लखनऊ: आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अपनी हत्या की कथित साजिश को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि एक फार्म हाउस में उनकी हत्या की योजना बनाई गई। सांसद ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
हालांकि, अभी तक चंद्रशेखर आजाद के इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए हत्या की कथित साजिश को फिलहाल एक आरोप/दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है।
चंद्रशेखर आजाद ने क्या कहा?
चंद्रशेखर आजाद ने अपने वीडियो बयान में कहा कि उनके पास कुछ ऐसे स्रोत और सूचनाएं हैं, जिनके आधार पर उन्हें फार्म हाउस में उनकी हत्या की योजना बनाए जाने की जानकारी मिली है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि कथित साजिश के पीछे कौन लोग हैं। उन्होंने साथ ही हाल में बाराबंकी में उनके काफिले से जुड़ी घटना की भी जांच कराने की मांग की।
बाराबंकी की घटना से क्या है कनेक्शन?
यह बयान ऐसे समय आया है जब चंद्रशेखर आजाद के काफिले को लेकर बाराबंकी में विवाद हुआ था।
रिपोर्टों के मुताबिक, वह गोंडा में कारोबारी विनोद साहनी के परिवार से मिलने जा रहे थे। इसी दौरान बाराबंकी के शाहबपुर टोल प्लाजा के पास उनके काफिले को रोका गया। वहां पुलिस और उनके समर्थकों के बीच बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। चंद्रशेखर आजाद ने इस घटनाक्रम पर सवाल उठाए थे।
बाद में काफिले पर पथराव और वाहन को नुकसान पहुंचाने के आरोप भी सामने आए। इन घटनाओं को लेकर अलग-अलग पक्षों के दावे हैं और मामले की जांच की मांग की गई है।
गोंडा क्यों जा रहे थे चंद्रशेखर आजाद?
चंद्रशेखर आजाद गोंडा में कारोबारी विनोद साहनी की हत्या के बाद उनके परिवार से मिलने जा रहे थे। इसी दौरान बाराबंकी में उनका काफिला रोके जाने की घटना सामने आई।
इस घटना के बाद चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए और अब उन्होंने कथित हत्या की साजिश को भी इसी घटनाक्रम से जोड़कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
‘सिर्फ मेरी सुरक्षा का सवाल नहीं’
चंद्रशेखर आजाद ने अपने बयान में कहा कि मामला सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा तक सीमित नहीं है। उन्होंने सुरक्षा प्राप्त एक निर्वाचित सांसद के काफिले पर कथित पथराव और आग लगाने के प्रयास का हवाला देते हुए प्रदेश में दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए।
यह उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा है; इन व्यापक दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
सरकार से क्या मांग की?
चंद्रशेखर आजाद ने सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच में कथित हत्या की साजिश और बाराबंकी की घटना में शामिल लोगों की भूमिका सामने आनी चाहिए।
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में किसी जांच एजेंसी की ओर से फार्म हाउस में हत्या की कथित योजना की पुष्टि या किसी संदिग्ध की पहचान की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
2027 चुनाव से पहले राजनीतिक संदर्भ
चंद्रशेखर आजाद का यह बयान उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले आया है। आजाद समाज पार्टी प्रदेश की राजनीति में सक्रिय है और चंद्रशेखर आजाद विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर लगातार बयान देते रहे हैं।
हालांकि, इस बयान को किसी चुनावी घटनाक्रम या राजनीतिक रणनीति से सीधे जोड़ना तब तक उचित नहीं होगा, जब तक संबंधित पक्ष या जांच से ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी सामने न आए।