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Lakhimpur Kheri Case: आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से राहत, दिवाली पर परिवार के साथ मनाएंगे त्योहार

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
26 October 2026 1:09 PM 1 मिनट पठन 71 Views
Lakhimpur Kheri Case: आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से राहत, दिवाली पर परिवार के साथ मनाएंगे त्योहार

नई दिल्ली: लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा उर्फ मोनू को दिवाली के दौरान अपने गृह नगर लखीमपुर खीरी जाने की अनुमति दे दी है। पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा फिलहाल जमानत पर बाहर हैं, लेकिन उन पर लगी शर्तों के कारण उन्हें अपने गृह नगर जाने की अनुमति नहीं थी। अब अदालत ने उन्हें परिवार और करीबी रिश्तेदारों के साथ दिवाली मनाने के लिए सीमित अवधि की राहत दी है।

16 नवंबर तक लखीमपुर खीरी में रहने की अनुमति

26 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा की ओर से दाखिल अनुरोध पर उन्हें दिवाली मनाने के लिए लखीमपुर खीरी जाने की अनुमति दी। यह छूट पहले से लागू जमानत की शर्तों के अधीन रहेगी। अदालत के आदेश के अनुसार, उन्हें 16 नवंबर तक वापस लौटना होगा।

इससे पहले आशीष मिश्रा को जमानत देते समय सुप्रीम कोर्ट ने उनके लखीमपुर खीरी जाने पर प्रतिबंध लगाया था। बाद में कुछ विशेष अवसरों पर उन्हें परिवार से मिलने के लिए सीमित छूट दी गई थी।

ट्रायल में 131 गवाह, 90 के बयान दर्ज

सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले में कुल 131 गवाह हैं, जिनमें से 90 के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। यानी 41 गवाहों की गवाही अभी बाकी है।

मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश के तबादले और विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी भी अदालत को दी गई। पीड़ित पक्ष की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने पहले सुनवाई की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे। वहीं, आशीष मिश्रा के वकील ने न्यायाधीश के तबादले को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई समय पर पूरी करने पर दिया जोर

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि मुकदमे को समय पर पूरा किया जाना चाहिए। साथ ही, सुनवाई में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और न ही उसे जल्दबाजी में निपटाया जाना चाहिए। अभियोजन पक्ष को उचित संतुलन बनाए रखने की जरूरत है।

इस टिप्पणी का महत्व इसलिए भी है क्योंकि मामले में बड़ी संख्या में गवाहों के बयान दर्ज होने बाकी हैं और न्यायिक प्रक्रिया को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाना जरूरी है।

क्या है लखीमपुर खीरी हिंसा मामला?

यह मामला 3 अक्टूबर 2021 को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया में हुई हिंसा से जुड़ा है। उस समय केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के विरोध में किसान प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान किसानों को एक वाहन से कुचल दिया गया। इस घटना और उसके बाद हुई हिंसा में कुल आठ लोगों की मौत हुई थी, जिनमें चार किसान और एक पत्रकार भी शामिल थे।

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