मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जेल भेजने की मांग के साथ आइसा की इलाहाबाद विश्वविद्यालय इकाई ने शहर में शुक्रवार रात में पैदल मार्च निकाला। इस दौरान आइसा छात्रों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मार्च सलोरी स्थित अम्बेडकर छात्रावास से शुरू होकर बालसन चौराहे पर स्थित गांधी प्रतिमा तक पहुंचा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और युवा मौजूद रहे। आइसा इलाहाबाद विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष कॉमरेड सोनाली ने कहा कि SIR के नाम पर जो वोटचोरी की जा रही है, वह हमारी नागरिकता पर हमला है। SIR की प्रक्रिया गरीबों, दलितों, अल्पसंख्यकों और प्रवासी मजदूरों को वोटर लिस्ट से बाहर करने की साजिश है। यह लोकतंत्र पर हमला है। भाजपा सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त मिलकर संविधान को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। देश भर में ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन जारी है। आइसा देश भर में इस गुस्से को संगठित करेगा और ज्ञानेश कुमार जेल जाना होगा। श्रीकांत ने कहा कि आज गांधी जी का जन्मदिन है। गांधी जी जिस आजादी की लड़ाई लड़ते हुए मनुवादी ताकतों का शिकार हो गए, आज वही ताकतें सत्ता में बैठी हैं और आम नागरिकों का वोट देने का अधिकार छीन रही हैं। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र पर हमला है। मार्च में साक्षी, विवेक, कुणाल, अभिषेक, कृष्णा, अमित, मानवेन्द्र, प्रदीप, सुगम समेत तमाम छात्र मौजूद रहे। गांधी जाी की प्रतिमा पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की और उन्हें जेल भेजने की मांग दोहराई।
Source: Read Full Article