कानपुर में चोरी के आरोप में सीसीटीवी फुटेज में आने-जाने वीडियो में संदिग्ध लगने पर पूछताछ के लिए लाए गए अमन अग्रवाल को छुड़ाने को लेकर सोमवार रात सिरकी मोहाल चौकी पर सपा विधायक अमिताभ बाजपेई और भाजपा पार्षद विकास जायसवाल आमने-सामने आ गए। दिनभर पुलिस चौकी के बाहर धरने पर बैठे विधायक रात में अमन का हाथ पकड़कर उसे चौकी से बाहर ले आए। विधायक के समर्थक पीछे नारेबाजी करते हुए सड़क पर निकले। विधायक चौकी से करीब 20 कदम ही आगे बढ़े थे कि भाजपा पार्षद विकास जायसवाल और व्यापारी नेता विनोद गुप्ता वहां पहुंच गए। दोनों ने अमन और विधायक का हाथ पकड़कर रोक लिया। इसके बाद सड़क पर ही दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। कुछ देर बाद विधायक अमन का हाथ छोड़कर आगे बढ़ गए। भाजपा पार्षद और पुलिस अमन को दोबारा चौकी के अंदर ले आए। करीब पांच मिनट बाद विधायक अमिताभ बाजपेई भी चौकी के अंदर पहुंच गए। चौकी के अंदर आमने-सामने हुए विधायक-पार्षद चौकी के अंदर पहुंचते ही अमिताभ बाजपेई और विकास जायसवाल के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। दोनों पक्ष अमन को छुड़ाने की कार्रवाई का श्रेय लेने के साथ एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे। विकास जायसवाल ने विधायक से कहा कि जिस युवक को पुलिस ने पकड़ा है, उसे सपा नेता सचिन जायसवाल उर्फ मोनू ने ही पकड़वाया है और अब सपा के लोग उसे छुड़ाने के लिए चौकी पर बैठे हैं। विकास ने अमन को चौकी को हांथ पकड़ कर कहा खड़े होकर बताओं किसने पकड़वाया है तुम्हें। चौकी के भीतर ही समर्थकों के बीच भी टकराव की स्थिति बनी तो पुलिस ने उन्हें चौकी से बाहर निकाल दिया। इसके बाद चौकी के बाहर भी सपा और भाजपा समर्थकों की नारेबाजी जारी रही। दिनभर विधायक का धरना, शाम को भाजपा नेताओं की एंट्री मामले की शुरुआत सोमवार दोपहर हुई। सपा विधायक अमिताभ बाजपेई अमन को छुड़ाने के लिए फीलखाना थाना क्षेत्र की सिरकी मोहाल चौकी पहुंचे थे। विधायक ने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान पुलिस ने अमन को पट्टे से पीटा है। इसके विरोध में वह चौकी के बाहर धरने पर बैठ गए। पुलिस अधिकारियों ने आरोपों को निराधार बताया। अधिकारियों का कहना था कि अमन को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूछताछ के लिए लाया गया है। जांच में निर्दोष पाए जाने पर उसे छोड़ दिया जाएगा। शाम 6 बजे भाजपा पार्षद अमित गुप्ता चौकी पहुंचे, वो भी अमन के समर्थन में सपा विधायक के साथ दिखे। लेकिन इसके बाद पार्षद विकास जायसवाल और व्यापारी नेता विनोद गुप्ता भी वहां पहुंच गए। भाजपा नेताओं ने भी अधिकारियों से अमन अग्रवाल को लेकर बात की, जिसपर अधिकारियों ने रात 8 बजे जांच करने के बाद एक घंटे में छोड़ने का आश्वासन दिया। धीरे-धीरे दोनों दलों के समर्थक चौकी के बाहर जुटने लगे और माहौल गरमाता गया दोनों पक्ष अमन को छुड़ाने का श्रेय लेते रहे रात करीब 9:30 बजे विधायक अमिताभ बाजपेई अमन को चौकी से बाहर लेकर आए तो मामला सीधे सपा और भाजपा नेताओं के बीच टकराव में बदल गया। भाजपा नेताओं ने सपा विधायक का हांथ पकड़कर रोक लिया, चौकी से बाहर 20 कदम की दूरी पर ही निकले थे, इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए। भाजपा और सपा समर्थक एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सपा ने नारा लगाया कि कल भी कल भी हम जीते थे, आज भी हम जीते हैं। इस पर बीजेपी ने भी जवाबी नारेबाजी की। सपा विधायक आगे निकल गए और बीजेपी नेता विकास जायसवाल और विनोद गुप्ता दोनों अमन को लेकर चौकी आ गए। चौकी के भीतर कुछ देर बाद ही सपा विधायक भी वापस आ गए, इसके बाद भाजपा पार्षद विकास और अमिताभ के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप प्रत्यारोप के दौरान विकास ने अमन का हांथ पकडकर कहा कि बताओं तुम्हे किसने पकड़वाया बताओं सपा के नेता सचिन जायसवाल ने पकड़वाया है या नहीं, एक पकडवाने आते हैं दूसरे विधायक छुडवाने आ जाते हैं। ऐसे में बहस होती रही। कुछ देर बाद विधायक चौकी से बाहर निकले। करीब 10 मिनट बाद भाजपा पार्षद विकास जायसवाल और व्यापारी नेता विनोद गुप्ता अमन को लेकर बाहर आए और उसकी सपुर्दगी परिवार को कराई। भाजपा पार्षद का आरोप- सपा नेता ने अमन को पकड़वाया विकास जायसवाल ने आरोप लगाया कि सपा से पार्षदी का चुनाव लड़ चुके सचिन जायसवाल उर्फ मोनू ने रात करीब 1:30 बजे अमन को उसके घर से पकड़वाया था। उनका कहना था कि इसके बाद विधायक ने दिनभर चौकी पर धरना दिया और भाजपा नेताओं के पहुंचने के बाद अधिकारियों से बात कर अमन की सपुर्दगी कराई गई। विकास जायसवाल ने कहा कि एक तरफ सपा का नेता युवक को पकड़वाता है और दूसरी तरफ विधायक उसे छुड़ाने के लिए चौकी पर धरना देते हैं। इस तरह की नौटंकी और तमाशा नहीं चलने दिया जाएगा। सपा का पलटवार- भाजपा श्रेय लेने पहुंची सपा के हरबंश मोहाल पार्षद कौशिक बाजपेई ने कहा कि अमन को पुलिस चोरी के आरोप में पूछताछ के लिए लाई थी। सुबह परिजनों के पहुंचने पर अमन ने पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाया, जिसके बाद विधायक अमिताभ बाजपेई धरने पर बैठे। उन्होंने भाजपा नेताओं पर आरोप लगाया कि जब विधायक अमन को बाहर लेकर आए तो भाजपा नेता मामले में राजनीति करने और इसका श्रेय लेने के लिए वहां पहुंच गए। सचिन जायसवाल को लेकर उन्होंने कहा कि वह पहले सपा से पार्षद का चुनाव लड़ चुका है, लेकिन वर्तमान में उसका पार्टी से कोई कनेक्शन नहीं है।
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