है। पुजारी बोले- 2019 जैसी स्थिति, 4-5 फीट और बढ़ा पानी तो बढ़ेगी मुश्किल पुनपुन घाट के पुजारी बबलू कुमार ने बताया कि वर्ष 2019 में भी पुनपुन नदी का पानी इसी तरह तेजी से बढ़ा था। करीब सात साल बाद एक बार फिर ऐसी स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि यदि नदी का पानी चार से पांच फीट और बढ़ता है, तो कई गांवों में पानी प्रवेश कर सकता है और स्थिति विकराल हो सकती है। फिलहाल ग्रामीण नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन भी संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए सतर्क है।
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