संसद की कार्यवाही में पारदर्शिता से जनता का भरोसा और जवाबदेही बढ़ती है। इससे लोग अपने प्रतिनिधियों के कामकाज पर नजर रख सकते हैं। आज भ्रामक जानकारी और निराशावादी विचारों से सार्वजनिक संस्थाओं पर विश्वास कम हो सकता है, ऐसे में संसद को जनता के निकट लाने से लोकतंत्र पर लोगों का विश्वास बढ़ता है।
Source: Read Full Article