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कानपुर के सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की जगह ड्राइवर ने देखे मरीज, पर्चे पर लिखी दवाएं; VIDEO वायरल

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
17 September 2026 12:04 PM 1 मिनट पठन 12126 Views
कानपुर के सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की जगह ड्राइवर ने देखे मरीज, पर्चे पर लिखी दवाएं; VIDEO वायरल

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर से सरकारी अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय एवं ट्रॉमा सेंटर में एक व्यक्ति का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह डॉक्टर की गैरमौजूदगी में मरीजों से उनकी परेशानी पूछता और पर्चे पर दवाएं लिखता दिखाई दे रहा है। अस्पताल प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है और संबंधित डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा है।

डॉक्टर के कोर्ट जाने के दौरान सामने आया मामला

जानकारी के मुताबिक, अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. रामकेश किसी मामले में कोर्ट में एविडेंस देने गए थे। इसी दौरान ओपीडी में उनकी जगह एक व्यक्ति मरीजों को बुलाकर उनकी समस्याएं पूछता नजर आया।

वीडियो में वह मरीजों से पेट दर्द समेत उनकी अन्य तकलीफों के बारे में पूछता दिखाई देता है। इसके बाद वह मरीजों के पर्चे पर दवाएं लिखता नजर आता है। रिपोर्ट के मुताबिक, मरीजों को कथित तौर पर ये दवाएं अस्पताल की बजाय बाहर के मेडिकल स्टोर से लेने के लिए कहा गया।

वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान डॉक्टर के ड्राइवर देव के रूप में किए जाने की बात सामने आई है।

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, वीडियो की जानकारी मिलने के बाद मामले की जांच कराई गई। हालांकि जांच के दौरान मौके पर वह व्यक्ति नहीं मिला। डॉक्टर से पूछताछ में सामने आया कि वह कोर्ट गए थे और वीडियो में मरीजों को देखने वाला व्यक्ति संभवतः उनका ड्राइवर देव था।

अस्पताल प्रशासन ने मांगा स्पष्टीकरण

कांशीराम अस्पताल के CMS डॉ. पीयूष मिश्रा ने मामले का संज्ञान लेते हुए डॉ. रामकेश से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। प्रशासन ने साफ किया है कि अगर भविष्य में डॉक्टर की जगह किसी गैर-चिकित्सकीय व्यक्ति द्वारा मरीजों को देखने या दवा लिखने का मामला सामने आता है, तो कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

CMS के मुताबिक, दोबारा ऐसी स्थिति सामने आने पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ FIR समेत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

मरीजों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

डॉक्टर की जगह किसी गैर-चिकित्सकीय व्यक्ति द्वारा मरीजों की जांच करने और दवाएं लिखने के आरोप ने मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसी मरीज को दवा देने से पहले उसकी बीमारी, मेडिकल हिस्ट्री, एलर्जी और दवा की सही मात्रा जैसी चीजों का चिकित्सकीय मूल्यांकन जरूरी होता है।

ऐसे में वायरल वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधियों की वास्तविक स्थिति और इसमें किसकी जिम्मेदारी थी, यह अस्पताल की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल अस्पताल प्रशासन मामले की जांच कर रहा है। संबंधित डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा गया है और वरिष्ठ अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दिए जाने की बात सामने आई है।

अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि डॉक्टर की गैरमौजूदगी में ड्राइवर ने किसके निर्देश पर मरीजों को देखा, कितने मरीजों को दवाएं लिखी गईं और इस पूरे मामले में अस्पताल की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

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