लखनऊ: भारतीय वायुसेना को जल्द नया प्रमुख मिलने जा रहा है। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को देश का अगला वायुसेना प्रमुख नियुक्त किया गया है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, वह 31 अक्तूबर 2026 की दोपहर से 29वें एयर चीफ ऑफ स्टाफ का पद संभालेंगे। वह वर्तमान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का स्थान लेंगे, जो इसी दिन सेवानिवृत्त होंगे।
आशुतोष दीक्षित की नई जिम्मेदारी के साथ उनका लखनऊ से जुड़ा रिश्ता भी चर्चा में है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, एनडीए में चयन से पहले उनकी शुरुआती शिक्षा-दीक्षा लखनऊ में हुई। उनके पिता पीसी दीक्षित डीएवी डिग्री कॉलेज में समाजशास्त्र के शिक्षक रहे थे।
लखनऊ में बीता शुरुआती समय
आशुतोष दीक्षित की जड़ें लखनऊ से जुड़ी रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एनडीए में चयन से पहले उन्होंने राजधानी में अपनी शुरुआती शिक्षा पूरी की थी। उनके पिता पीसी दीक्षित डीएवी डिग्री कॉलेज में समाजशास्त्र के अध्यापक थे।
पिता के वर्ष 1999 में सेवानिवृत्त होने के बाद परिवार कुछ समय तक लखनऊ की चारबाग स्थित बरहा कॉलोनी में रहा। बाद में परिवार साउथ सिटी में रहने लगा। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके पिता का करीब दो साल पहले निधन हो गया था।
डीएवी डिग्री कॉलेज से जुड़े लोगों ने भी आशुतोष दीक्षित के वायुसेना प्रमुख बनने को संस्थान और लखनऊ के लिए गौरव का विषय बताया है।
31 अक्तूबर को संभालेंगे वायुसेना की कमान
रक्षा मंत्रालय ने 6 अक्तूबर को आशुतोष दीक्षित को 29वां Chief of the Air Staff नियुक्त करने की घोषणा की। वर्तमान में वह वायुसेना के Vice Chief of the Air Staff के पद पर हैं।
उनकी नियुक्ति एयर चीफ मार्शल के पद पर 31 अक्तूबर 2026 की दोपहर से प्रभावी होगी। वर्तमान एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह भी इसी दिन सेवानिवृत्त होंगे।
करीब चार दशक का शानदार सैन्य करियर
आशुतोष दीक्षित का वायुसेना में करियर करीब चार दशकों का रहा है। उन्हें 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन किया गया था।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण कमान और स्टाफ जिम्मेदारियां संभाली हैं। वह सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी रह चुके हैं और चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के पद पर भी सेवाएं दे चुके हैं।
3500 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव
आशुतोष दीक्षित को 3500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है। उन्होंने मिराज-2000, मिग के विभिन्न संस्करण, जगुआर, किरण, आईएल-78, हॉक और तेजस समेत कई विमानों को उड़ाया है।
वह Experimental Test Pilot और Qualified Flying Instructor भी हैं। अमर उजाला के अनुसार, उन्हें 20 से अधिक प्रकार के विमानों को उड़ाने का अनुभव है।
ऑपरेशन सिंदूर समेत कई अभियानों का अनुभव
उनके सैन्य करियर में कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन और अभ्यास शामिल रहे हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, आशुतोष दीक्षित ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े रहे हैं।
अमर उजाला की प्रोफाइल रिपोर्ट के मुताबिक, उनके करियर में कारगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन सफेद सागर के अलावा अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी रहीं।
कई महत्वपूर्ण पदों पर कर चुके हैं काम
आशुतोष दीक्षित ने पश्चिमी सेक्टर में एक फ्रंटलाइन फाइटर एयरबेस और दक्षिणी सेक्टर में फाइटर ट्रेनिंग बेस की कमान संभाली है।
इसके अलावा एयर हेडक्वार्टर में भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वह डिप्टी चीफ ऑफ द एयर स्टाफ समेत कई वरिष्ठ पदों पर रहे हैं।
इन बड़े सम्मानों से नवाजे जा चुके हैं
आशुतोष दीक्षित को उनके सैन्य करियर में कई महत्वपूर्ण सम्मान मिले हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार उन्हें:
- वायु सेना मेडल – 2006
- विशिष्ट सेवा मेडल – 2011
- अति विशिष्ट सेवा मेडल – 2023
- परम विशिष्ट सेवा मेडल – 2026
से सम्मानित किया गया है।
लखनऊ के लिए क्यों खास है यह नियुक्ति?
आशुतोष दीक्षित के वायुसेना प्रमुख बनने के साथ लखनऊ से उनका पुराना रिश्ता एक बार फिर चर्चा में है। शुरुआती शिक्षा राजधानी में होना और उनके पिता का डीएवी डिग्री कॉलेज से जुड़ा होना इस संबंध को खास बनाता है।
अब 31 अक्तूबर को जब वह भारतीय वायुसेना की कमान संभालेंगे, तब लखनऊ से जुड़े इस सैन्य अधिकारी के करियर का एक नया अध्याय शुरू होगा।