Thursday, 20 August 2026

मुरादाबाद में अनोखा निकाह: तीन बच्चों की मां ने छह बच्चों के पिता को चुना, पंचायत ने दी मंजूरी

मुरादाबाद में 3 बच्चों की मां तबस्सुम और 6 बच्चों के पिता मोहम्मद उमर का निकाह

मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक निकाह इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। भोजपुर थाना क्षेत्र के रानी नागल गांव में तीन बच्चों की मां ने छह बच्चों के पिता के साथ निकाह किया है। खास बात यह है कि दोनों के बीच पहले से प्रेम संबंध था और सामाजिक परिस्थितियों के चलते उन्होंने पहले परिवार से छिपकर निकाह और फिर कोर्ट मैरिज की थी।

बाद में जब इस रिश्ते की जानकारी गांव के लोगों और परिवार को हुई तो पंचायत बुलाई गई। पंचायत में दोनों ने एक-दूसरे के साथ रहने की इच्छा जताई। इसके बाद गांव की पंचायत ने उनके रिश्ते को सामाजिक मंजूरी दे दी।

तीन बच्चों की मां तबस्सुम ने मोहम्मद उमर से किया निकाह

रिपोर्ट के अनुसार, रानी नागल गांव की रहने वाली तबस्सुम के पहले पति रियाजुल की करीब पांच साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद तबस्सुम अपने तीन बच्चों की परवरिश ससुराल में रहकर कर रही थीं।

इसी दौरान करीब तीन साल पहले उनकी मुलाकात मोहम्मद उमर से हुई। उमर मुरादाबाद के कोरबांकू गांव के रहने वाले बताए गए हैं और पेशे से गाड़ी मैकेनिक हैं। उमर के पहले से छह बच्चे हैं। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत और नजदीकियां बढ़ीं और बाद में यह रिश्ता प्रेम में बदल गया।

परिवार से छिपकर पहले किया निकाह

रिपोर्ट के मुताबिक दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने का फैसला किया। परिवार और सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए दोनों ने परिजनों को बताए बिना कलियर शरीफ में निकाह कर लिया।

इसके बाद दोनों ने कोर्ट मैरिज की कानूनी औपचारिकताएं भी पूरी कीं। हालांकि, कुछ समय बाद जब इस शादी की जानकारी तबस्सुम के ससुराल पक्ष और गांव के लोगों को हुई तो मामले को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं।

गांव में बुलाई गई पंचायत

निकाह की जानकारी सामने आने के बाद गांव में पंचायत बुलाई गई। पंचायत में दोनों पक्षों की बात सुनी गई। इस दौरान तबस्सुम और मोहम्मद उमर ने साफ तौर पर साथ रहने की इच्छा जताई।

तबस्सुम के ससुराल पक्ष की ओर से भी पंचायत में कहा गया कि परिवार ने उन्हें अपनी तरफ से खुशी से रखा था, लेकिन अब अगर वह अपनी इच्छा से मोहम्मद उमर के साथ जाना चाहती हैं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

बच्चों के साथ उमर के घर गईं तबस्सुम

पंचायत के बाद तबस्सुम को उनके बच्चों और गृहस्थी के सामान के साथ मोहम्मद उमर के साथ भेज दिया गया। इस तरह दोनों ने अपने रिश्ते को सामाजिक रूप से स्वीकार कराते हुए साथ रहने का फैसला किया।

इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि महिला के पहले से तीन बच्चे हैं, जबकि उनके नए पति के छह बच्चे हैं। इसी वजह से सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर इस निकाह को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

पांच साल पहले सड़क हादसे में हुई थी पहले पति की मौत

तबस्सुम के पहले पति रियाजुल की करीब पांच साल पहले सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद उनके सामने बच्चों की जिम्मेदारी थी।

उन्होंने ससुराल में रहते हुए अपने तीन बच्चों की परवरिश की। इसी दौरान उनकी मुलाकात मोहम्मद उमर से हुई और दोनों के बीच धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ीं। करीब तीन साल बाद दोनों ने शादी का फैसला किया।

मोहम्मद उमर के पहले से हैं छह बच्चे

मोहम्मद उमर के बारे में रिपोर्ट में बताया गया है कि वह पेशे से गाड़ी मैकेनिक हैं और उनके पहले से छह बच्चे हैं।

इस तरह निकाह के बाद दोनों परिवारों के बच्चों की कुल संख्या नौ हो जाती है। इसी वजह से यह मामला स्थानीय स्तर पर भी चर्चा में आ गया है।

हालांकि, बच्चों की जिम्मेदारी और नए परिवार में उनके भविष्य को लेकर आगे की परिस्थितियां कैसी रहेंगी, यह समय के साथ स्पष्ट होगा।

ससुराल पक्ष ने क्या कहा?

पंचायत के दौरान तबस्सुम के देवर ने परिवार का पक्ष रखते हुए कहा कि परिवार ने तबस्सुम को अपनी ओर से खुशी से रखा था। लेकिन अब वह अपनी इच्छा से मोहम्मद उमर के साथ जाना चाहती हैं तो परिवार को कोई आपत्ति नहीं है।

ससुराल पक्ष ने भविष्य में महिला के साथ किसी तरह के रिश्ते या जिम्मेदारी से भी खुद को अलग बताया।

क्यों चर्चा में आया यह निकाह?

मुरादाबाद का यह मामला इसलिए चर्चा में आया क्योंकि दोनों पक्ष पहले से शादीशुदा रह चुके हैं और दोनों के अपने-अपने बच्चे हैं। महिला के तीन बच्चे हैं, जबकि मोहम्मद उमर छह बच्चों के पिता हैं।

इसके अलावा दोनों ने पहले परिवार से छिपकर निकाह किया और कोर्ट मैरिज की। बाद में गांव की पंचायत में मामला पहुंचने के बाद दोनों को साथ रहने की सामाजिक मंजूरी मिली।

दोनों ने अपनी मर्जी से साथ रहने का फैसला किया

पंचायत में दोनों ने साथ रहने की इच्छा जाहिर की। उपलब्ध रिपोर्ट में किसी जबरदस्ती या दबाव की बात सामने नहीं आई है। परिवार की ओर से भी महिला के फैसले का विरोध नहीं किए जाने की बात कही गई है।

ऐसे में यह मामला एक अलग तरह की सामाजिक परिस्थिति को सामने लाता है, जहां दोनों पहले से अपने बच्चों की जिम्मेदारी निभा रहे हैं और अब नए वैवाहिक रिश्ते के साथ आगे बढ़ने का फैसला कर चुके हैं।

निष्कर्ष

मुरादाबाद के भोजपुर क्षेत्र के रानी नागल गांव में तीन बच्चों की मां तबस्सुम और छह बच्चों के पिता मोहम्मद उमर का निकाह चर्चा का विषय बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार दोनों की मुलाकात करीब तीन साल पहले हुई थी, जिसके बाद उनका रिश्ता प्रेम में बदल गया। दोनों ने पहले परिवार से छिपकर निकाह किया और फिर कोर्ट मैरिज की। बाद में गांव में पंचायत हुई, जहां दोनों ने साथ रहने की इच्छा जताई और उन्हें सामाजिक मंजूरी मिल गई।

इस निकाह के बाद दोनों परिवारों के कुल नौ बच्चे हैं। अब दोनों ने अपने बच्चों के साथ नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया है।

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