Monday, 12 October 2026
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EPFO 3.0: दिसंबर तक UPI और ATM से PF निकालने की तैयारी? जानिए कितना निकाल सकेंगे पैसा और क्या हैं नए नियम

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
12 October 2026 9:27 PM 1 मिनट पठन 158 Views
EPFO 3.0: दिसंबर तक UPI और ATM से PF निकालने की तैयारी? जानिए कितना निकाल सकेंगे पैसा और क्या हैं नए नियम

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने 7.5 करोड़ से अधिक सक्रिय अंशधारकों के लिए निकासी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और तेज बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। लंबे समय से फॉर्म भरने, नियोक्ता (Employer) के अप्रूवल का इंतजार करने और खाते में पैसे आने के लिए 7 से 10 दिन तक रुकने की बाध्यता अब जल्द खत्म होने वाली है। सरकार के ‘EPFO 3.0’ डिजिटल रिफॉर्म्स के तहत, सब्सक्राइबर्स सीधे यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और यूपीआई-सक्षम एटीएम के जरिए अपना पीएफ निकाल सकेंगे। आधिकारिक सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विभिन्न बैंकों के साथ मिलकर इस सिस्टम की टेस्टिंग की जा रही है और इसे दिसंबर के अंत तक औपचारिक रूप से पेश किए जाने की पूरी संभावना है। हालांकि जब तक यह सेवा पूरी तरह रोल-आउट नहीं हो जाती, तब तक मौजूदा UAN पोर्टल आधारित क्लेम प्रक्रिया ही जारी रहेगी। कितना निकाल सकेंगे पैसा: 75% निकासी और 25% बैलेंस लॉक-इन का फॉर्मूला UPI आधारित निकासी के आने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि सब्सक्राइबर कभी भी पूरा पीएफ फंड निकाल सकेंगे। रिटायरमेंट सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए EPFO ने इसके लिए सख्त वित्तीय सीमा तय की है: अधिकतम 75% तक निकासी: नए नियमों के तहत पात्र सब्सक्राइबर्स अपनी आपातकालीन या शॉर्ट-टर्म जरूरतों के लिए कुल जमा पीएफ बैलेंस का अधिकतम 75 फीसदी हिस्सा ही UPI के जरिए निकाल सकेंगे। 25% अनिवार्य बैलेंस (Mandatory Floor): खाते में कुल पीएफ कॉर्पस का कम से कम 25% हिस्सा हमेशा सुरक्षित (Locked) रहेगा। इस बची हुई रकम को किसी भी हाल में आंशिक निकासी के तहत नहीं निकाला जा सकेगा ताकि रिटायरमेंट के बाद सामाजिक सुरक्षा बनी रहे और उस पर मिलने वाला ब्याज मिलता रहे। ऑटो-सेटलमेंट सीमा ₹5 लाख: EPFO 3.0 के तहत ऑटोमैटिक क्लेम सेटलमेंट की सीमा को ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख तक कर दिया गया है। यानी पूरी तरह KYC सत्यापित खातों के ₹5 लाख तक के दावे बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के कुछ ही घंटों में सिस्टम द्वारा स्वतः स्वीकृत हो जाएंगे। दैनिक व ट्रांजैक्शन लिमिट: सुरक्षा कारणों से तत्काल यूपीआई और एटीएम निकासी के लिए प्रति दिन/प्रति ट्रांजैक्शन अधिकतम सीमा (लगभग ₹1 लाख तक) निर्धारित की जा सकती है। नए निकासी नियम: 13 जटिल श्रेणियों को घटाकर 3 मुख्य श्रेणियों में बदला पहले पीएफ से एडवांस निकालने के लिए अलग-अलग दर्जनों फॉर्म और नियम हुआ करते थे। EPFO 3.0 के अंतर्गत इन सभी जटिलताओं को घटाकर तीन स्पष्ट श्रेणियों में बांट दिया गया है: आवश्यक जरूरतें (Essential – Category 1): चिकित्सा आपातकाल (Medical Emergency), शादी और उच्च शिक्षा के लिए आंशिक निकासी। मेडिकल के लिए किसी न्यूनतम सेवा अवधि की बाध्यता नहीं होगी, जबकि शादी और पढ़ाई के लिए निर्धारित सेवा शर्तों के अनुसार 50% तक फंड निकाला जा सकेगा। आवास आवश्यकताएं (Housing – Category 2): घर खरीदने या निर्माण के लिए कुल बैलेंस का 90% तक और घर के नवीनीकरण (Renovation) के लिए निर्धारित सीमा तक निकासी की अनुमति होगी। विशेष परिस्थितियां (Special – Category 3): नौकरी छूटने के 1 महीने बाद तुरंत 75% तक की निकासी और 2 महीने बाद या 58 वर्ष की उम्र में रिटायरमेंट पर 100% पूर्ण निपटान। इसके अलावा, सबसे बड़ी राहत यह है कि अधिकांश आंशिक दावों के लिए नियोक्ता के डिजिटल हस्ताक्षर या अप्रूवल की जरूरत को खत्म कर दिया गया है और सेल्फ-सर्टिफिकेशन को मान्यता दी जा रही है। UPI से PF निकालने के लिए क्या-क्या तैयारियां और KYC होना जरूरी है? इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए अंशधारकों का रिकॉर्ड पूरी तरह अपडेट होना अनिवार्य है। यदि आपके रिकॉर्ड में कोई कमी है, तो सिस्टम आपका क्लेम रिजेक्ट कर सकता है: सक्रिय UAN (Universal Account Number): आपका UAN एक्टिव होना चाहिए और पोर्टल पर चालू होना चाहिए। आधार लिंकिंग (Aadhaar Seeding): UAN के साथ आधार कार्ड लिंक होना अनिवार्य है। साथ ही आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर एक्टिव होना चाहिए ताकि OTP प्रमाणीकरण हो सके। पैन (PAN) कार्ड सत्यापन: टैक्स कटौती (TDS) से बचने के लिए पैन का सत्यापन जरूरी है, विशेषकर उन सदस्यों के लिए जिनकी सेवा अवधि 5 वर्ष से कम है। बैंक खाता और IFSC कोड: आपका सक्रिय बैंक खाता संख्या और सही IFSC कोड ईपीएफओ डेटाबेस में दर्ज होना चाहिए, जिससे UPI आईडी का मिलान आसानी से हो सके। सुविधा के साथ समझदारी: रिटायरमेंट फंड से बार-बार निकासी से बचें यूपीआई और एटीएम से पीएफ निकालने की सुविधा आपातकालीन परिस्थितियों में किसी वित्तीय संजीवनी से कम साबित नहीं होगी। अचानक अस्पताल के बिल या तात्कालिक खर्चों के लिए अब किसी कर्ज या भारी ब्याज वाले पर्सनल लोन के जाल में नहीं फंसना पड़ेगा। लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि पीएफ पर मिलने वाला चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। निकासी की प्रक्रिया आसान होने का यह अर्थ कदापि नहीं है कि गैर-जरूरी खर्चों या शौक पूरे करने के लिए पीएफ खाते को खाली किया जाए। इस डिजिटल सुविधा का इस्तेमाल केवल वास्तविक आपातकाल में ही करें ताकि आपका रिटायरमेंट फंड सुरक्षित और मजबूत बना रहे।

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