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मेरठ ब्लू ड्रम हत्याकांड: सूटकेस में शव रखने की थी योजना, नाकाम होने पर अपनाया नीला ड्रम

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
1 October 2026 12:15 PM 1 मिनट पठन 9058 Views
मेरठ ब्लू ड्रम हत्याकांड: सूटकेस में शव रखने की थी योजना, नाकाम होने पर अपनाया नीला ड्रम

मेरठ: उत्तर प्रदेश के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में जांच के दौरान सामने आई जानकारी ने पूरे मामले को और भी चौंकाने वाला बना दिया था। पुलिस जांच और बाद की अदालती कार्यवाही में यह बात सामने आई कि हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपी पहले उसे एक ट्रॉली बैग यानी सूटकेस में रखने की योजना बना रहे थे। जब शव बैग में नहीं समा सका और बैग का कुंडा भी टूट गया, तब नीले प्लास्टिक के ड्रम का इस्तेमाल किया गया।

पहले सूटकेस में शव रखने की कोशिश

अदालती कार्यवाही में सामने आए पुलिस के विवरण के अनुसार, सौरभ की हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे ट्रॉली बैग में रखने की योजना बनाई गई थी। शव को टुकड़ों में करने के बावजूद वह बैग में ठीक से नहीं आ सका। जांच में यह भी बताया गया कि बैग का कुंडा टूट गया था।

इसी के बाद शव को नीले प्लास्टिक के बड़े ड्रम में रखने का फैसला किया गया। शव के हिस्सों को ड्रम में रखने के बाद उसमें सीमेंट का घोल डाला गया, ताकि उसे छिपाया जा सके।

नीले ड्रम में सीमेंट से छिपाया शव

पुलिस के अनुसार, सौरभ राजपूत की हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें एक बड़े नीले ड्रम में रखा गया। इसके बाद ड्रम में सीमेंट भरकर उसे सील कर दिया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। इनमें खून के निशान वाला सूटकेस भी शामिल था, जिससे यह आशंका मजबूत हुई कि शव को पहले बैग में रखने की कोशिश की गई थी।

हत्या के बाद हिमाचल चले गए थे आरोपी

पुलिस की जांच के मुताबिक, घटना के बाद दोनों आरोपी हिमाचल प्रदेश चले गए थे। जांच में शिमला, मनाली और कसोल जाने की बात सामने आई थी। पुलिस का आरोप था कि हत्या के बाद शव को ड्रम में छिपाकर दोनों ने कुछ समय के लिए मेरठ से बाहर जाने की योजना बनाई थी।

मामले में 2026 में आया बड़ा फैसला

इस चर्चित मामले में अब अदालत ने भी अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। 30 सितंबर 2026 को मेरठ की जिला अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक साजिश के मामलों में दोषी ठहराया।

अदालत ने दोषसिद्धि के बाद सजा की अवधि पर आदेश सुरक्षित रख लिया है। दोनों आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया था।

क्या था पूरा मामला?

सौरभ राजपूत पूर्व में मर्चेंट नेवी में काम कर चुके थे और बाद में लंदन में काम कर रहे थे। अभियोजन के अनुसार, वह फरवरी 2025 में मेरठ स्थित अपने घर लौटे थे। पुलिस ने आरोप लगाया कि इसके बाद उनकी पत्नी मुस्कान और साहिल ने मिलकर उनकी हत्या की साजिश रची।

अभियोजन के मुताबिक, हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए पहले ट्रॉली बैग का इस्तेमाल करने की कोशिश की गई, लेकिन योजना सफल नहीं हुई। इसके बाद शव को नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से सील किया गया। मामले में मेडिकल, फॉरेंसिक, परिस्थितिजन्य और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन ने अपना पक्ष रखा।

अब सजा के आदेश का इंतजार

अदालत द्वारा दोनों आरोपियों को दोषी ठहराए जाने के बाद अब मामले में सजा की मात्रा पर आदेश आना बाकी है। इस फैसले के साथ करीब डेढ़ साल से चर्चा में रहे इस हत्याकांड के मुकदमे में एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है।

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