औरैय के थाना अछल्दा क्षेत्र के गांव नगला धुंधे इटैली में लगभग दो साल पुराने प्राणघातक हमले के मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी-2 ने दोषी अवनीश को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उस पर 27 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस मामले में सरकारी वकील अरविंद राजपूत ने बताया कि अछल्दा थाने में शिकायतकर्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया कि 7 जुलाई की रात करीब दो बजे वह अपने घर के अंदर सो रहा था। बगल के मकान में उसका बड़ा भाई जितेंद्र अपने बच्चों के साथ सो रहा था। तभी महरवान सिंह यादव का बेटा अवनीश घर में घुस आया और सो रहे जितेंद्र पर फावड़े व डंडों से हमला करने लगा। इससे जितेंद्र के सिर पर गंभीर चोटें आईं। शोर सुनकर शिकायतकर्ता की नींद खुल गई और उसने जितेंद्र को बेहोशी की हालत में पड़ा देखा। उसे गंभीर हालत में सैफई अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने शिकायतकर्ता की रिपोर्ट पर प्राणघातक हमले का नामजद मुकदमा दर्ज किया। जांच के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की। यह मामला अपर सत्र न्यायालय एफटीसी-2 में चला और शनिवार को इसका फैसला सुनाया गया। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील अरविंद राजपूत ने रात में घर में घुसकर जानलेवा हमला करने वाले दोषी को कठोर सजा देने की मांग की। वहीं, बचाव पक्ष ने दोषी को गरीब बताकर उस पर नरमी बरतने की अपील की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश विनय प्रकाश सिंह ने नगला धुंधे इटैली, अछल्दा निवासी अवनीश को 10 साल के कठोर कारावास और 27 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा न करने पर दोषी को छह महीने का अतिरिक्त कारावास काटना पड़ेगा। दोषी पहले से ही इटावा जिला कारागार में बंद है।
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