लखनऊ हत्याकांड में सामने आए तीन CCTV फुटेज
लखनऊ के गोमतीनगर में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर और सुसाइड केस की जांच के बीच तीन CCTV फुटेज सामने आए हैं। इन फुटेज को मृतका दिव्या मिश्रा की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने सोशल मीडिया पर साझा किया है।
इन वीडियो के सामने आने के बाद मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। एक फुटेज में बैंक के बाहर घटना के बाद कर्मचारी घबराकर इधर-उधर जाते दिखाई दे रहे हैं, जबकि अन्य फुटेज में दिव्या घर से निकलती और बाद में कार से लौटती नजर आती हैं। दोनों फुटेज में वह लंगड़ाते हुए दिखाई दे रही हैं।
पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को जोड़ने की कोशिश में जुटी है।
क्या हुआ था लखनऊ में?
पुलिस के अनुसार, गुरुवार दोपहर गोमतीनगर में आईसीआईसीआई बैंक के बाहर दिव्या मिश्रा की उनके पति मानस ने गोली मारकर हत्या कर दी।
इसके बाद मानस अपने घर पहुंचा, जहां उसने अपनी बहन तूलिका की भी गोली मारकर हत्या कर दी और फिर खुद आत्महत्या कर ली।
रिपोर्ट के अनुसार दिव्या और मानस की शादी करीब नौ साल पहले हुई थी। दोनों के बीच विवाद चल रहा था और तलाक का मामला भी अदालत में था। दोनों अलग-अलग रह रहे थे।
मानस भी स्टेट बैंक में अधिकारी था।
तीन CCTV फुटेज में क्या दिखा?
सामने आए फुटेज इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
पहला फुटेज
एक CCTV फुटेज बैंक के बाहर का है। इसमें घटना के बाद बैंक कर्मचारी घबराकर इधर-उधर जाते दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि, अभी तक मानस द्वारा गोली चलाने का स्पष्ट CCTV फुटेज सामने नहीं आया है।
दूसरा फुटेज
दूसरे वीडियो में दिव्या घर से बाहर निकलती हुई दिखाई देती हैं।
तीसरा फुटेज
एक अन्य CCTV में दिव्या कार में बैठकर जाते हुए नजर आती हैं।
इन दोनों फुटेज में वह लंगड़ाकर चलती हुई दिखाई देती हैं।
दिव्या क्यों लंगड़ाकर चल रही थीं?
दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा के अनुसार, कुछ समय पहले दिव्या का एक्सीडेंट हुआ था।
उनका कहना है कि दुर्घटना में दिव्या के हाथ और पैर में चोट लगी थी। इसके बाद करीब डेढ़ से दो महीने बाद उन्होंने ऑफिस जाना शुरू किया था।
इसी वजह से CCTV फुटेज में उन्हें लंगड़ाकर चलते हुए देखा जा सकता है।
यह जानकारी मृतका की बहन की ओर से दी गई है और पुलिस जांच में इसका स्वतंत्र सत्यापन महत्वपूर्ण होगा।
मानस के पास तीन असलहे कहां से आए?
मामले में एक बड़ा सवाल मानस के पास मिले हथियारों को लेकर भी उठ रहा है।
पुलिस के अनुसार मानस के पास से तीन हथियार बरामद हुए हैं। इनमें दो रिवॉल्वर और एक तमंचा शामिल बताया गया है।
दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने सवाल उठाया है कि बैंक में काम करने वाले मानस के पास तीन हथियार कैसे पहुंचे और उन्हें ये हथियार किसने उपलब्ध कराए।
हालांकि, इन सवालों का जवाब अभी जांच का हिस्सा है। हथियारों के स्रोत और उनकी वैधता के बारे में पुलिस की जांच से ही स्थिति स्पष्ट होगी।
क्या मानस की किसी ने मदद की थी?
दिव्या की बहन ने सोशल मीडिया पोस्ट में यह सवाल भी उठाया है कि क्या मानस को किसी अन्य व्यक्ति की मदद मिली थी।
उनके अनुसार मानस कार नहीं चला पाता था और घटना के बाद उसके ऑटो से जाने की बात सामने आई है। इसी आधार पर उन्होंने ऑटो चालक और संभावित अन्य लोगों की भूमिका की जांच की मांग की है।
हालांकि, पुलिस की उपलब्ध जानकारी के अनुसार मानस घटना के बाद कुछ दूर पैदल गया और फिर ऑटो से अपने घर पहुंचा था।
अभी तक किसी दूसरे व्यक्ति की संलिप्तता पुलिस द्वारा पुष्ट नहीं की गई है।
पुलिस के अनुसार बैंक के बाहर क्या हुआ?
पूर्वी लखनऊ की पुलिस उपायुक्त डॉ. दीक्षा शर्मा के अनुसार, दिव्या सुबह अपने मायके से ऑटो से बैंक पहुंची थीं।
इसके बाद वह एक सहकर्मी के साथ फील्ड विजिट पर गईं और करीब 12 बजे वापस लौटीं।
रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 12 बजे मानस भी ऑटो से बैंक पहुंचा और वहां इंतजार करने लगा। करीब 12:20 बजे दिव्या अपने सहकर्मी के साथ कार से लौटीं।
कार से उतरते ही मानस ने कथित तौर पर दिव्या को खींच लिया और उनके साथ हाथापाई की। पुलिस के मुताबिक उसने हथियार की बट से उनके सिर पर वार किए और फिर गोली मार दी।
बैंक के गार्ड और कर्मचारियों ने घटना देखी और पुलिस को सूचना दी। दिव्या को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हत्या के बाद मानस घर कैसे पहुंचा?
पुलिस के अनुसार, दिव्या की हत्या के बाद मानस कुछ दूरी तक पैदल गया।
इसके बाद उसने एक ऑटो लिया और अपने घर पहुंच गया।
पुलिस जब उसका पीछा करते हुए घर तक पहुंची, तब तक मानस ने अपनी बहन तूलिका की हत्या कर दी थी और खुद भी गोली मारकर आत्महत्या कर चुका था।
पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और दोनों के शव देखे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
घर में मिला मानस और उसकी बहन का शव
घटना के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था बबलू कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त पूर्वी अमोल मुरकुट, गोमतीनगर इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र तिवारी और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
अब जांचकर्ताओं के लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि बैंक से लेकर मानस के घर तक के पूरे घटनाक्रम को CCTV, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों से जोड़ा जाए।
मानस के WhatsApp Status ने भी बढ़ाए सवाल
पुलिस के अनुसार मानस ने अपने WhatsApp Status में अपनी पत्नी पर चीटिंग का आरोप लगाया था।
उसने अपनी साली प्रज्ञा और साढ़ू भरत के लिए भी कुछ बातें लिखी थीं। इसके बाद प्रज्ञा ने सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए मानस पर कई गंभीर आरोप लगाए।
अब पुलिस को इन सोशल मीडिया पोस्ट और वास्तविक घटनाओं के बीच संबंध की भी जांच करनी होगी।
तलाक का मामला भी चल रहा था
रिपोर्ट के अनुसार दिव्या और मानस की शादी करीब नौ साल पहले हुई थी।
दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था और तलाक का मामला अदालत में लंबित था। दोनों अलग-अलग रह रहे थे।
पुलिस हत्या के संभावित कारणों की जांच में इस वैवाहिक विवाद को भी ध्यान में रख रही है।
हालांकि, हत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या था, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
मामले में अब कौन-कौन से सवाल अहम?
CCTV फुटेज और पुलिस की शुरुआती जानकारी के बाद कई सवाल जांच का हिस्सा बन गए हैं:
- मानस के पास तीन हथियार कैसे पहुंचे?
- हथियारों का स्रोत क्या था?
- क्या सभी हथियार कानूनी थे?
- हत्या के बाद मानस ऑटो से घर कैसे पहुंचा?
- ऑटो चालक कौन था?
- क्या घटना में किसी अन्य व्यक्ति की कोई भूमिका थी?
- WhatsApp Status में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या थी?
- दिव्या और मानस के बीच विवाद की वास्तविक वजह क्या थी?
- क्या CCTV और दूसरे डिजिटल साक्ष्य घटनाक्रम की पुष्टि करते हैं?
इन सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच से मिलने की उम्मीद है।
CCTV जांच क्यों महत्वपूर्ण है?
इस मामले में CCTV फुटेज पुलिस के लिए महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य साबित हो सकते हैं।
बैंक के बाहर का फुटेज घटना के समय की गतिविधियों को समझने में मदद कर सकता है। वहीं घर और रास्ते से जुड़े CCTV यह पता लगाने में मदद कर सकते हैं कि मानस घटना के बाद किस रास्ते से गया और उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति था या नहीं।
हालांकि किसी भी CCTV फुटेज का पूरा अर्थ निकालने के लिए उसका समय, स्थान और अन्य साक्ष्यों से मिलान जरूरी होगा।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती घटना की पूरी टाइमलाइन तैयार करना है।
सुबह दिव्या के बैंक पहुंचने से लेकर फील्ड विजिट, बैंक में वापसी, हत्या, मानस के घर जाने और फिर घर में हुई दूसरी घटना तक की पूरी श्रृंखला को जोड़ना जरूरी है।
इसके लिए CCTV, फोरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल डेटा, हथियारों की जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
निष्कर्ष
लखनऊ के गोमतीनगर में हुए तीन मौतों वाले मामले में सामने आए तीन CCTV फुटेज ने जांच को एक नया कोण दिया है। फुटेज में दिव्या मिश्रा को घटना से पहले लंगड़ाकर चलते हुए देखा जा सकता है, जबकि बैंक के बाहर का वीडियो घटना के बाद की स्थिति दिखाता है।
वहीं मानस के पास से दो रिवॉल्वर और एक तमंचा मिलने की जानकारी ने हथियारों के स्रोत को लेकर सवाल खड़े किए हैं। दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने मानस की संभावित मदद और उसके ऑटो से जाने को लेकर भी सवाल उठाए हैं, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
पुलिस के अनुसार मानस ने पहले बैंक के बाहर दिव्या की हत्या की, फिर अपने घर जाकर अपनी बहन तूलिका की हत्या की और इसके बाद खुद आत्महत्या कर ली। पुलिस और फोरेंसिक टीम पूरे मामले के साक्ष्य जुटा रही है।
आने वाली जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था और क्या इसमें मानस के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की कोई भूमिका थी।
FAQs
लखनऊ में दिव्या मिश्रा की हत्या कैसे हुई?
पुलिस के अनुसार गोमतीनगर में बैंक के बाहर मानस ने दिव्या पर हमला किया और गोली मार दी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
CCTV फुटेज में क्या दिख रहा है?
तीन फुटेज सामने आए हैं। एक बैंक के बाहर का है, जबकि अन्य में दिव्या घर से निकलते और कार से लौटते दिखाई देती हैं। दोनों फुटेज में वह लंगड़ाती हुई नजर आती हैं।
मानस के पास कितने हथियार मिले?
पुलिस के अनुसार मानस के पास तीन हथियार—दो रिवॉल्वर और एक तमंचा मिले।
क्या मानस और दिव्या का तलाक का केस चल रहा था?
हां। रिपोर्ट के अनुसार दोनों के बीच लंबे समय से विवाद था और तलाक का मामला अदालत में चल रहा था।
क्या पुलिस को किसी दूसरे व्यक्ति पर शक है?
दिव्या की बहन ने संभावित मददगार की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं, लेकिन उपलब्ध पुलिस जानकारी में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है।