गाजीपुर में ददरी घाट पर गंगा स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं को बदहाल व्यवस्थाओं के चलते परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए बनाया गया चेंजिंग रूम बाढ़ के पानी में डूबने के बाद से खराब पड़ा है। इसकी लोहे की चादरें टूट चुकी हैं, जिससे यह इस्तेमाल के लायक नहीं रह गया है। वहीं, बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी घाट पर मिट्टी और कचरा जमा है। श्रद्धालुओं को गंदगी के बीच से होकर स्नान के लिए जाना पड़ रहा है। ददरी घाट पर महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए बनाया गया चेंजिंग रूम क्षतिग्रस्त हो चुका है। इसकी लोहे की चादरें टूटने से इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। ऐसे में महिलाओं को चारों तरफ धोती और कपड़े बांधकर अस्थायी आड़ बनानी पड़ रही है। इससे उनकी निजता प्रभावित हो रही है। बाढ़ के बाद भी नहीं हुई मरम्मत स्थानीय व्यवस्था पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं, क्योंकि चेंजिंग रूम को अब तक न तो हटाया गया है और न ही उसकी मरम्मत कराई गई है। क्षतिग्रस्त ढांचे के कारण महिलाओं को कपड़े बदलने में असुविधा हो रही है। घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत है। घाट पर मिट्टी और कचरे का अंबार बाढ़ का पानी कम होने के बाद भी घाट पर मिट्टी और कचरा जमा हुआ है। श्रद्धालुओं को इसी गंदगी से होकर गंगा स्नान के लिए जाना पड़ता है। घाट की सफाई नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है और नगर पालिका की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। रोजाना पहुंचते हैं सैकड़ों श्रद्धालु ददरी घाट पर रोजाना सैकड़ों महिला-पुरुष गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। आसपास के गांवों से भी महिलाएं गंगा पूजन और स्नान करने आती हैं। ऐसे में घाट पर साफ-सफाई, चेंजिंग रूम की मरम्मत और अन्य जरूरी सुविधाओं के रखरखाव पर ध्यान देना जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
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