कानपुर के कल्याणपुर विधानसभा के मकड़ीखेड़ा, गुप्ता सोसाइटी, बालाजीपुरम और ख्यौरा इलाके में एक महीने से हजारों परिवार जलभराव के बीच रहने को मजबूर हैं। इस बीच पूर्व सपा विधायक सतीश निगम इलाकों में पहुंचकर लोगों के हालात जानने गए। वहीं, भाजपा की मौजूदा विधायक नीलिमा कटियार कभी अधिकारियों के साथ मोटर पंप से जल निकासी कराती हुई नजर आईं, तो कभी प्रभावित इलाकों में जलभराव के बीच उतरकर राहत सामग्री बांटती दिखीं। दोनों के जलभराव के 2 से 3 फीट पानी में उतरने के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाया कि चुनाव आ गए हैं, इसलिए पानी में उतर गए। पूर्व सपा विधायक और मौजूदा भाजपा विधायक ने एक-दूसरे पर कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र में काम नहीं कराने का आरोप लगाया है। वहीं मौजूदा बीजेपी विधायक ने कहा कि पूर्व विधायक ने काम कराया होता तो दो बार वो असफल नहीं होते। दैनिक भास्कर ने सपा के पूर्व विधायक सतीश निगम और भाजपा की मौजूदा विधायक नीलिमा कटियार से बात की। पढ़िए इस रिपोर्ट में… पूर्व सपा विधायक सतीश निगम ने कहा- जो 10 साल किसी के बीच नहीं गया, किसी के सुख-दुख में शामिल नहीं हुआ। कल्याणपुर विधानसभा को जहां छोड़कर आए थे, अगर काम होता तो और अच्छा हो जाता। मेरा सपना था कि विधानसभा मॉडल विधानसभा बने, लेकिन बिल्कुल जीरो कर दिया। जलभराव में उतरने का मकसद यह भी हो सकता है कि मैं जा रहा हूं, कहीं वो पीछे न रह जाएं। क्योंकि चुनाव आने वाले हैं, तो विधायिका जी पहुंच गईं। भाजपा की दूसरी बार विधायक नीलिमा कटियार ने कहा- कल्याणपुर विधानसभा से हमारा परिवार पीढ़ियों से जुड़ा है। कोविड हो या जलभराव, हर दुख-सुख में उनके साथ रहे हैं और रहेंगे। मेरे लिए तो जनता ही जनार्दन है। जनता सब जानती है। अब वो जलभराव में वोटिंग के चार महीने पहले जाकर बता रहे हैं कि हम आपके हैं, हम आपके हैं। अगर उन्होंने काम किया होता, तो उन्हें दो बार असफलता क्यों मिलती? विधायक नीलिमा कटियार ने क्या कहा, पढ़िए विधायक नीलिमा ने कहा- अगले साल तक जलभराव नहीं होगा भाजपा विधायक नीलिमा ने कहा कि मकड़ीखेड़ा, गुप्ता सोसाइटी, सरजू पुरवा, उजियारी पुरवा और जमुना पुरवा गंगा नदी के किनारे स्थित क्षेत्र हैं। इस बार सामान्य से अधिक बारिश होने के कारण पांडु नदी, गंगा नदी, नहरों और नालों में पानी बढ़ा और कई इलाकों में सामान्य से ज्यादा जलभराव हुआ। उन्होंने कहा कि इस बार बारिश अधिक दिनों तक हुई और ज्यादा मात्रा में पानी गिरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने के लिए पंप, पाइप और जेसीबी की मदद ली गई। नालों से जलकुंभी हटाने और लगातार पंप चलाने की व्यवस्था पर भी काम किया गया। नीलिमा ने कहा कि जलभराव से प्रभावित निम्न आय वर्ग के परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। साथ ही प्रभावित इलाकों में रात के समय रोशनी की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया गया। 1.5 अरब से ज्यादा की परियोजना का दावा विधायक ने कहा कि जलभराव की स्थायी समस्या के समाधान के लिए नगरीय आपदा राहत कोष से परियोजना को मंजूरी मिली है। उनके मुताबिक कल्याणपुर विधानसभा के लिए 1.5 अरब रुपए से अधिक की राशि का टेंडर हो चुका है और 8 से 10 दिन के अंदर काम शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र का ड्रेनेज सिस्टम तैयार करना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि ख्योरा, लवकुश धाम और कछार क्षेत्र में प्लिंथ लेवल काफी अलग-अलग है। गंगा के किनारे होने के कारण भी परियोजना तैयार करने में तकनीकी सावधानी बरती गई। नीलिमा के मुताबिक परियोजना में जलनिकासी के रास्तों को सुगम करने, अतिक्रमण हटाने और जरूरत के अनुसार भू-अधिग्रहण की कार्रवाई भी शामिल होगी। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष तक इन इलाकों में बार-बार होने वाले जलभराव की समस्या खत्म होने की उम्मीद है। पूर्व विधायक के चुनाव के समय क्षेत्र में आने पर बोलीं नीलिमा पूर्व विधायक सतीश निगम के जलभराव प्रभावित इलाकों में जाने और चुनाव नजदीक आने पर सक्रिय होने के सवाल पर नीलिमा ने कहा कि इस तरह की बातों का जवाब देना जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि कल्याणपुर विधानसभा से उनका परिवार पीढ़ियों से जुड़ा है और लोगों के सुख-दुख में साथ रहना उनके लिए केवल चुनावी अवसर नहीं है। कोरोना काल और अन्य समस्याओं के दौरान भी क्षेत्र के लोगों के साथ रहने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि जनता सब जानती है। नीलिमा ने अपनी सरकार और कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सड़क, सीवर और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कई काम हुए हैं। उन्होंने बताया कि मैनावती मार्ग, छपेड़ा-देवकी मार्ग और बगिया क्रॉसिंग की सीएम ग्रिड सड़क समेत कई मार्गों के नीचे सीवर लाइन का काम किया गया है। उनके अनुसार पुराने कानपुर, ख्योरा और नारामऊ क्षेत्र में 100 किलोमीटर से अधिक सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है। पूर्व विधायक सतीश निगम ने क्या कहा, पढ़िए सतीश निगम बोले- लोग घरों में कैद, गलियों में दूर तक पानी समाजवादी पार्टी के कल्याणपुर से पूर्व विधायक सतीश निगम ने जलभराव को लेकर मौजूदा विधायक और प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वे सिर्फ मकड़ीखेड़ा ही नहीं, बल्कि उजियारी पुरवा, सुखऊ पुरवा, धनऊ पुरवा, अचाक पुरवा और डिविनिटी के पीछे समेत कई इलाकों में गए हैं। निगम के मुताबिक कई जगहों पर अभी भी दूर तक रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है और लोगों के घरों के अंदर तक पानी पहुंचा हुआ है। उन्होंने स्थिति की तुलना कोरोना काल से करते हुए कहा कि लोग अपने घरों में कैद हैं और बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई परिवार घरों में ताला लगाकर दूसरी जगह रहने को मजबूर हैं। उनके अनुसार कल्याणपुर, मिर्जापुर, कल्याणपुर खुर्द और कल्याणपुर कलां समेत कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बोले- बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे, मरीजों को अस्पताल पहुंचाना मुश्किल सतीश निगम ने कहा कि जलभराव के कारण बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल है। बीमार व्यक्ति को दवा लेने जाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को गंभीर बीमारी होने की स्थिति में उसे अस्पताल तक पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि नालों की सफाई ठीक से नहीं हुई और कई नाले चोक पड़े हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने समय रहते काम नहीं किया और समस्या बढ़ती गई। ‘हमने पांच साल में सड़क और नालों का काम कराया’ सतीश निगम ने अपने पिछले कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि उनके समय में कल्याणपुर की गलियों और सड़कों का निर्माण कराया गया था। उनके अनुसार नालों को चैनलाइज और सीमेंटेड कराया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में किए गए कामों का रखरखाव ठीक से नहीं हुआ और आज नाले फिर से चोक हैं। निगम ने कहा कि जिस कल्याणपुर को उन्होंने अपने कार्यकाल में विकसित करने का प्रयास किया था, वह अब खराब स्थिति में पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यदि दोबारा जिम्मेदारी मिली तो कई काम उन्हें फिर से शून्य से शुरू करने पड़ेंगे। नीलिमा के जलभराव में जाने पर निगम ने साधा निशाना मौजूदा विधायक नीलिमा के जलभराव प्रभावित इलाकों में जाने को लेकर सतीश निगम ने कहा कि यह उनका अपना फैसला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब लोगों को जरूरत थी, तब क्षेत्र में नहीं गईं और अब चुनाव नजदीक आने पर जलभराव वाले इलाकों का दौरा किया जा रहा है। निगम ने इसे चुनावी समय में दिखाई जा रही हमदर्दी बताया और कहा कि उनकी लोगों के प्रति हमदर्दी नहीं है।
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