जैसे -जैसे भारत त्यौहारों के मौसम में रोशनी से जगमगाता है, बाजार खचाखच भर जाते हैं, इस महंगाई में खरीदारी के थैले जितने भरे जा सकते हैं, उतने भरे होते हैं, घर सज जाते हैं और सामाजिक कार्यक्रमों की फेहरिस्त भर जाती है। दीवाली और उससे जुड़े उत्सव…
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