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MLC चुनाव: वोटिंग से पहले सम्राट के 10 बड़े ऐलान:ग्रेजुएट युवाओं को नौकरी, शिक्षकों को फैसिलिटी, जानिए जीत के लिए क्या किया गया

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
2 October 2026 5:26 PM 1 मिनट पठन 10748 Views
MLC चुनाव: वोटिंग से पहले सम्राट के 10 बड़े ऐलान:ग्रेजुएट युवाओं को नौकरी, शिक्षकों को फैसिलिटी, जानिए जीत के लिए क्या किया गया

बिहार में 8 सीटों पर एमएलसी चुनाव हो रहे हैं। इसमें तीन सीटिंग सीट एनडीए की हैं। एक पर जेडीयू और दो पर बीजेपी को जीत मिली थी। तीन निर्दलीय और दो महागठबंधन की सीटें है। पटना के बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में हार के बाद भाजपा के सामने MLC चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने की चुनौती है। 4 स्नातक और 4 शिक्षक सीट पर चुनाव हो रहे हैं। मतदाता पढ़े-लिखे हैं। शिक्षा मुख्य मुद्दा है। ऐसे में सरकार की कोशिश पढ़े-लिखे वोटर को अपनी ओर करने की है। इसके लिए शिक्षा व्यवस्था को लेकर ऐसे 10 बड़े फैसले लिए हैं, जो चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। इनमें ग्रेजुएट युवाओं को नौकरी और शिक्षकों को फैसिलिटी जैसे इंतजाम हैं। आइए जानते हैं सम्राट सरकार ने NDA प्रत्याशियों की जीत के लिए कौन से काम किए हैं। 1- परीक्षा सुधार समिति का गठन विभिन्न तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं पर बिहार में लगातार सवाल उठ रहे हैं। पेपर लीक और परीक्षा में धांधली को लेकर कई बार आंदोलन हुए हैं। परीक्षा की तैयारी करने वाले स्नातकों ने इसमें बड़ी संख्या में हिस्सा लिया है। छात्रों की लड़ाई में हिस्सा लेने वाले कई नेता चुनाव मैदान में हैं। छात्रों की मांगों पर काम करते हुए सम्राट सरकार ने राज्य स्तर पर परीक्षा सुधार विशेषज्ञ समिति बनाई। इसका मकसद पेपर लीक रोकना, नकल और फर्जी अभ्यर्थियों पर रोक, परीक्षा केन्द्रों पर पारदर्शिता, भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं को सुरक्षित बनाना और डिजिटल निगरानी रखना है। सरकार ने 5 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति में पटना हाईकोर्ट के जज हरीश कुमार को अध्यक्ष बनाया गया। समिति बीपीएससी की समीक्षा करेगी। इसके साथ ही बीएसएससी, बिहार बोर्ड की 10 वीं-12 वीं, विश्वविद्यालय परीक्षाएं, पॉलिटेकनिक जैसी तकनीकी परीक्षाओं की भी जांच होगी। इसके जरिए सरकार ने परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों का विश्वास जीतने की कोशिश की है। सरकार ने दारोगा लिखित परीक्षा रद्द कर मैसेज दिया है कि वह छात्रों की बात सुन रही है। 2- TRE 4 भर्ती परीक्षा ली जाएगी TRE 4 भर्ती के लिए छात्रों के अलावा शिक्षक संघों ने भी लड़ाई लड़ी। छात्रों और शिक्षक नेताओं ने इसकी मांग की। पहले तो शिक्षा मंत्री ने कहा कि पीटी, मेंस अलग-अलग परीक्षाएं होंगी, लेकिन बाद में सरकार मान गई और कहा कि एक ही परीक्षा ली जाएगी। बीपीएससी ने TRE 4.0 के तहत 32,388 पदों के लिए 25 सितंबर 2026 से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दिया है। 3- लाइब्रेरियन परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी लाइब्रेरियन की बहाली की मांग लंबे समय से हो रही है। 27 सितंबर को इससे जुड़ा नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मोड में ली जाएगी। यह 150 मिनट यानी ढाई घंटे की होगी। सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को उम्र सीमा में 10 वर्ष की छूट दी गई है। 4- 211 नए डिग्री कॉलेज शुरू सम्राट सरकार इसे अपनी उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है। दूसरी तरफ विपक्ष नए खुले डिग्री कॉलेजों में उपलब्ध संसाधनों पर सवाल उठा रहा है। नए डिग्री कॉलेज खुलने से छात्र अपने गांव के पास ही उच्च शिक्षा पा सकेंगे। इससे आने वाले समय में स्नातक पास लड़कियों की संख्या बढ़ेगी। छात्र- छात्राओं को जिला से बाहर जाने की जरूरत कम पड़ेगी। 5- शिक्षकों को मिलेगा ट्रांसफर का लाभ बिहार में शिक्षकों की संख्या 6 लाख के आसपास है। बड़ी संख्या में शिक्षक तबादले की मांग कर रहे हैं। नीतीश कुमार CM थे तब विभिन्न मापदंडों पर शिक्षकों के ट्रांसफर हुए। अब सम्राट सरकार में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षक-छात्र अनुपात के अनुसार विभिन्न स्कूलों में सरप्लस शिक्षकों को चिन्हित किया और उन्हें ट्रांसफर के ऑप्शन दिए गए। पहले तो शिक्षकों को लगा कि सरकार जबरन उनका ट्रांसफर कहीं भी कर देगी, लेकिन इसे जब ऐच्छिक कहा गया तो शिक्षकों को काफी राहत हुई। सरप्लस शिक्षकों में से सरकार ने करीब 47 हजार शिक्षकों का ट्रांसफर किया। कहा गया है कि ट्रांसफर का ऑप्शन सरकार आगे भी देगी। इससे शिक्षकों खासकर महिला शिक्षिकाओं को राहत मिली है। 6- पीएचडी करने वालों को प्रोत्साहन राशि सम्राट सरकार ने पीएचडी शोधार्थियों के लिए राशि देना तय किया। इसके तहत एक हजार छात्राओं को प्रति वर्ष 10 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि सरकार देगी। बिहार सरकार पीएचडी करने वाले लड़कों भी यह राशि दे सकती है। इस पर विचार चल रहा है। इससे उच्च शिक्षा में काफी मदद मिलेगी। पीएचडी के बाद छात्र कॉलेज-यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की योग्यता हासिल करेंगे। 7- ऑक्सफोर्ड-हार्वर्ड ट्रेनिंग स्कीम बिहार सरकार उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए सरकार यह योजना लेकर आई। योजना के अनुसार राज्य के 100 असिस्टेंट प्रोफेसर को ऑक्सफोर्ड, हार्वर्ड और अन्य विदेशी यूनिवर्सिटी में विशेष प्रशिक्षण के लिए भेजेगी। खर्च सरकार वहन करेगी। 211 नए डिग्री कॉलेजों के लिए नियुक्त 2,451 सहायक प्रोफेसरों के ओरिएंटेशन कार्यक्रम में इसकी घोषणा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की थी। 8- टीचर ट्रेनिंग यूनिवर्सिटी शिक्षक दिवस (5 सितंबर) के दिन मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बिहार में एक अलग टीचर ट्रेनिंग यूनिवर्सिटी स्थापित होगा। यह विश्वविद्यालय राज्य के लगभग 7 लाख शिक्षकों के ट्रेनिंग, क्षमता विकास और आधुनिक शिक्षण तकनीकों पर आधारित होगा। इससे स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ेगी और शिक्षकों के सोचने-समझने का तरीका भी बदलेगा। 9- महिला विश्वविद्यालय सरकार ने महिला विश्वविद्यालय खोलने का फैसला लिया है। संभावना है कि यह पटना में खोला जाए। इससे महिलाओं के लिए उच्च शिक्षा के बेहतर रास्ते खुलेंगे। महिलाओं के वोट बैंक के लिए सरकार ने कई काम किए हैं। उस कड़ी में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है। 10- स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड उच्च शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर कहा था कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत मिलने वाली अधिकतम शिक्षा ऋण 4 लाख रुपए को घटाकर 2 लाख रुपए कर दिया गया। इस फैसले का विरोध हुआ तो सरकार ने 19 अगस्त के आदेश को निरस्त करते हुए कहा कि पहले कि तरह बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से 4 लाख रुपए तक लोन देने की प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी। इससे उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे छात्र-छात्रों को ही नहीं बल्कि इनके अभिभावकों को भी काफी राहत मिली है।

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