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ग्रीन गैस बिल के नाम पर साइबर ठगी: APK डाउनलोड कराकर कॉल फॉरवर्ड, कारोबारी के खाते से 6 लाख पार

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
29 September 2026 12:50 PM 1 मिनट पठन 932 Views
ग्रीन गैस बिल के नाम पर साइबर ठगी: APK डाउनलोड कराकर कॉल फॉरवर्ड, कारोबारी के खाते से 6 लाख पार

आगरा: साइबर ठगों ने अब गैस बिल अपडेट कराने के नाम पर लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। आगरा में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां एक कारोबारी को व्हाट्सएप पर ग्रीन गैस के नाम से संदेश भेजा गया। इसके बाद उसे APK फाइल डाउनलोड कराई गई और मोबाइल की कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव करा दी गई। कुछ समय बाद कारोबारी की फर्म के बैंक खाते से 6 लाख रुपये निकाल लिए गए। मामले में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

व्हाट्सएप पर आया था ग्रीन गैस का मैसेज

मामला आगरा के कमला नगर की यमुनोत्री कॉलोनी का है। रिपोर्ट के मुताबिक, कारोबारी योगेश कुमार अग्रवाल के व्हाट्सएप पर 21 सितंबर को एक अनजान नंबर से ग्रीन गैस के नाम से संदेश आया था।

मैसेज में बिल अपडेट करने के लिए दो मोबाइल नंबर दिए गए थे। कारोबारी ने जब दिए गए नंबर पर बातचीत की तो सामने वाले व्यक्ति ने बिल से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर उनके मोबाइल पर एक APK फाइल भेजी।

ठगों ने बातचीत के दौरान उन्हें यह फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा।

APK डाउनलोड के बाद कराया कॉल फॉरवर्ड

आरोप है कि बातचीत के दौरान साइबर ठगों ने कारोबारी को अपने झांसे में लेकर मोबाइल की कॉल फॉरवर्डिंग भी एक्टिव करा ली।

इसके बाद कुछ ही समय में उनकी फर्म आरके मिनरल्स के इंडियन बैंक, रुनकता शाखा स्थित खाते से 6 लाख रुपये निकाल लिए गए।

खाते से रकम निकलने का पता चलने के बाद कारोबारी ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीसीपी साइबर आदित्य सिंह के अनुसार, पुलिस मामले की जांच कर रही है।

आगरा में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

ग्रीन गैस के नाम पर APK फाइल भेजकर साइबर ठगी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले आगरा में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

26 सितंबर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, न्यू लॉयर्स कॉलोनी के एक अधिवक्ता को ग्रीन गैस बिल के नाम पर APK फाइल भेजी गई थी। फाइल खोलने के बाद उनके खाते से छह अलग-अलग लेनदेन में 2,54,580 रुपये निकाल लिए गए थे।

इसी तरह सितंबर में मीटर अपडेट, बिल भुगतान और CRN नंबर देखने के नाम पर भी APK फाइल भेजकर लोगों को निशाना बनाए जाने के मामले सामने आए हैं।

ग्रीन गैस ने भी जारी की चेतावनी

Green Gas Limited ने ग्राहकों को फर्जी कॉल और भुगतान संदेशों को लेकर चेतावनी जारी की है। कंपनी के मुताबिक, वह भुगतान की पुष्टि के लिए ग्राहकों को इस तरह के कॉल नहीं करती और न ही भुगतान के लिए किसी अनजान ऐप को डाउनलोड करने, कार्ड की जानकारी या OTP साझा करने को कहती है।

कंपनी ने ग्राहकों को सलाह दी है कि भुगतान के लिए केवल अधिकृत माध्यमों का इस्तेमाल करें। किसी व्यक्ति के निजी UPI या QR कोड पर भुगतान करने से भी बचें।

ऐसे साइबर फ्रॉड से कैसे बचें?

पुलिस ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। खास तौर पर गैस बिल, मीटर या कनेक्शन अपडेट के नाम पर आने वाले अनजान लिंक और APK फाइलों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

इन बातों का ध्यान रखें:

  • व्हाट्सएप या SMS पर आई अनजान APK फाइल डाउनलोड न करें।
  • बिल अपडेट के नाम पर किसी अनजान नंबर पर कॉल करने से बचें।
  • किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल न करें।
  • OTP, UPI PIN, CVV, बैंक पासवर्ड या कार्ड की जानकारी किसी से साझा न करें।
  • भुगतान के लिए कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत माध्यम का इस्तेमाल करें।
  • कोई संदिग्ध ऐप डाउनलोड हो गया है तो तुरंत मोबाइल का इंटरनेट बंद कर दें।
  • बैंक खाते से अनधिकृत रकम निकलने पर तुरंत बैंक को सूचना दें।
  • साइबर फ्रॉड होने पर 1930 पर कॉल करें और शिकायत दर्ज कराएं।

कंपनी के नाम पर आने वाले मैसेज की ऐसे करें जांच

अगर किसी गैस कंपनी के नाम से बिल, कनेक्शन या मीटर अपडेट का मैसेज आता है तो उसमें दिए गए मोबाइल नंबर या लिंक पर सीधे भरोसा न करें। कंपनी के आधिकारिक माध्यम से बिल और भुगतान की जानकारी की पुष्टि करना ज्यादा सुरक्षित है।

Green Gas Limited ने भी ग्राहकों से कहा है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर ऐप डाउनलोड न करें और कार्ड या OTP जैसी संवेदनशील जानकारी साझा न करें।

पुलिस ने शुरू की जांच

आगरा के इस मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस बैंक खाते और लेनदेन से जुड़े विवरण के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। फिलहाल जांच जारी है और ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों तथा बैंक खातों की जानकारी खंगाली जा रही है।

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