Tuesday, 13 October 2026
होम DBN Samachar यूपी चुनाव 2027: ‘अबकी बार बांके बिहारी’, अखिलेश यादव को घेरने के लिए BJP का ‘प्लान 403’
DBN Samachar

यूपी चुनाव 2027: ‘अबकी बार बांके बिहारी’, अखिलेश यादव को घेरने के लिए BJP का ‘प्लान 403’

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
13 October 2026 1:52 PM 1 मिनट पठन 69 Views
यूपी चुनाव 2027: ‘अबकी बार बांके बिहारी’, अखिलेश यादव को घेरने के लिए BJP का ‘प्लान 403’

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। समाजवादी पार्टी (SP) के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण का मुकाबला करने के लिए भाजपा OBC और अति-पिछड़े वर्गों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। आजतक की 13 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी की योजना प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठन को सक्रिय करने और स्थानीय स्तर पर मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने की है।

क्या है BJP का ‘प्लान 403’?

भाजपा की रणनीति का प्रमुख हिस्सा ‘प्लान 403’ बताया गया है। इसके तहत करीब 4 लाख 3 हजार OBC कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपने की योजना है। पार्टी विधानसभा और बूथ स्तर पर संपर्क बढ़ाकर पिछड़े तथा अति-पिछड़े समुदायों के बीच अपना समर्थन मजबूत करना चाहती है।

इस अभियान के जरिए भाजपा स्थानीय जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक गतिविधियों और जनसंपर्क पर जोर देगी। पार्टी की रणनीति में समाजवादी पार्टी को परिवारवाद के मुद्दे पर घेरना भी शामिल है। हालांकि, इस योजना का चुनावी परिणामों पर कितना असर होगा, यह आने वाले समय में मतदाताओं की प्रतिक्रिया से स्पष्ट होगा।

सरदार पटेल के जरिए कुर्मी और पटेल समुदायों तक पहुंचने की तैयारी

भाजपा पिछड़े वर्गों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत को भी अभियान का हिस्सा बनाने जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती पर बूथ स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।

इसके अलावा, प्रदेश के 403 विधानसभा क्षेत्रों और 1,918 मंडलों में सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी बताई गई है। इन कार्यक्रमों के जरिए कुर्मी, पटेल और गंगवार समुदायों से संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

भाजपा का उद्देश्य इन समुदायों के बीच संगठनात्मक जुड़ाव मजबूत करना और उन्हें अपनी राजनीतिक रणनीति से जोड़ना है।

‘अबकी बार बांके बिहारी’ से यादव मतदाताओं पर नजर

भाजपा की रणनीति में यादव समुदाय तक अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाना भी शामिल है। उत्तर प्रदेश में यादव मतदाताओं को समाजवादी पार्टी का प्रमुख समर्थक वर्ग माना जाता है। ऐसे में भाजपा इस समुदाय के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ‘अबकी बार बांके बिहारी’ नारे के जरिए पार्टी मथुरा और बांके बिहारी से जुड़े सांस्कृतिक प्रतीकों को अपने अभियान में शामिल करने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही भाजपा सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाकर यह सवाल उठाना चाहती है कि यादव समुदाय के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को कितना राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलता है।

अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले को चुनौती देने की तैयारी

समाजवादी पार्टी ने पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को एक साथ जोड़ने के लिए PDA का राजनीतिक फॉर्मूला आगे बढ़ाया है। भाजपा अब OBC और अति-पिछड़े समुदायों के बीच अपनी मौजूदगी मजबूत करके इस समीकरण का मुकाबला करना चाहती है।

दोनों दलों की रणनीतियों में सामाजिक प्रतिनिधित्व, जातीय समीकरण और स्थानीय संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण दिखाई दे रही है। भाजपा जहां बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की तैयारी में है, वहीं सपा के लिए अपने PDA गठबंधन को मजबूत बनाए रखना अहम होगा।

2027 के विधानसभा चुनाव में क्या होगा असर?

उत्तर प्रदेश में विधानसभा की कुल 403 सीटें हैं। चुनाव से पहले भाजपा का ‘प्लान 403’ इस बात का संकेत है कि पार्टी राज्यव्यापी संगठन और सामाजिक समीकरणों पर विशेष ध्यान देना चाहती है।

हालांकि, किसी भी चुनावी रणनीति की सफलता केवल घोषणाओं या अभियानों पर निर्भर नहीं करती। स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवारों का चयन, रोजगार, विकास, कानून-व्यवस्था और मतदाताओं का रुझान भी चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं।

प्रतिक्रिया दें (Leave a Reply)

आपका ईमेल पता सुरक्षित है और प्रकाशित नहीं किया जाएगा। आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *