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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: चंपत राय को भेजा गया था चोरी का वीडियो, 21 दिन तक उनकी सुपुर्दगी में रहा माल

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
8 October 2026 12:10 PM 1 मिनट पठन 1213 Views
राम मंदिर चढ़ावा चोरी: चंपत राय को भेजा गया था चोरी का वीडियो, 21 दिन तक उनकी सुपुर्दगी में रहा माल

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम की कथित चोरी के मामले में पुलिस की चार्जशीट से कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच के मुताबिक, चोरी की घटना सामने आने के शुरुआती चरण में ही तत्कालीन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को इसकी जानकारी दे दी गई थी। उन्हें चोरी से संबंधित वीडियो और संदेश मोबाइल पर भेजे गए थे। इसके बाद बरामद चोरी का माल कुछ समय के लिए उनकी सुपुर्दगी में रहा।

चंपत राय को मोबाइल पर भेजा गया था वीडियो

पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, 4 जून 2026 को गणना कक्ष में चढ़ावे की रकम की चोरी का मामला सामने आया। उस समय दिल्ली से अयोध्या ट्रेन से आ रहे चंपत राय को गणना कर्मी आनंद कुमार चौधरी ने मोबाइल पर एक वीडियो और लिखित संदेश भेजा।

वीडियो में बाथरूम के अंदर नोटों की गड्डियां दिखाई दे रही थीं। चार्जशीट के मुताबिक, वहां करीब 2.25 लाख रुपये रखे मिले थे। संदेश के जरिए चंपत राय को यह भी बताया गया कि कुछ कर्मचारी कई दिनों से चढ़ावे की रकम चोरी कर रहे थे।

अगले दिन दिखाए गए CCTV फुटेज

चार्जशीट में दर्ज विवरण के मुताबिक, 5 जून को अयोध्या पहुंचने के बाद चंपत राय के कारसेवकपुरम स्थित आवास पर ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोग पहुंचे। वहां लैपटॉप के जरिए गणना कक्ष के CCTV फुटेज दिखाए गए।

पुलिस की जांच के अनुसार, इन फुटेज में गणना कर्मचारी चढ़ावे की रकम गिनते समय कथित तौर पर पैसे निकालते हुए दिखाई दे रहे थे। मामले की जांच में CCTV फुटेज के अलावा मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेनदेन और बरामदगी को भी साक्ष्य के तौर पर शामिल किया गया है।

चोरी का माल 21 दिन तक चंपत राय की सुपुर्दगी में रहा

Live Hindustan की रिपोर्ट के मुताबिक, चार्जशीट में यह भी उल्लेख है कि चोरी से संबंधित बरामद रकम, अन्य मुद्रा और आभूषण कुछ समय के लिए चंपत राय की सुपुर्दगी में रहे। बाद में सहमति पत्र और सुपुर्दगीनामा तैयार कर सामान को ट्रस्ट के लॉकर में रखवाया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, कुल 21 दिन तक चोरी का माल चंपत राय की सुपुर्दगी में रहा। बाद में FIR दर्ज होने और पुलिस की जांच शुरू होने के बाद पुलिस ने ट्रस्ट के लॉकर से संबंधित सामान को अपने कब्जे में लिया।

बाथरूम से कैसे बरामद हुए 2.25 लाख रुपये?

पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, गणना कक्ष में कर्मचारियों को चोरी का शक होने के बाद गेट पर चेकिंग शुरू की गई थी। चेकिंग की जानकारी मिलने के बाद कथित तौर पर कुछ आरोपियों ने चोरी की रकम को बाथरूम में छिपा दिया।

तलाशी के दौरान वहां से 2.25 लाख रुपये बरामद हुए। इसी घटना के बाद मामले की जांच आगे बढ़ी और CCTV फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की गई।

आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट

पुलिस की SIT ने मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। रिपोर्टों के अनुसार आरोपियों पर आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण कानून की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। चार्जशीट करीब 74 हजार पन्नों की बताई गई है।

जिन आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनमें अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामशंकर मिश्रा, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव के नाम शामिल हैं।

79 लाख से ज्यादा की बरामदगी का दावा

जांच एजेंसी के मुताबिक, सात आरोपियों से करीब 79.85 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई। इसके अलावा जांच में अन्य मुद्रा और आभूषण बरामद होने का भी उल्लेख है।

चार्जशीट में CCTV फुटेज को अहम साक्ष्य बताया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला कई मौकों पर चढ़ावे की रकम हटाते हुए CCTV में दिखाई दिया।

चंपत राय आरोपी नहीं, गवाह बनाए गए

इस मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि पुलिस की चार्जशीट में चंपत राय को आरोपी नहीं बनाया गया है। उन्हें मामले में गवाह के तौर पर शामिल किया गया है। इसी तरह अनिल मिश्रा और गोपाल राव के नाम भी गवाहों में हैं। चार्जशीट में कुल 133 गवाहों का उल्लेख होने की जानकारी सामने आई है।

इसलिए चार्जशीट में चंपत राय को वीडियो मिलने और चोरी का माल उनकी सुपुर्दगी में रहने की बात सामने आने को उनके खिलाफ अपराध सिद्ध होने के रूप में नहीं देखा जा सकता। उनकी भूमिका को लेकर जो भी सवाल या दावे हैं, उनका मूल्यांकन अदालत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।

25 जून को दर्ज हुई थी FIR

जांच के घटनाक्रम के अनुसार, 3 और 4 जून को चोरी की घटनाएं सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय SIT गठित की थी। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद 25 जून 2026 को राम जन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से FIR दर्ज कराई गई।

इसके बाद पुलिस ने CCTV फुटेज, मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों की जांच की। इसी जांच के आधार पर आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई।

अब अदालत में होगी मामले की आगे की सुनवाई

चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले की कानूनी प्रक्रिया अदालत में आगे बढ़ेगी। पुलिस की जांच में सामने आए आरोपों और साक्ष्यों पर अदालत में विचार किया जाएगा।

फिलहाल चार्जशीट में दर्ज तथ्यों के अनुसार, चढ़ावे की रकम की कथित चोरी के मामले में आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है, जबकि चंपत राय समेत कुछ प्रमुख लोगों को गवाह के तौर पर शामिल किया गया है।

नोट: चार्जशीट में दर्ज आरोप और पुलिस की जांच के निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। अंतिम दोषसिद्धि अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगी।

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