लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है। गुजरात से करीब 9 साल पहले लापता हुईं 55 वर्षीय रतन बेन को लखनऊ पुलिस ने खोज निकाला और उनके परिवार तक पहुंचाया। पुलिस की कोशिशों के बाद रतन बेन का उनके बेटे विशाल से दोबारा मिलन हुआ। नौ साल से मां की तलाश कर रहे बेटे की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
सड़क किनारे मिली थीं रतन बेन
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ दिन पहले लखनऊ के बालू अड्डा चौराहे के पास पुलिस को एक महिला परेशान हालत में मिली थीं। महिला करीब 55 साल की थीं और पुलिस को देखकर भी अपनी पहचान या घर के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही थीं।
हजरतगंज पुलिस उन्हें थाने लेकर आई। महिला पुलिसकर्मियों ने उनसे बातचीत करने और उनके परिवार का पता लगाने की कोशिश की। उन्हें खाना खिलाया गया और नए कपड़े भी दिए गए। धीरे-धीरे बातचीत करने पर महिला ने गुजरात के सूरत और कत्तारगाम इलाके से जुड़ी जानकारी दी। एक रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने ‘फूलपाड़ा’ नाम भी बताया था।
Google Maps से मिला गुजरात का सुराग
पुलिस ने महिला द्वारा बताए गए स्थान की जानकारी जुटाने के लिए इंटरनेट और Google Maps की मदद ली। इसके बाद गुजरात पुलिस से संपर्क किया गया।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गुजरात के सूरत में रतन बेन की 2017 में गुमशुदगी दर्ज हुई थी। इसके बाद पुलिस ने वहां दर्ज रिकॉर्ड के आधार पर उनके परिवार से संपर्क करने की कोशिश शुरू की।
वीडियो कॉल पर बेटे ने पहचाना मां को
गुजरात पुलिस की मदद से रतन बेन के बेटे विशाल तक पुलिस पहुंची। इसके बाद हजरतगंज पुलिस ने वीडियो कॉल के जरिए मां और बेटे की बात कराई।
वीडियो कॉल पर मां को देखते ही विशाल भावुक हो गए। जिस मां को वह पिछले नौ साल से तलाश कर रहे थे, वह अचानक लखनऊ में उनके सामने थीं। पहचान की पुष्टि होने के बाद विशाल अपनी मां से मिलने लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
थाने में मां को देखते ही बेटे ने लगाया गले
बुधवार को विशाल गुजरात पुलिस और अपने साथियों के साथ लखनऊ के हजरतगंज थाने पहुंचे। वहां मां को देखते ही दोनों भावुक हो गए। विशाल ने अपनी मां को गले लगा लिया और दोनों की आंखों से आंसू निकल पड़े।
बताया गया कि रतन बेन ने बेटे का हाथ पकड़ लिया और काफी देर तक नहीं छोड़ा। नौ साल की दूरी के बाद मां-बेटे का यह मिलन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के लिए भी भावुक पल बन गया।
2017 में घर से निकली थीं रतन बेन
विशाल के मुताबिक, उनकी मां की मानसिक स्थिति वर्ष 2010 से ठीक नहीं थी। इससे पहले भी वह एक-दो बार घर से बाहर चली गई थीं, लेकिन वापस लौट आती थीं। वर्ष 2017 में वह अचानक घर से चली गईं और फिर वापस नहीं लौटीं।
परिवार ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, आश्रयगृहों और अन्य संभावित स्थानों पर उनकी तलाश की। पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन लंबे समय तक उनका कोई पता नहीं चल सका।