लखनऊ: उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट और आर्थिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए अमर उजाला बिल्ड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 9 अक्टूबर 2026 को होटल ताज में आयोजित होगा। कॉन्क्लेव में सरकार, प्रशासन, नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि एक मंच पर जुटेंगे।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के विकास की अगली तस्वीर पर चर्चा होगी। खासतौर पर एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट की बढ़ती कनेक्टिविटी से बनने वाले नए आर्थिक कॉरिडोर, बदलते शहरी परिदृश्य में रियल एस्टेट के उभरते बाजार और औद्योगिक निवेश जैसे विषयों पर विशेषज्ञ विचार साझा करेंगे। कार्यक्रम अडानी द्वारा पावर्ड होगा।
9 अक्टूबर को होगा अमर उजाला बिल्ड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव
अमर उजाला बिल्ड का आयोजन उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास की संभावनाओं पर संवाद के उद्देश्य से किया जा रहा है। कॉन्क्लेव में प्रदेश की बदलती कनेक्टिविटी और उससे पैदा होने वाले नए आर्थिक अवसरों पर चर्चा होगी।
रिपोर्ट के अनुसार, एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट नेटवर्क के विस्तार के साथ प्रदेश में नए आर्थिक कॉरिडोर किस तरह आकार ले सकते हैं, यह कार्यक्रम के प्रमुख विषयों में शामिल रहेगा।
सरकार, प्रशासन और उद्योग जगत के प्रतिनिधि होंगे शामिल
कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, भूपेंद्र चौधरी सहित केंद्रीय स्तर के वरिष्ठ मंत्रियों की सहभागिता बताई गई है।
इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारियों तथा इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। एनएचएआई, यूपी रेरा और यूपीसीडा से जुड़े प्रतिनिधियों की सहभागिता भी रहेगी।
इससे सड़क और कनेक्टिविटी, रियल एस्टेट नियमन तथा औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के हितधारकों को एक मंच मिलने की संभावना है।
पांच सत्रों में होगी यूपी के विकास पर चर्चा
अमर उजाला बिल्ड में विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े पांच प्रमुख सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में उत्तर प्रदेश के विकास से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।
एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और आर्थिक कॉरिडोर
उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी बढ़ने से नए आर्थिक क्षेत्रों के विकास की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
कॉन्क्लेव में यह समझने की कोशिश की जाएगी कि बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी का औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार और शहरों के विकास पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।
औद्योगिक निवेश और विकास
औद्योगिक निवेश भी कॉन्क्लेव के प्रमुख विषयों में रहेगा। विशेषज्ञ इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास के बीच संबंध तथा निवेश से जुड़े अवसरों पर विचार साझा करेंगे।
उभरते शहर और रियल एस्टेट
उत्तर प्रदेश में शहरों के विस्तार और बदलते शहरी परिदृश्य के साथ रियल एस्टेट बाजार में भी बदलाव हो रहा है।
अमर उजाला बिल्ड में उभरते शहरों में रियल एस्टेट की संभावनाओं, नए बाजारों और बदलती मांग पर चर्चा की जाएगी।
ग्रीन एनर्जी और लॉजिस्टिक्स
कॉन्क्लेव में ग्रीन एनर्जी और लॉजिस्टिक्स को भी विकास के नए अवसरों से जोड़कर देखा जाएगा।
ऊर्जा, परिवहन और सप्लाई चेन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने तथा इन क्षेत्रों में संभावित अवसरों पर विशेषज्ञ विचार रखेंगे।
वेयरहाउसिंग और इंडस्ट्रियल रियल एस्टेट
लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विस्तार के साथ वेयरहाउसिंग और इंडस्ट्रियल रियल एस्टेट भी महत्वपूर्ण क्षेत्र बन रहे हैं।
कॉन्क्लेव में इन क्षेत्रों को प्रदेश के आर्थिक विकास और बदलती कारोबारी जरूरतों से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
रियल एस्टेट खरीदारों और निवेशकों के लिए भी मंच
अमर उजाला बिल्ड केवल नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के संवाद तक सीमित नहीं रहेगा। रिपोर्ट के अनुसार, प्लॉट, घर या कमर्शियल स्पेस खरीदने की योजना बना रहे लोगों तथा रियल एस्टेट में निवेश की तलाश कर रहे लोगों के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण मंच होगा।
बिल्डर्स, डेवलपर्स और रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में संभावित खरीदार और निवेशक अलग-अलग परियोजनाओं, उभरते बाजारों और निवेश से जुड़े पहलुओं को समझ सकेंगे।
यूपी के बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगी नजर
उत्तर प्रदेश में सड़क, एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्रों और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े विकास के साथ नई आर्थिक गतिविधियों और रियल एस्टेट बाजारों पर भी ध्यान बढ़ा है।
ऐसे में अमर उजाला बिल्ड में कनेक्टिविटी से लेकर रियल एस्टेट, ग्रीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग तक कई क्षेत्रों को एक साथ चर्चा में लाया जाएगा।
नीति और उद्योग के बीच संवाद का मंच
कॉन्क्लेव में सरकारी संस्थानों, प्रशासन, नीति-निर्माताओं और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों की सहभागिता से विकास से जुड़े अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आने की उम्मीद है।
एनएचएआई, यूपी रेरा और यूपीसीडा जैसे संस्थानों से जुड़े प्रतिनिधियों की मौजूदगी से इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट और औद्योगिक विकास के नियामकीय एवं व्यावहारिक पहलुओं पर भी चर्चा का अवसर मिलेगा।
9 अक्टूबर को सामने आएंगे विकास से जुड़े अहम मुद्दे
अमर उजाला बिल्ड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव में पांच सत्रों के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विकास की विभिन्न संभावनाओं पर चर्चा होगी।
एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी, आर्थिक कॉरिडोर, औद्योगिक निवेश, उभरते शहर, रियल एस्टेट, ग्रीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग इसके प्रमुख विषय रहेंगे।