बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में इस बार रामलीला मंचन कुछ अलग और खास होने जा रहा है। शहर की उत्तराखंड सांस्कृतिक समाज और सदर बाजार रामलीला में बेटियां ही रामलीला के कई प्रमुख किरदार निभाएंगी। छात्राएं भगवान राम, सीता, कौशल्या, सुमित्रा, उर्मिला, कैकई और तारा जैसे पात्रों को मंच पर जीवंत करेंगी। रामलीला को लेकर तैयारियां और पूर्वाभ्यास शुरू हो चुके हैं।
छात्रा निभाएंगी भगवान राम का किरदार
राजेंद्रनगर में होने वाली उत्तराखंड समाज की रामलीला में छात्रा प्रज्ञा कांडपाल भगवान राम का किरदार निभाएंगी। वह पढ़ाई के साथ शाम को रामलीला के लिए पूर्वाभ्यास कर रही हैं।
प्रज्ञा कांडपाल के मुताबिक वह भगवान राम के चरित्र को समझने और मंच पर उसे सही तरीके से प्रस्तुत करने के लिए राम के आदर्शों का अध्ययन भी कर रही हैं। उनके अनुसार, रामलीला की तैयारी के कारण परिवार में भी रामचरित मानस को लेकर चर्चा होने लगी है।
सीता का किरदार भी निभाएंगी छात्राएं
रामलीला में भगवान राम के साथ सीता का किरदार भी छात्राएं निभाएंगी। रिपोर्ट के अनुसार दिव्यांशी जोशी और बरेली कॉलेज की छात्रा वसुंधरा सागर सीता के पात्र को मंच पर प्रस्तुत करेंगी।
आयोजकों के अनुसार राम और सीता के चरित्रों के माध्यम से आदर्श, त्याग, मर्यादा और कर्तव्य जैसे विषयों को मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
कौशल्या से लेकर कैकई और तारा तक निभाएंगी छात्राएं
सदर बाजार की रामलीला में केवल राम और सीता ही नहीं, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण पात्रों की भूमिका भी छात्राएं निभाएंगी।
रिपोर्ट के मुताबिक छात्राएं कौशल्या, सुमित्रा, उर्मिला, कैकई और तारा जैसे किरदारों में नजर आएंगी। अनुष्का, इच्छा ठाकुर, शिवन्या ठाकुर और कुमकुम समेत कई छात्राएं इस मंचन का हिस्सा बनेंगी।
चार दशक पुरानी रामलीला में नया प्रयोग
उत्तराखंड सांस्कृतिक समाज की रामलीला करीब चार दशक से आयोजित होती आ रही है। इस बार छात्राओं को प्रमुख पात्रों की जिम्मेदारी देकर मंचन में एक अलग प्रयोग किया जा रहा है।
आयोजकों का कहना है कि बेटियों को केवल अभिनय का अवसर देना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि रामायण के पात्रों से जुड़े आदर्शों और मूल्यों को समझने का अवसर भी देना है।
पढ़ाई के साथ रामलीला की तैयारी
रामलीला में हिस्सा लेने वाली छात्राएं पढ़ाई के साथ नियमित रूप से पूर्वाभ्यास कर रही हैं। दिन में कॉलेज या पढ़ाई पूरी करने के बाद शाम को वे संवाद, अभिनय और पात्रों की प्रस्तुति का अभ्यास करती हैं।
भगवान राम का किरदार निभाने वाली प्रज्ञा कांडपाल भी इसी तरह अपनी पढ़ाई के साथ अभ्यास कर रही हैं। वह राम के चरित्र और उनके आदर्शों को समझने पर विशेष ध्यान दे रही हैं।
आयोजकों ने बताया बेटियों को मंच देने का उद्देश्य
उत्तराखंड सांस्कृतिक समाज के अध्यक्ष गणेश दत्त अमोला के अनुसार, जब बेटियां भगवान राम के आदर्शों और मर्यादा को समझती हैं तो उसका प्रभाव केवल उनके व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार और समाज तक भी पहुंच सकता है।
वहीं सदर बाजार रामलीला नाटक समाज के प्रमुख सतीश मेहता ने कहा कि आज बेटियां अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं और रामलीला का मंच भी उनके लिए खुला है।
4-5 अक्टूबर से शुरू होगा रामलीला मंचन
रिपोर्ट के अनुसार बरेली में रामलीला मंचन 4-5 अक्टूबर के आसपास शुरू होगा। उससे पहले छात्राओं का पूर्वाभ्यास जारी है।
अभ्यास के दौरान छात्राएं राम, भरत और सीता जैसे पात्रों के संवाद बोलने के साथ रामचरित मानस की चौपाइयों का भी अभ्यास कर रही हैं।
बरेली की रामलीला में दिखेगा नया रंग
बरेली की रामलीला में छात्राओं की भागीदारी इस साल के आयोजन को अलग पहचान दे सकती है। जहां मंच पर भगवान राम और सीता के किरदार छात्राएं निभाएंगी, वहीं कई महिला पात्रों की भूमिका भी छात्राओं के जिम्मे होगी।
इस तरह रामलीला के पारंपरिक मंचन में छात्राओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिलेगी और दर्शकों के सामने रामायण की कहानी को एक अलग मंचीय रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।