आगरा: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के आगरा स्थित पैतृक आवास पर प्रदर्शन और कथित तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। अमर उजाला के मुताबिक, पुलिस ने 9 नामजद समेत कुल 27 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले में हत्या के प्रयास, लोक सेवक के काम में बाधा डालने, घर में जबरन घुसने और आपराधिक धमकी समेत कई धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने नामजद आरोपियों में से दो को गिरफ्तार किया है और अन्य की तलाश जारी है।
CEC के घर के बाहर हुआ था प्रदर्शन
मामला आगरा की विजय नगर कॉलोनी का है, जहां 28 सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास के बाहर प्रदर्शन किया था।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान आवास के गेट और बाहरी हिस्से पर कालिख पोती गई तथा आपत्तिजनक शब्द लिखे गए। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी भी की।
अन्य रिपोर्टों के अनुसार, यह प्रदर्शन कांग्रेस द्वारा चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के संशोधन को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच आयोजित विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा था। कांग्रेस ने CEC के इस्तीफे की मांग भी की थी।
पुलिस ने 27 लोगों के खिलाफ दर्ज की FIR
अमर उजाला के मुताबिक, रिंग रोड चौकी प्रभारी गौरव कुमार गुप्ता की तहरीर पर FIR दर्ज की गई। FIR में 9 नामजद समेत 27 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें मुकेश धनगर, अनिल यादव, राजेश, मुकेश गौड़, करण सिंह निषाद, विक्रम वाल्मीकि, उमेश शर्मा और राजा गौतम समेत अन्य लोग शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, CCTV फुटेज और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
होमगार्ड से धक्का-मुक्की और चोट का आरोप
पुलिस की FIR के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास की सुरक्षा में तैनात होमगार्ड को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया था। पुलिस का आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ धक्का-मुक्की हुई और उनके सिर पर ठोस वस्तु से प्रहार किया गया, जिसके बाद वह बेहोश हो गए।
पुलिस ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजे जाने की बात कही है। घटना में होमगार्ड के घायल होने का दावा FIR में दर्ज किया गया है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
अमर उजाला के अनुसार FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराएं लगाई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से:
- BNS 109(2): हत्या के प्रयास से संबंधित प्रावधान
- BNS 121(2): लोक सेवक को ड्यूटी से रोकने और चोट पहुंचाने से संबंधित प्रावधान
- BNS 126(2): किसी व्यक्ति को गैरकानूनी तरीके से रोकने से संबंधित प्रावधान
- BNS 132: ड्यूटी कर रहे लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल के प्रयोग से संबंधित प्रावधान
- BNS 191(1): गैरकानूनी जनसमूह और दंगे से संबंधित प्रावधान
- BNS 333: घर में जबरन घुसने से संबंधित प्रावधान
- BNS 351(2): आपराधिक धमकी
- BNS 352: जानबूझकर अपमान और शांति भंग करने से संबंधित प्रावधान
इसके अलावा आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 1932 की धारा 7 भी FIR में शामिल की गई है।