देश की सर्वोच्च अदालत ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि यदि कोई वयस्क व्यक्ति अपनी इच्छा से सेक्स वर्क करता है, तो केवल इस आधार पर उसे अपराधी नहीं माना जा सकता। अदालत ने पुलिस और प्रशासन को भी ऐसे लोगों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने के निर्देश दिए हैं।
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