Lucknow Electricity Crisis: बिजली कटौती से भड़के लोग, SDO को 3 घंटे तक रोका; उपकेंद्र का गेट बंद कर हंगामा
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बारिश और उमस के बीच बिजली संकट ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। दुबग्गा स्थित नवीन फल एवं सब्जी मंडी में करीब 30 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने के बाद व्यापारियों और मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा।
रिपोर्ट के अनुसार, करीब 100 से 150 लोग बसंतकुंज बिजली उपकेंद्र पहुंच गए। प्रदर्शन के दौरान बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों को अंदर रोक दिया गया, फीडरों की सप्लाई बंद कराई गई और उपकेंद्र का शटर गिराकर ताला लगा दिया गया।
स्थिति बिगड़ने की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मामला शांत कराया।
गुरुवार सुबह से बंद थी मंडी की बिजली
दुबग्गा मंडी के आढ़ती नवजोत सिंह के अनुसार, समस्या गुरुवार सुबह करीब 8 बजे शुरू हुई थी। मंडी में लगा 250 KVA का ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
देर रात प्रदर्शन के बाद SDO रामकेश ने जल्द बिजली बहाल करने का आश्वासन दिया था, लेकिन रातभर आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी।
शुक्रवार सुबह तक बिजली नहीं आने से मंडी का कारोबार प्रभावित होने लगा।
व्यापार ठप होने पर उपकेंद्र पहुंचे व्यापारी-मजदूर
लंबे समय तक बिजली नहीं आने से मंडी में कामकाज प्रभावित हुआ। इसके बाद बड़ी संख्या में व्यापारी और मजदूर बसंतकुंज उपकेंद्र पहुंच गए।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और उपकेंद्र पर तालाबंदी कर दी। इस दौरान वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को भी बाहर निकलने नहीं दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान उपकेंद्र से जुड़े फीडर बंद होने के कारण आसपास के दूसरे इलाकों में भी करीब एक घंटे बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।
पुलिस ने पहुंचकर खुलवाया ताला
उपकेंद्र पर हंगामे की सूचना मिलने के बाद दुबग्गा इंस्पेक्टर श्रीकांत राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने की कोशिश की। वहीं बिजली विभाग के JE अरशद ने ट्रांसफार्मर और लाइन की समस्या दूर करने का आश्वासन दिया।
इसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और उपकेंद्र का ताला खोला गया।
30 घंटे बाद बहाल हुई बिजली
आढ़तियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय तक लाइन की पेट्रोलिंग नहीं की गई। रिपोर्ट के अनुसार बाद में बरगद के पेड़ के पास दो तारों के आपस में संपर्क में आने की समस्या सामने आई।
लाइन ठीक किए जाने के बाद शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। इस तरह मंडी में करीब 30 घंटे बाद बिजली लौटी।
नगराम के करीब 200 गांवों में भी बिजली गुल
बिजली संकट केवल दुबग्गा तक सीमित नहीं रहा। भारी बारिश और तेज हवा के कारण नगराम के समेसी उपकेंद्र से जुड़े करीब 200 गांवों में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।
बिजली लाइनों पर पेड़ और टहनियां गिरने के कारण बहरौली, समेसी, नगराम और मीरख नगर फीडर ब्रेकडाउन हो गए।
कर्मचारियों ने पेट्रोलिंग के बाद फाल्ट ठीक करने का काम शुरू किया।
50 गांव पहले से झेल रहे लो-वोल्टेज की समस्या
समेसी उपकेंद्र के जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार के अनुसार, बहरौली फीडर से जुड़े करीब 50 गांवों में पिछले दो महीने से लो-वोल्टेज की शिकायत भी बनी हुई है।
इसके पीछे लंबी बिजली लाइन और अधिक खपत को प्रमुख कारण बताया गया।
बारिश के कारण फाल्ट बढ़ने से इन इलाकों में लोगों की समस्या और गंभीर हो गई।
तेलीबाग में 10 घंटे तक बिजली संकट
लखनऊ के तेलीबाग क्षेत्र में भी लोगों को लंबे पावर कट का सामना करना पड़ा।
धनपाल खेड़ा, बलदेव विहार, जगतखेड़ा, रथींद्र नगर और पासी टोला में गुरुवार रात करीब 3 बजे बिजली चली गई थी। आपूर्ति शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे बहाल हुई।
यानी इन क्षेत्रों में करीब 10 घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।
गोसाईगंज में 15 घंटे से ज्यादा बिजली बंद
गोसाईगंज के घुसकर गांव में 33 KV लाइन में फाल्ट आने से स्थिति और गंभीर रही।
यहां 15 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बंद रही। लंबे पावर कट के कारण घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब देने लगे और पानी की समस्या पैदा हो गई।
बारिश और बढ़ी खपत से बढ़े फाल्ट
अमौसी जोन के मुख्य अभियंता राम कुमार ने बिजली संकट के पीछे बढ़ती खपत और फाल्ट की समस्या का जिक्र किया।
उनके अनुसार दुबग्गा, नगराम सहित कई इलाकों में बिजली की खपत बढ़ने के कारण फाल्ट की घटनाएं बढ़ी हैं। बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इंजीनियरों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
बिजली संकट का व्यापार पर भी असर
दुबग्गा की नवीन फल एवं सब्जी मंडी जैसे स्थान पर लंबे समय तक बिजली नहीं रहने का प्रभाव केवल स्थानीय निवासियों तक सीमित नहीं रहता।
मंडी में बड़ी संख्या में व्यापारी, मजदूर और खरीदार आते हैं। ऐसे में बिजली आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रहने पर रोजमर्रा का कारोबार भी प्रभावित हो सकता है।
इसी कारण 30 घंटे तक चली बिजली समस्या के बाद व्यापारियों और मजदूरों में नाराजगी बढ़ गई।
बारिश के मौसम में क्यों बढ़ते हैं बिजली फाल्ट?
मानसून के दौरान तेज हवा और बारिश से बिजली लाइनों पर पेड़ या टहनियां गिर सकती हैं। इसके अलावा पानी, तारों के संपर्क और अन्य तकनीकी समस्याओं से भी सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
लखनऊ की इस घटना में अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली संकट के अलग कारण सामने आए। नगराम में लाइनों पर पेड़ और टहनियां गिरने की बात सामने आई, जबकि दुबग्गा मंडी की लाइन में तारों से जुड़ी समस्या बताई गई।
निष्कर्ष
लखनऊ में बारिश और उमस के बीच बिजली संकट ने कई इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ा दी। सबसे ज्यादा तनाव दुबग्गा की नवीन फल एवं सब्जी मंडी में देखने को मिला, जहां करीब 30 घंटे तक बिजली नहीं आने के बाद 100–150 लोग बसंतकुंज उपकेंद्र पहुंच गए।
वहां प्रदर्शन, तालाबंदी और बिजली अधिकारियों-कर्मचारियों को अंदर रोके जाने की घटना हुई। पुलिस के हस्तक्षेप और बिजली विभाग के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और करीब 30 घंटे बाद आपूर्ति बहाल कर दी गई।
वहीं नगराम के करीब 200 गांवों, तेलीबाग और गोसाईगंज सहित दूसरे इलाकों में भी लंबे पावर कट की समस्या सामने आई। बिजली विभाग का कहना है कि बढ़ती खपत और मौसम के कारण फाल्ट बढ़े हैं तथा इंजीनियरों को बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
FAQs
लखनऊ के किस इलाके में 30 घंटे बिजली गुल रही?
दुबग्गा स्थित नवीन फल एवं सब्जी मंडी में करीब 30 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही।
कितने लोग उपकेंद्र पहुंचे थे?
रिपोर्ट के अनुसार करीब 100–150 लोग बसंतकुंज उपकेंद्र पहुंचे थे।
बिजली कब बहाल हुई?
लाइन की समस्या ठीक करने के बाद शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे, लगभग 30 घंटे बाद बिजली बहाल हुई।
नगराम में कितने गांव प्रभावित हुए?
समेसी उपकेंद्र से जुड़े करीब 200 गांवों की बिजली बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रभावित हुई।
गोसाईगंज में कितने समय बिजली बंद रही?
घुसकर गांव में 33 KV लाइन में फाल्ट के कारण 15 घंटे से अधिक समय तक बिजली बाधित रही।
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