बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से उमरा करने सऊदी अरब गए करीब 660 जायरीन की वापसी उड़ानें प्रभावित होने के कारण वे वहां फंसे हुए हैं। परिजन अपने परिवार के सदस्यों की सुरक्षित वापसी को लेकर चिंतित हैं। अमर उजाला की 26 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में राष्ट्रपति और केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजकर यात्रियों को भारत वापस लाने के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था करने की मांग की गई है।
उड़ानें रद्द होने से बढ़ी यात्रियों की परेशानी
रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों के बीच कुछ उड़ानों के रद्द या स्थगित होने से उमरा यात्रियों की वापसी प्रभावित हुई है। ट्रैवल एजेंसी संचालक हाफिज इमरान रजा बरकाती ने बताया कि एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की रियाद और दम्माम आने-जाने वाली उड़ानें 7 नवंबर तक रद्द किए जाने की जानकारी है, जबकि जेद्दा मार्ग की सेवाएं 31 अक्टूबर तक निलंबित बताई गई हैं। उड़ानों की स्थिति में बदलाव संभव है, इसलिए यात्रियों को एयरलाइन से ताजा जानकारी लेने की जरूरत है।
विशेष विमान चलाने की मांग
बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक पम्मी खां वारसी और ट्रैवल संचालक हाफिज इमरान ने राष्ट्रपति को ईमेल के माध्यम से ज्ञापन भेजकर प्रभावित यात्रियों की वापसी के लिए विशेष विमान चलाने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि एयरलाइंस की ओर से टिकट का रिफंड दिए जाने की बात तो कही जा रही है, लेकिन यात्रियों की वापसी के लिए पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पा रही है। कई यात्रियों के लिए दूसरी एयरलाइन से महंगे टिकट खरीदना मुश्किल है। ऐसे में विशेष उड़ानों की व्यवस्था होने से उन्हें राहत मिल सकती है।
सोशल मीडिया पर यात्रियों ने मांगी मदद
सऊदी अरब में रुके कुछ यात्रियों ने सोशल मीडिया के जरिए भारत सरकार से मदद की अपील की है। रिपोर्ट में बरेली के व्यापारी नेता दानिश जमाल और अधिवक्ता अमजद सलीम का भी उल्लेख है, जो उमरा के लिए 14 अक्टूबर को रवाना हुए थे। दोनों मक्का में रहने के बाद मदीना पहुंचे थे और उनकी वापसी उड़ान 30 अक्टूबर के लिए निर्धारित थी। उड़ानों में व्यवधान के कारण उन्हें भी यात्रा रद्द होने की आशंका थी।
ठहरने और खाने का खर्च बना चिंता का कारण
वापसी में देरी के कारण यात्रियों के सामने होटल, भोजन और अन्य जरूरी खर्चों का बोझ बढ़ रहा है। जिन लोगों ने सीमित बजट में धार्मिक यात्रा की योजना बनाई थी, उनके लिए अतिरिक्त दिनों तक विदेश में रुकना आर्थिक रूप से मुश्किल हो सकता है।
जागरण की रिपोर्ट में कुछ यात्रियों के लौटने और अन्य यात्रियों के उड़ानें बहाल होने का इंतजार करने की जानकारी दी गई है। हालांकि, सभी प्रभावित यात्रियों की स्थिति एक जैसी नहीं है; ठहरने और भोजन की व्यवस्था एयरलाइन, टूर ऑपरेटर और स्थानीय सहायता के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।
केंद्र सरकार और भारतीय दूतावास से मदद की उम्मीद
सऊदी अरब में फंसे भारतीय उमरा यात्रियों की वापसी को लेकर विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशन भी समन्वय कर रहे हैं। 24 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने प्रभावित भारतीय नागरिकों को भोजन, जरूरी दवाइयों और अन्य सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय अधिकारियों, एयरलाइंस और टूर ऑपरेटरों से संपर्क बनाए रखा था। वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था उपलब्ध सीटों और संबंधित एयरलाइंस की शर्तों पर निर्भर करती है।