Wednesday, 16 September 2026
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राजस्थान निकाय चुनाव में BSP की 19 सीटों पर जीत, मायावती ने कार्यकर्ताओं को दी बधाई; बोलीं- धांधली से और बेहतर हो सकता था रिजल्ट

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
15 September 2026 11:35 AM 1 मिनट पठन 1761 Views
राजस्थान निकाय चुनाव में BSP की 19 सीटों पर जीत, मायावती ने कार्यकर्ताओं को दी बधाई; बोलीं- धांधली से और बेहतर हो सकता था रिजल्ट

नई दिल्ली: राजस्थान के शहरी निकाय चुनाव के नतीजों में बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने 19 वार्डों में जीत दर्ज की है। पार्टी के प्रदर्शन पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को बधाई दी। हालांकि, इसी के साथ उन्होंने चुनाव परिणामों में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बसपा उम्मीदवारों को दोबारा मतगणना के दौरान कम अंतर से हराया गया।

मायावती ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राजस्थान निकाय चुनाव के परिणामों को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजस्थान में BSP के 19 पार्षद चुनाव जीतकर आए हैं और पार्टी के कई उम्मीदवारों को कथित तौर पर सरकारी मशीनरी की गड़बड़ी के कारण दोबारा गिनती में थोड़े-थोड़े वोटों के अंतर से हरा दिया गया।

मायावती का दावा है कि यदि ऐसा नहीं होता तो राजस्थान में BSP का प्रदर्शन और बेहतर हो सकता था।

हालांकि, चुनाव प्रक्रिया में धांधली के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इन्हें फिलहाल मायावती और BSP के राजनीतिक आरोप के तौर पर देखा जाना चाहिए।

राजस्थान में BJP सबसे बड़ी पार्टी

राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनाव में सत्तारूढ़ BJP सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। उपलब्ध अंतिम आंकड़ों के मुताबिक BJP ने 4,179 वार्ड, जबकि कांग्रेस ने 3,613 वार्ड जीते। निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी 2,273 वार्डों में जीत दर्ज कर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।

इसके अलावा RLP ने 63, AAP ने 42, CPI(M) ने 38, BSP ने 19 और भारत आदिवासी पार्टी ने 8 वार्डों में जीत दर्ज की।

309 शहरी निकायों में हुआ चुनाव

राजस्थान में इस बार 309 शहरी स्थानीय निकायों के लिए चुनाव हुआ। मतदान दो चरणों में 9 और 11 सितंबर को कराया गया था। इन चुनावों में 10 हजार से ज्यादा वार्डों के पार्षदों के लिए मतगणना हुई।

नतीजों में BJP ने कई महत्वपूर्ण नगर निगमों में स्पष्ट बहुमत हासिल किया। वहीं कई निकायों में निर्दलीय पार्षदों की संख्या इतनी अधिक रही कि बोर्ड गठन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।

BSP के लिए 19 सीटें कितनी अहम?

राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनाव में BSP का 19 वार्ड जीतना पार्टी के लिए सीमित लेकिन महत्वपूर्ण प्रदर्शन माना जा सकता है। खासकर ऐसे समय में जब राज्य की राजनीति में BJP और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला दिखाई देता है, छोटे दलों और निर्दलीयों की मौजूदगी स्थानीय स्तर पर समीकरण बदल सकती है।

मायावती ने अपने बयान में इसी प्रदर्शन को रेखांकित करते हुए कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया है। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी आने वाले चुनावों में अपने संगठन को और मजबूत करने की कोशिश करेगी।

मायावती ने लगाया सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप

मायावती ने चुनाव परिणामों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कुछ BSP उम्मीदवारों को दोबारा मतगणना में बहुत कम अंतर से हराया गया। उन्होंने इसे सरकारी मशीनरी की कथित गड़बड़ी से जोड़ा।

हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में इन आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र चुनावी जांच या आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए इस मुद्दे पर अंतिम निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगा।

BJP-कांग्रेस के बीच मुकाबला, निर्दलीय बने किंगमेकर

राजस्थान निकाय चुनाव का एक बड़ा पहलू निर्दलीय उम्मीदवारों का मजबूत प्रदर्शन रहा। BJP और कांग्रेस के अलावा निर्दलीयों ने हजारों वार्डों में जीत हासिल की। कई ऐसे स्थानीय निकाय हैं जहां किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है और बोर्ड बनाने के लिए निर्दलीय पार्षद निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

जयपुर, जोधपुर, भरतपुर और अन्य बड़े शहरों के नतीजों में भी अलग-अलग राजनीतिक समीकरण देखने को मिले। भरतपुर में निर्दलीयों का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।

BSP के लिए आगे की चुनौती

राजस्थान के निकाय चुनाव के नतीजे ऐसे समय आए हैं जब BSP उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में अपने संगठन को मजबूत करने पर जोर दे रही है। पार्टी सुप्रीमो मायावती पहले ही कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने और आगामी चुनावों के लिए संगठन मजबूत करने के निर्देश देती रही हैं।

अब राजस्थान में मिली 19 सीटों के बाद BSP की कोशिश इन स्थानीय स्तर के राजनीतिक आधार को आगे विधानसभा और लोकसभा चुनावों तक ले जाने की होगी।

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