UP Floods: प्रयागराज में बाढ़ का खतरा बढ़ा, टोंस-बेलन के बाद गंगा-यमुना का जलस्तर भी लगातार ऊपर
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगातार बारिश के बीच बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। गंगा और यमुना के साथ टोंस और बेलन नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) की चेतावनी के बाद नदी किनारे बसे इलाकों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
टोंस और बेलन नदी को लेकर जारी हुई चेतावनी
प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी की रफ्तार गुरुवार शाम कुछ धीमी जरूर हुई, लेकिन स्थिति अभी सामान्य नहीं हुई है। इसी बीच केंद्रीय जल आयोग ने टोंस और बेलन नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर चेतावनी जारी की।
CWC के मुताबिक दोनों नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और आने वाले समय में इसमें और बढ़ोतरी की आशंका है। इसके बाद प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट
प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से जरूरत पड़ने पर अपने घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह के अनुसार प्रभावित इलाकों के लोगों को प्रशासन की ओर से उपलब्ध वैकल्पिक स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी तरह की जान-माल की हानि से बचा जा सके।
प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए निगरानी भी बढ़ा दी है।
कोरांव में 7 परिवार शिविरों में पहुंचे
बाढ़ के खतरे को देखते हुए कोरांव क्षेत्र में 7 परिवारों के 27 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। नदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी होने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है।
गंगा और यमुना का जलस्तर भी बढ़ रहा
प्रयागराज में सिर्फ टोंस और बेलन ही नहीं, बल्कि गंगा और यमुना का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है।
गुरुवार सुबह आठ बजे के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में नैनी में यमुना के जलस्तर में 25 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज हुई। वहां जलस्तर 79.93 मीटर पहुंच गया था।
इसी अवधि में फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 26 सेंटीमीटर बढ़कर 80.57 मीटर और छतनाग में गंगा का जलस्तर 23 सेंटीमीटर बढ़कर 79.54 मीटर दर्ज किया गया।
रात तक भी बढ़ता रहा जलस्तर
गुरुवार रात आठ बजे के आंकड़ों में भी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- नैनी: यमुना 80.03 मीटर
- फाफामऊ: गंगा 80.62 मीटर
- छतनाग: गंगा 79.65 मीटर
हालांकि शाम के मुकाबले कुछ स्थानों पर बढ़ोतरी की रफ्तार कम हुई, लेकिन प्रशासन को अभी राहत की स्थिति नहीं दिखाई दे रही है।
पुलिस प्रशासन भी हुआ अलर्ट
बाढ़ की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन को भी सतर्क कर दिया गया है। नदी किनारे और संवेदनशील इलाकों में पुलिस टीमें गश्त करेंगी।
प्रशासन की ओर से लाउड हेलर के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और नदियों में स्नान न करने की अपील की जाएगी। अधिकारियों ने संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
नदी में जाने से बचने की अपील
बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन ने लोगों से नदियों के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचने को कहा है।
पिछले दो दिनों में नदी में डूबने की तीन घटनाएं भी सामने आईं। इनमें एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो युवकों को PAC जवानों की तत्परता से बचाया गया।
इस घटना के बाद प्रशासन की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों और युवाओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
भारी बारिश ने बढ़ाई चिंता
प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण नदियों में पानी बढ़ रहा है। गंगा और यमुना के साथ सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
प्रशासन अब नदियों के जलस्तर और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। आने वाले घंटों में जलस्तर में होने वाला बदलाव बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।
राहत और बचाव की तैयारियां
प्रशासन की प्राथमिकता नदी किनारे बसे लोगों को सुरक्षित रखना है। संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ाई गई है और जरूरत पड़ने पर लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अगर उनके क्षेत्र में पानी तेजी से बढ़ रहा है तो वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
प्रयागराज में फिलहाल क्या स्थिति है?
फिलहाल प्रयागराज में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है, जबकि टोंस और बेलन को लेकर केंद्रीय जल आयोग की चेतावनी ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है।
हालांकि जलस्तर बढ़ने की रफ्तार कुछ स्थानों पर धीमी हुई है, लेकिन प्रशासन इसे राहत की स्थिति नहीं मान रहा है।
निष्कर्ष
प्रयागराज में गंगा, यमुना, टोंस और बेलन नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। केंद्रीय जल आयोग की चेतावनी के बाद नदी किनारे के इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
कोरांव में सात परिवारों के 27 लोग पहले ही राहत शिविरों में पहुंच चुके हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं।
लोगों से अपील की गई है कि वे नदी किनारे जाने से बचें और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन द्वारा बताए गए सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
FAQs
प्रयागराज में बाढ़ का खतरा क्यों बढ़ रहा है?
लगातार बारिश और गंगा, यमुना, टोंस तथा बेलन नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण प्रयागराज में बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है।
किन नदियों को लेकर चेतावनी जारी हुई है?
केंद्रीय जल आयोग ने खास तौर पर टोंस और बेलन नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर चेतावनी जारी की है।
क्या गंगा और यमुना का जलस्तर भी बढ़ रहा है?
हां। नैनी में यमुना और फाफामऊ तथा छतनाग में गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
क्या लोग राहत शिविरों में पहुंचाए गए हैं?
हां। कोरांव में सात परिवारों के 27 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों को क्या सलाह दी है?
नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने, जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने और नदियों में स्नान करने से बचने की सलाह दी गई है।
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