भू-राजनीतिक तनाव अब भी सोने के लिए अहम है, लेकिन 2026 की पहली छमाही ने दिखाया है कि केवल युद्ध या संघर्ष से सोने में लगातार तेजी नहीं आती। मुद्रास्फीति, वास्तविक ब्याज दरें, केंद्रीय बैंकों की नीति, डॉलर और निवेशकों की धारणा अब कीमतों की दिशा तय करने में कहीं अधिक निर्णायक हो गए हैं।
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