Friday, 09 October 2026
होम Crime मृतक की पत्नी के खाते से फर्जी हस्ताक्षर रुपए ट्रांसफर:पति की मौत के बाद ग्रेच्युटी के लिए जमा कराए दस्तावेज, क्लर्क पर FIR
Crime

मृतक की पत्नी के खाते से फर्जी हस्ताक्षर रुपए ट्रांसफर:पति की मौत के बाद ग्रेच्युटी के लिए जमा कराए दस्तावेज, क्लर्क पर FIR

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
7 October 2026 7:26 PM 1 मिनट पठन 2323 Views
मृतक की पत्नी के खाते से फर्जी हस्ताक्षर रुपए ट्रांसफर:पति की मौत के बाद ग्रेच्युटी के लिए जमा कराए दस्तावेज, क्लर्क पर FIR

सुल्तानपुर में मृत सरकारी कर्मचारी की पत्नी से 2.90 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर एसबीआई की सुल्तानपुर और झांसी शाखा के अधिकारियों-कर्मचारियों और झांसी परीक्षा थर्मल पावर प्रोजेक्ट के क्लर्क माता प्रसाद गौतम समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि फर्जी हस्ताक्षर कर महिला के खाते से रकम क्लर्क के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। किरण श्रीवास्तव के पति बृजेश कुमार श्रीवास्तव झांसी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। 11 जुलाई 2023 को उनकी मौत के बाद किरण ने ग्रेच्युटी समेत अन्य भुगतान के लिए विभाग में संपर्क किया था। इसी दौरान क्लर्क माता प्रसाद गौतम ने फाइल तैयार कराने के नाम पर पति के दस्तावेज और एसबीआई खाते का बिना हस्ताक्षर किया हुआ चेक ले लिया। विभाग की ओर से रकम किरण के खाते में ट्रांसफर होने के बाद फर्जी हस्ताक्षर कर 2.90 लाख रुपए गौतम के खाते में भेज दिए गए। फाइल तैयार कराने के नाम पर लिया था चेक किरण के मुताबिक, क्लर्क ने सरकारी भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर उनसे कई दस्तावेज लिए थे। इसी दौरान बैंक खाते का बिना हस्ताक्षर वाला चेक भी ले लिया गया। बाद में खाते की जानकारी मिलने पर उन्हें रकम ट्रांसफर होने का पता चला। फर्जी साइन से खाते से निकली रकम आरोप है कि चेक पर किरण के फर्जी हस्ताक्षर किए गए और 2.90 लाख रुपए माता प्रसाद गौतम के खाते में ट्रांसफर करा दिए गए। महिला का आरोप है कि बैंक स्तर पर भी भुगतान से पहले जरूरी जांच और हस्ताक्षर का मिलान नहीं किया गया। बैंक कर्मचारियों पर भी मिलीभगत का आरोप किरण ने एसबीआई की सुल्तानपुर और झांसी शाखा के कर्मचारियों पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बड़ी रकम के भुगतान से पहले बैंकिंग नियमों के तहत सत्यापन और हस्ताक्षर मिलान होना चाहिए था, लेकिन बिना पर्याप्त जांच के रकम ट्रांसफर कर दी गई। कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर पुलिस से शिकायत के बाद कार्रवाई न होने पर किरण ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सीजेएम कक्ष नवनीत सिंह ने थानाध्यक्ष को सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही सात दिन के भीतर अनुपालन आख्या न्यायालय में पेश करने को कहा है। मामले की जांच उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार यादव को सौंपी गई है।

Source: Read Full Article

प्रतिक्रिया दें (Leave a Reply)

आपका ईमेल पता सुरक्षित है और प्रकाशित नहीं किया जाएगा। आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *