Tuesday, 29 September 2026
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म्यूल अकाउंट में 1.16 करोड़ का लेनदेन:साइबर अपराध की जांच में देवरिया पुलिस ने 4 लोगों पर केस दर्ज किया

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
28 September 2026 9:26 PM 1 मिनट पठन 359 Views
म्यूल अकाउंट में 1.16 करोड़ का लेनदेन:साइबर अपराध की जांच में देवरिया पुलिस ने 4 लोगों पर केस दर्ज किया

देवरिया जिले के साइबर अपराध की जांच के दौरान एक बैंक खाते में करीब 1.16 करोड़ रुपये के लेनदेन का मामला सामने आया है। साइबर थाना पुलिस की जांच के बाद इस मामले में चार लोगों के खिलाफ रविवार की रात दो बजे मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, खाते में रकम आने के बाद उसे दूसरे खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर किया गया या निकाला गया। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। साइबर थाने के उप निरीक्षक दीपक पटेल को उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, सलेमपुर के एक खाते की जांच सौंपी गई थी। जांच में सामने आया कि 2 जून से 27 जुलाई के बीच खाते में करीब 1 करोड़ 16 लाख रुपये प्राप्त हुए। रकम आने के बाद उसे दूसरे खातों में भेजने और निकाले जाने की जानकारी जांच में सामने आई है। चचेरे भाई के प्रॉपर्टी कारोबार की जानकारी पुलिस के अनुसार, संबंधित खाता सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के निजामाबाद निवासी ब्रजेश कुमार शर्मा के नाम पर है। पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि ब्रजेश का चचेरा भाई करन शर्मा प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री का काम करता है। उसके साथ गोलू और अंगद के काम करने की बात भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, खाते के लेनदेन और रकम निकालने का काम गोलू और अंगद करते थे। मामले में ब्रजेश शर्मा, करन शर्मा निवासी निजामाबाद और गोलू व अंगद पाठक, निवासी अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। म्यूल अकाउंट की जांच में जुटी साइबर पुलिस साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। साइबर पुलिस के अनुसार, साइबर अपराध में म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल किए जाने के मामलों की लगातार जांच की जा रही है। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ मामलों में लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल रकम मंगाने और आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। इसके बदले खाताधारक या बीच में शामिल लोगों को कमीशन मिलने की बात सामने आती है। हालांकि, इस मामले में आरोपियों की भूमिका और खाते में आए 1.16 करोड़ रुपये के स्रोत की पूरी स्थिति पुलिस की जांच के बाद स्पष्ट होगी।

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