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बरेली में रिंग रोड के समानांतर दौड़ेंगी तीसरी-चौथी रेल लाइन, रामगंगा के पास बनेगा नया रेलवे स्टेशन

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
3 October 2026 1:47 PM 1 मिनट पठन 1151 Views
बरेली में रिंग रोड के समानांतर दौड़ेंगी तीसरी-चौथी रेल लाइन, रामगंगा के पास बनेगा नया रेलवे स्टेशन

बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली शहर को आने वाले वर्षों में नया रेल कॉरिडोर मिलने जा रहा है। गाजियाबाद-सीतापुर रेलखंड पर प्रस्तावित तीसरी और चौथी रेल लाइन के तहत बरेली में नई पटरियां शहर के मौजूदा रेल मार्ग को बाईपास करते हुए रिंग रोड के समानांतर बिछाई जाएंगी। इसके साथ ही रामगंगा के आसपास न्यू बरेली जंक्शन विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

रेलवे के फाइनल लोकेशन सर्वे के बाद बरेली में नई लाइन के रूट को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। प्रस्तावित मार्ग झुमका तिराहा-रजऊ परसपुर रिंग रोड के समानांतर रहेगा। नई लाइनें सीबीगंज, बरेली जंक्शन और कैंट स्टेशन को बाईपास करेंगी।

14,926 करोड़ रुपये की परियोजना

गाजियाबाद से सीतापुर के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना को केंद्र सरकार ने 14,926 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मंजूरी दी है। परियोजना के तहत लगभग 403 किलोमीटर रेलखंड पर तीसरी और चौथी लाइन विकसित की जानी है, जबकि कुल प्रस्तावित ट्रैक लंबाई 859 किलोमीटर बताई गई है। यह कॉरिडोर दिल्ली-गुवाहाटी हाई डेंसिटी रेल नेटवर्क का हिस्सा है।

रेलवे के अनुसार, गाजियाबाद-मुरादाबाद-बरेली-रोजा मार्ग पर मौजूदा रेल लाइन की क्षमता पर काफी दबाव है। Amar Ujala की रिपोर्ट में मौजूदा लाइन के उपयोग का स्तर 168 प्रतिशत तक पहुंचने का उल्लेख है। ऐसे में अतिरिक्त रेल लाइनें माल और यात्री ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

रिंग रोड के समानांतर बनेगा नया रेल मार्ग

बरेली में तीसरी और चौथी लाइन शहर के बीच से गुजरने वाले मौजूदा रेल रूट के बजाय बाहरी हिस्से से निकाली जाएगी। प्रस्तावित रूट परसाखेड़ा से टिसुआ की दिशा में रिंग रोड के समानांतर रहेगा। इससे शहर के मौजूदा रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

रिपोर्ट के अनुसार, नई लाइनें परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र से भी जुड़ेंगी। इससे औद्योगिक इकाइयों तक कच्चा माल पहुंचाने और तैयार उत्पादों को दूसरे स्थानों तक भेजने के लिए रेल कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है।

रामगंगा के पास बनेगा न्यू बरेली जंक्शन?

इस परियोजना का सबसे बड़ा बदलाव न्यू बरेली जंक्शन के रूप में सामने आ सकता है। रेलवे रामगंगा के आसपास नए स्टेशन के लिए संभावित स्थानों का अध्ययन कर रहा है। स्थानीय रेलवे अधिकारियों के मुताबिक सर्वे और नक्शे का काम पूरा होने के बाद रिपोर्ट मंडल मुख्यालय भेजी गई है।

नया जंक्शन बनने पर बरेली से जुड़ने वाले कुछ दूसरे रेल मार्गों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की संभावना है। रिपोर्ट के अनुसार, रामगंगा के पास प्रस्तावित स्टेशन से बरेली-चंदौसी-अलीगढ़ और बरेली-कासगंज-मथुरा रेल मार्गों को जोड़ने में मदद मिल सकती है।

तीन मौजूदा स्टेशन होंगे बाईपास

नई लाइन के निर्माण के बाद बरेली शहर के मौजूदा रेल नेटवर्क में भी बदलाव होगा। प्रस्तावित कॉरिडोर के कारण सीबीगंज, बरेली जंक्शन और कैंट स्टेशन नई मुख्य लाइन से बाईपास हो जाएंगे।

इसका उद्देश्य मौजूदा शहर के भीतर के रेल मार्ग पर दबाव कम करना और ट्रेनों के लिए वैकल्पिक हाई-कैपेसिटी कॉरिडोर तैयार करना है।

इससे बरेली जंक्शन पर ट्रेन संचालन का दबाव कम हो सकता है और शहर के बाहरी हिस्से में मालगाड़ियों तथा अन्य ट्रेनों के लिए अलग मार्ग विकसित किया जा सकेगा।

औद्योगिक क्षेत्र को मिल सकता है बड़ा फायदा

बरेली का परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र इस परियोजना से सीधे तौर पर लाभान्वित होने वाले क्षेत्रों में शामिल हो सकता है। नई रेल लाइन के औद्योगिक क्षेत्र के करीब से गुजरने से माल परिवहन की सुविधा बेहतर होने की संभावना है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि रामगंगा से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर भमोरा में औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार का प्रस्ताव है। ऐसे में भविष्य में नए रेल कॉरिडोर का उपयोग औद्योगिक गतिविधियों के लिए और बढ़ सकता है।

जमीन अधिग्रहण पर कम खर्च की उम्मीद

परियोजना के बरेली वाले हिस्से में भूमि अधिग्रहण को लेकर भी रेलवे को अपेक्षाकृत सुविधा मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार, परसाखेड़ा से टिसुआ के बीच कई स्थानों पर सरकारी जमीन उपलब्ध है।

रामगंगा के आसपास सिंचाई विभाग, एनएचएआई, सेना और ग्राम पंचायतों से जुड़ी जमीनें भी मौजूद हैं। इसलिए इस मार्ग पर रेल लाइन बिछाने के लिए निजी जमीन के बड़े पैमाने पर अधिग्रहण की जरूरत अपेक्षाकृत कम हो सकती है।

हालांकि, अंतिम भूमि अधिग्रहण और निर्माण प्रक्रिया संबंधित मंजूरियों के बाद ही स्पष्ट होगी।

भिटौरा स्टेशन पर भी होगा विकास

नई रेल लाइन के रूट में भिटौरा स्टेशन भी महत्वपूर्ण होगा। रिपोर्ट के मुताबिक यहां कंटेनर डिपो का काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए फुटओवर ब्रिज और अन्य सुविधाओं के विकास की योजना है।

इससे भिटौरा क्षेत्र में माल परिवहन के साथ यात्री सुविधाओं में भी सुधार की संभावना है।

बरेली रिंग रोड से भी जुड़ेगा नया रेल कॉरिडोर

बरेली में करीब 29.20 किलोमीटर लंबी रिंग रोड का निर्माण भी चल रहा है। नई रेल लाइन को रिंग रोड के समानांतर रखने की योजना से दोनों परिवहन परियोजनाओं के बीच बेहतर तालमेल बन सकता है।

इसका असर शहर के बाहरी इलाकों के विकास पर भी पड़ सकता है। सड़क और रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने से औद्योगिक तथा व्यावसायिक गतिविधियों के लिए नए क्षेत्र विकसित होने की संभावना है।

दिल्ली-गुवाहाटी हाई डेंसिटी नेटवर्क का हिस्सा

गाजियाबाद-सीतापुर की तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना को दिल्ली-गुवाहाटी हाई डेंसिटी नेटवर्क का हिस्सा बताया गया है। इस नेटवर्क पर भारी यातायात को देखते हुए अतिरिक्त रेल लाइनें क्षमता बढ़ाने में भूमिका निभा सकती हैं।

परियोजना में बरेली के अलावा हापुड़, मुरादाबाद, रामपुर, शाहजहांपुर और सीतापुर से जुड़े मौजूदा स्टेशनों को बाईपास करने की योजना का भी उल्लेख है।

2031 तक पूरा करने का लक्ष्य

रिपोर्ट के अनुसार परियोजना को वर्ष 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल बरेली में सर्वे और नक्शे का काम पूरा होने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़नी है।

मुरादाबाद मंडल के सीनियर डीसीएम महेश यादव के अनुसार गाजियाबाद-सीतापुर के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना पर काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने बताया कि सर्वे लगभग पूरा हो गया है और इसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया होगी।

बरेली के लिए क्या बदलेगा?

नई रेल लाइन और प्रस्तावित न्यू बरेली जंक्शन के बाद शहर के रेल नेटवर्क में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं:

  • रिंग रोड के समानांतर नया रेल कॉरिडोर
  • तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण
  • रामगंगा के पास नए जंक्शन की योजना
  • सीबीगंज, बरेली जंक्शन और कैंट का बाईपास
  • परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र को बेहतर रेल कनेक्टिविटी
  • भिटौरा में कंटेनर डिपो और यात्री सुविधाओं का विकास
  • मौजूदा रेल मार्ग पर ट्रेनों का दबाव कम करने की संभावना
  • बरेली-चंदौसी-अलीगढ़ और बरेली-कासगंज-मथुरा मार्गों से कनेक्टिविटी की संभावना

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