फर्रुखाबाद की इस घटना में एक हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारी के साथ कथित मारपीट के बाद समर्थक कोतवाली पहुंचे। अमर उजाला की 26 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, शिकायत पर कार्रवाई को लेकर नाराज कार्यकर्ताओं ने कोतवाली के गेट पर धरना दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए बल प्रयोग किया।
क्या है पूरा मामला?
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार देर रात चौक पर हिंदूवादी संगठन के एक पदाधिकारी के साथ कुछ लोगों ने कथित तौर पर हाथापाई और मारपीट की। घटना की शिकायत लेकर बजरंग दल के पदाधिकारी और जनसत्ता दल के महामंत्री सिद्धांत सिंह कुछ कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली पहुंचे।
आरोप है कि शिकायत पर सुनवाई नहीं होने से नाराज कार्यकर्ताओं ने कोतवाली के गेट पर धरना शुरू कर दिया। देखते ही देखते वहां समर्थकों की संख्या बढ़ने लगी, जिसके बाद आसपास की पुलिस चौकियों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।
धरना खत्म कराने के लिए पुलिस ने किया बल प्रयोग
रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने पहले प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को हटाने का प्रयास किया। जब वे नहीं हटे, तो पुलिस ने बल प्रयोग किया और धरना दे रहे लोगों को वहां से खदेड़ दिया। इस दौरान दो पदाधिकारियों को हिरासत में लेकर कोतवाली में बैठा लिया गया।
घटना की जानकारी मिलने पर विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष मुकेश बाथम और महिला पदाधिकारी भी कोतवाली पहुंचे। इसके बाद मामले को लेकर पुलिस और संगठन के पदाधिकारियों के बीच बातचीत हुई।
देर रात बातचीत के बाद शांत हुआ मामला
अमर उजाला के मुताबिक, सुशील कुमार सिंह देर रात कोतवाली पहुंचे और अधिकारियों से बातचीत की। आधी रात के बाद स्थिति शांत हुई। इसके बाद कोतवाली में खड़ी कुछ पदाधिकारियों की बाइकें वापस की गईं।
जनसत्ता दल के महामंत्री सिद्धांत सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस पक्षपात कर रही है। उन्होंने कहा कि संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से बातचीत के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। यह आरोप संगठन के पदाधिकारी की ओर से लगाया गया है; पुलिस का विस्तृत पक्ष उपलब्ध रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं किया गया है।
शिकायत पर कार्रवाई और कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद शिकायतों पर पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सवाल उठे हैं। मामले में एक पक्ष ने मारपीट की शिकायत पर सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने धरना खत्म कराने के लिए बल प्रयोग किया।
घटना से जुड़े सभी आरोपों की पुष्टि जांच के आधार पर ही हो सकती है। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्ट में मारपीट के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और हिरासत में लिए गए पदाधिकारियों की आगे की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
निष्कर्ष: फर्रुखाबाद में हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारी के साथ कथित मारपीट के बाद समर्थकों ने कोतवाली गेट पर धरना दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया और दो पदाधिकारियों को हिरासत में लिया। देर रात अधिकारियों और संगठन के नेताओं के बीच बातचीत के बाद मामला शांत हुआ। आगे की कार्रवाई को लेकर पुलिस का आधिकारिक पक्ष और जांच की स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी।