गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक युवती से मिलने पहुंचे मुस्लिम युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना जीटी रोड स्थित एक होटल के बाहर हुई, जहां कुछ लोगों ने युवक को पकड़कर पीटा और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। कुछ लोगों ने इसे ‘लव जिहाद’ से जोड़कर आरोप लगाए हैं, हालांकि पुलिस ने फिलहाल मामले की जांच शुरू की है।
इंस्टाग्राम पर हुई थी युवक और युवती की दोस्ती
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, युवक की पहचान अयान सैफी के रूप में हुई है, जो अमरोहा जिले के गजरौला का निवासी बताया गया है। उसकी गाजियाबाद की एक युवती से इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती हुई थी। बताया गया है कि युवक युवती से मिलने गाजियाबाद आया था।
दोनों जीटी रोड स्थित एक होटल पहुंचे, लेकिन पहचान पत्र देखने के बाद होटल प्रबंधन ने उन्हें कमरा देने से इनकार कर दिया। इसके बाद युवक युवती को दूसरे होटल ले जाने लगा। इसी दौरान विवाद हुआ और मामला मारपीट तक पहुंच गया। <Cite refs={[“turn432260view0″,”turn432260view1”]}/>
युवती की मदद की गुहार के बाद हुई मारपीट
रिपोर्ट के अनुसार, दूसरे होटल की ओर जाते समय युवती ने आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगी। इसके बाद कुछ लोगों ने युवक को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की। घटना के दौरान मौके पर भीड़ जमा हो गई, जिससे सड़क पर यातायात भी प्रभावित होने की खबर है।
मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली घटना के सभी पहलुओं और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
‘लव जिहाद’ के आरोपों से बढ़ी चर्चा
हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय संयोजक गौरव सिसोदिया ने इस घटना को ‘लव जिहाद’ से जोड़कर आरोप लगाए हैं। उनके दावों के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया।
हालांकि, किसी रिश्ते या मुलाकात को अपने आप में साजिश या जबरन धर्मांतरण का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इस मामले में भी आरोपों की सत्यता और घटना के पीछे की परिस्थितियों का निर्धारण जांच के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
पुलिस ने क्या कहा?
एसीपी उपासना पांडे के अनुसार, युवक और युवती पहले से एक-दूसरे को जानते थे और होटल में मिलने गए थे। वहां कुछ लोगों ने इसका विरोध किया और युवक के साथ मारपीट की।
पुलिस ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। <Cite refs={[“turn432260view1”]}/>
कानून अपने हाथ में लेना कितना सही?
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि किसी विवाद या संदेह की स्थिति में लोगों को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार है या नहीं। किसी व्यक्ति पर आरोप होने की स्थिति में भी मारपीट करना उचित नहीं है। मामले की जांच करना और कानून के अनुसार कार्रवाई करना पुलिस तथा संबंधित कानूनी संस्थाओं की जिम्मेदारी है।
युवक और युवती के बीच क्या हुआ था, होटल में कमरा देने से इनकार करने की परिस्थितियां क्या थीं और मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका क्या रही—इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।