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5 पीढ़ियों से रावण बना रहा जाहिद का परिवार:75 फीट ऊंचे पुतले का होगा दहन, साथ में फूंकेंगे अहिरावण और मेघनाथ

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
20 October 2026 5:26 PM 1 मिनट पठन 144 Views
5 पीढ़ियों से रावण बना रहा जाहिद का परिवार:75 फीट ऊंचे पुतले का होगा दहन, साथ में फूंकेंगे अहिरावण और मेघनाथ

भगवान श्री कृष्ण की जन्मस्थली असत्य पर सत्य की विजय के पर्व दशहरा के लिए तैयार है। मंगलवार को भव्य आतिशबाजी के बीच रामलीला मैदान में 75 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। इसके अलावा 60 फीट ऊंचा अहिरावण का पुतला भी दहन होगा। इन विशालकाय पुतलों को जाहिद खान के परिवार ने तैयार किया है। जाहिद की पांच पीढ़ियां रावण का पुतला बनाती चली आ रही हैं। जाहिद के परिवार सहित 10 लोगों ने डेढ़ महीने की मेहनत के बाद इन पुतलों को तैयार किया है। जन्माष्टमी बाद से शुरू कर देते हैं तैयारी मथुरा में रावण बनाने की तैयारी जन्माष्टमी बाद से शुरू हो जाती है। इसमें लगने वाला कागज कुछ स्थानीय तो कुछ दिल्ली से मंगाया जाता है। इस कागज को भीगा कर रख देते हैं। इसके बाद सूखने पर इसे बांस से बने ढांचे पर सेट किया जाता है। इससे पहले कागज में अलग अलग रंगों का प्रयोग कर उसे आकर्षक बनाया जाता है। जाहिद का परिवार मथुरा और आसपास के इलाकों में रावण के पुतला बनाने का काम करता है। रावण के पुतले में करीब 300 किलो कागज का प्रयोग किया जाता है। 100 बांस से ज्यादा लगते हैं रावण के पुतले में रामलीला मैदान में रावण के पुतले को अंतिम रूप दे रहे जाहिद ने बताया कि रावण का पुतला बनाने में करीब 120 बांस लग जाते हैं। वहीं अहिरावण के पुतले में 100 के करीब बांस का प्रयोग होता है। शुरू के दिनों में 4 से 5 घंटे प्रतिदान मेहनत की जाती है,जबकि जैसे जैसे नजदीक समय आता है मेहनत का समय 12 घंटे से ज्यादा बढ़ जाता है। पुतला बनाने में जाहिद के 5 भाई के अलावा अन्य 5 कारीगर लगते हैं। इसके बाद विशालकाय पुतला तैयार होता है। 2 हजार रुपए प्रति फीट आती है लागत पुतला तैयार कर रहे जाहिद ने बताया कि उनका परिवार दशहरा पर दस से 12 पुतला बनाता है। सबसे बड़ा रावण का पुतला मथुरा के रामलीला मैदान में ही बनता है। जबकि सबसे छोटा पुतला 30 फीट का होता है जी ग्रामीण इलाकों में होने वाली रामलीला के पदाधिकारियों द्वारा बनवाया जाता है। एक पुतला बनाने में करीब 2000 रुपए प्रति फीट की लागत आती है। जाहिद ने बताया कि इसी काम से उनका परिवार चल रहा है। जाहिद ने बताया उनके पिता छोटे खान,दादा मुगल खान,परदादा भी इसी काम से जुड़े थे और यह कला पीढ़ी दर पीढ़ी सीखते चले आ रहे हैं। कमाई नहीं भगवान की सेवा है जाहिद बताते हैं कि यह कमाई का जरिया नहीं बल्कि प्रभु की सेवा है। पीढ़ी दर पीढ़ी इस परंपरा को संभाल रहे हैं। यह खानदानी जिम्मेदारी संभालने का भी प्रयास है। जिसे हम निभा रहे हैं। जाहिद ने बताया दशहरा उत्सव पर उनके द्वारा डेढ़ महीने की मेहनत के बाद तैयार पुतला को जब जलाया जाता है और पूरा वातावरण भक्ति मय होता है तो खुशी मिलती है। जाहिद ने बताया उनके द्वारा मथुरा ही नहीं बल्कि सदर बाजार,गोकुल,कृष्णा नगर,महावन सहित अन्य जगह पर भी पुतले बनाए गए हैं। पदाधिकारियों ने किया रामलीला मैदान का निरीक्षण श्री रामलीला सभा के तत्वावधान में दशहरा मेला व रावण वध की तैयारियों के संदर्भ मै सभा के पदाधिकारियों द्वारा रामलीला मैदान का निरीक्षण कर व्यवस्थायें सुनिश्चित की गई। महामंत्री मूलचन्द गर्ग ने बताया कि इस बार दशहरा मेला अत्यन्त आकर्षक होगा । रामलीला मैदान में राम-रावण युद्ध के मंचन के लिये 12 फुट ऊँची, 80 फुट लम्बा व 120 फुट चौड़ा मंच तैयार किया गया है। रावण का पुतला 75 फुट ऊँचा एवं अहिरावण का पुतला 60 फुट ऊँचा बनाया गया है। शिवकाशी,भरतपुर और दिल्ली की चलेगी आतिशबाजी दशहरा मेला मंत्री अजय कान्त गर्ग ने बताया शिवाकाशी, भरतपुर व दिल्ली के आतिशबाजों द्वारा आकर्षक आतिशवाजी का प्रदर्शन होगा । साथ ही इलैक्ट्रोनिक डिजिटल आतिशबाजी का प्रदर्शन विशेष आकर्षण का केन्द्र होगा । रामलीला मैदान में चारों ओर भव्य सजावट तथा दर्शकों के बैठने के लिये पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है । साथ ही इस वर्ष ड्रोन के द्वारा पुष्प वर्षा की बहुत ही भव्य व्यवस्था की गई है। रामलीला मैदान में कार्यालय मंत्री संजय बिजली, अनूप टैण्ट वालों की देखरेख में मैदान की समस्त व्यवस्था की जा रही है।

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